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त्योहार की छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई: दिवाली-छठ के बाद स्कूल लौटने की तैयारी, रूटीन और स्क्रीन टाइम

धनतेरस से छठ तक लगातार त्योहार, यात्रा और मेहमानों के बीच बच्चों की नींद, पढ़ाई और खाने का रूटीन गड़बड़ा जाता है। जानिए छुट्टियों में बिना दबाव के थोड़ी पढ़ाई, स्क्रीन टाइम की सीमा और स्कूल लौटने से पहले रूटीन कैसे सुधारें।

त्योहार की छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई और रूटीन के टिप्स का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • इस बार धनतेरस 6 नवंबर, दिवाली 8 नवंबर, भाई दूज 11 नवंबर और छठ 13 से 16 नवंबर तक है।
  • त्योहार बच्चों के लिए परिवार, परंपरा और खुशी का समय है। इसलिए पूरा दिन पढ़ाई का दबाव न डालें।
  • छुट्टियों में मोबाइल, टीवी और गेम का समय अक्सर बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित रखने और शारीरिक गतिविधि बढ़ाने की सलाह देता है।
  • 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए छुट्टी में रोज का एक छोटा पढ़ाई का कार्यक्रम रखें, पर त्योहार में शामिल होने की छूट भी दें।

इस बार धनतेरस 6 नवंबर, दिवाली 8 नवंबर, भाई दूज 11 नवंबर और छठ 13 से 16 नवंबर तक है। कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां भी इन्हीं दिनों में पड़ती हैं। लगातार त्योहार, यात्रा, रिश्तेदारों से मिलना और देर रात तक जागने से बच्चों का रूटीन बिगड़ जाता है, और स्कूल खुलने पर उन्हें पढ़ाई में लौटने में दिक्कत होती है। जानिए त्योहार की छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई और रूटीन कैसे संभालें।

छुट्टी को छुट्टी रहने दें

त्योहार बच्चों के लिए परिवार, परंपरा और खुशी का समय है। इसलिए पूरा दिन पढ़ाई का दबाव न डालें। रोज थोड़ी, हल्की पढ़ाई का लक्ष्य रखें, जैसे आधा से एक घंटा, बच्चे की उम्र और कक्षा के हिसाब से।

मुख्य बातें: त्योहार की छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई और रूटीन के टिप्स का ग्राफिक
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होमवर्क की योजना

  • छुट्टी के पहले दिन ही होमवर्क की सूची बना लें
  • उसे छुट्टी के दिनों में बांट दें, आखिरी दो दिनों के लिए न छोड़ें
  • त्योहार वाले दिनों को पढ़ाई से मुक्त रखें
  • यात्रा में किताब की जगह कहानी की किताब या पहेलियां रखें

त्योहार से सीखना

छुट्टियां भी सीखने का मौका हैं:

  • रंगोली और दीये सजाने से रचनात्मकता
  • मिठाई बनाते समय नाप-तौल से गणित
  • छठ और दिवाली की कथाओं से इतिहास और संस्कृति
  • बुजुर्गों से लोकगीत और कहानियां सुनना
  • बच्चों से त्योहार पर डायरी या छोटा निबंध लिखवाना

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नींद का ध्यान

देर रात तक जागने से बच्चों में चिड़चिड़ापन और थकान होती है। त्योहार वाली रातों के अलावा बाकी दिनों में सोने और जागने का समय लगभग तय रखें।

स्क्रीन टाइम

छुट्टियों में मोबाइल, टीवी और गेम का समय अक्सर बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित रखने और शारीरिक गतिविधि बढ़ाने की सलाह देता है।

  • स्क्रीन के लिए रोज का एक तय समय रखें
  • खाने के समय और सोने से पहले स्क्रीन बंद
  • बाहर खेलने, साइकिल चलाने और परिवार के साथ खेलों को बढ़ावा दें
  • फोन पर पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करें

खाने का रूटीन

त्योहार पर मिठाई और तला-भुना खाना बढ़ जाता है। बच्चों को मिठाई सीमित मात्रा में दें, फल, दाल, सब्जी और पानी पर्याप्त हो।

स्कूल लौटने से 2-3 दिन पहले

  • सोने और जागने का समय स्कूल के हिसाब से कर दें
  • बस्ता, यूनिफॉर्म और किताबें तैयार कर लें
  • होमवर्क एक बार जांच लें
  • बच्चे से स्कूल के बारे में बात करें, ताकि वह मानसिक रूप से तैयार हो

बोर्ड परीक्षा वाले बच्चे

10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए छुट्टी में रोज का एक छोटा पढ़ाई का कार्यक्रम रखें, पर त्योहार में शामिल होने की छूट भी दें। लगातार दबाव से तनाव बढ़ता है।

बच्चा पढ़ने से मना करे तो?

जबरदस्ती की बजाय छोटे लक्ष्य दें और पूरा होने पर तारीफ करें। पढ़ाई को खेल या कहानी से जोड़ें।

स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): बच्चों की शारीरिक गतिविधि और स्क्रीन टाइम, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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