दिवाली की तैयारी में बच्चे भी शामिल होना चाहते हैं। सफाई और रसोई के काम में उनकी भूमिका सीमित होती है, लेकिन सजावट में वे खूब मदद कर सकते हैं। मिट्टी के दीयों को रंगना ऐसी ही गतिविधि है, जो आसान भी है और बच्चों को त्योहार से जोड़ती भी है। जानिए बच्चों के साथ दीया पेंटिंग कैसे करें।
जरूरी सामान
- मिट्टी के सादे दीये, स्थानीय कुम्हार से
- पानी वाले और गैर-विषैले रंग, जैसे पोस्टर या एक्रेलिक रंग
- अलग-अलग मोटाई के ब्रश
- गोंद, गोटा, छोटे शीशे, मोती और ग्लिटर
- पुराने अखबार, ताकि फर्श खराब न हो
- पानी का गिलास और कपड़ा
- पुरानी शर्ट या एप्रन, ताकि कपड़े खराब न हों

दीये तैयार करें
नए दीयों को पहले पानी में कुछ घंटे भिगोकर धूप में सुखा लें। इससे मिट्टी की धूल निकल जाती है और रंग अच्छे से चढ़ता है। सूखे दीयों पर पहले सफेद या हल्का बेस रंग लगाएं, जिससे बाकी रंग ज्यादा चमकते हैं।
उम्र के हिसाब से काम
- 3 से 5 साल के बच्चे: एक रंग से पूरा दीया रंगना, उंगलियों से बिंदी लगाना
- 6 से 9 साल के बच्चे: दो-तीन रंग, बिंदी और रेखाओं के डिजाइन, गोटा चिपकाना
- 10 साल से बड़े बच्चे: फूल-पत्ती, रंगोली जैसे डिजाइन, शीशे और मोतियों का काम
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आसान डिजाइन
- किनारे पर एक रंग की पट्टी और बीच में बिंदियां
- ईयरबड से बनी बिंदियों का फूल
- ज़िगज़ैग या लहर वाली रेखाएं
- स्वास्तिक, ओम या शुभ चिह्न
- दीये के बाहर की तरफ छोटे शीशे चिपकाना
दीये के अंदर, जहां तेल और बाती रहती है, वहां रंग न लगाएं। रंग गर्म होने पर धुआं या गंध दे सकता है।
दूसरे छोटे क्राफ्ट
- कागज या पुराने कार्ड से तोरण
- अखबार और रंगीन कागज की कंदील
- दिवाली के बधाई कार्ड, जो रिश्तेदारों को दिए जा सकते हैं
- चावल या फूलों से छोटी रंगोली
- पुरानी चूड़ियों से दीये का स्टैंड
रंग सूखने दें
रंगे हुए दीयों को कम से कम एक दिन सूखने दें। सूखने के बाद इन्हें तेल और बाती डालकर इस्तेमाल किया जा सकता है, या सजावट के लिए रखा जा सकता है।
सुरक्षा का ध्यान
- रंग और गोंद गैर-विषैले हों, पैकेट पर यह जानकारी देखें
- छोटे बच्चों को शीशे, मोती और छोटी चीजें बड़ों की निगरानी में दें, ताकि वे मुंह में न डालें
- ग्लिटर आंखों में न जाए
- काम के बाद बच्चों के हाथ अच्छी तरह धुलवाएं
- दीया जलाने का काम बड़े ही करें, बच्चों को जलते दीये के पास अकेला न छोड़ें
स्थानीय कारीगरों का साथ
मिट्टी के दीये स्थानीय कुम्हारों से खरीदने से उनकी आजीविका को सहारा मिलता है। बच्चों को यह भी बताएं कि ये दीये कैसे बनते हैं। खादी और ग्रामोद्योग आयोग भी कुम्हारों के लिए कार्यक्रम चलाता है।
क्या पेंट किए दीये जलाना सुरक्षित है?
बाहर की तरफ रंगे दीये जलाए जा सकते हैं, लेकिन अंदर रंग न हो। अगर रंग की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो रंगे दीयों को केवल सजावट के लिए रखें।
स्रोत: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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