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दूध पेड़ा रेसिपी: दिवाली के लिए घर पर दूध या खोये से पेड़ा बनाने का आसान तरीका और रखने के टिप्स

पेड़ा पूजा के भोग और मेहमानों के लिए सबसे आसान मिठाइयों में से एक है। जानिए फुल क्रीम दूध से खोया बनाकर और बाजार के खोये से पेड़ा बनाने के दो तरीके, सामग्री, गलतियों से बचाव और सुरक्षित रखने का तरीका।

घर पर दूध पेड़ा बनाने की रेसिपी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • पेड़ा उत्तर भारत की सबसे पुरानी और लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है।
  • दूध से बनी मिठाइयां जल्दी खराब होती हैं। घर के बने पेड़े को एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में रखें।
  • मथुरा जैसा भूरा पेड़ा बनाना हो, तो खोये को धीमी आंच पर ज्यादा देर तक भूनें, जब तक उसका रंग हल्का भूरा न हो जाए।
  • हां, मिल्क पाउडर, घी और दूध से भी जल्दी पेड़ा बनाया जाता है, लेकिन स्वाद और बनावट खोये वाले पेड़े से थोड़ी अलग होती है।

पेड़ा उत्तर भारत की सबसे पुरानी और लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है। मथुरा का पेड़ा तो दूर-दूर तक मशहूर है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के भोग और मेहमानों के स्वागत के लिए पेड़ा एक अच्छा विकल्प है। बाजार में मिलावट की आशंका से बचना हो, तो घर पर कम सामग्री में पेड़ा बनाया जा सकता है। यहां दूध पेड़ा रेसिपी के दो तरीके दिए गए हैं।

सामग्री

करीब 15 से 18 पेड़ों के लिए:

  • फुल क्रीम दूध: 1 लीटर, या ताजा खोया: लगभग 250 ग्राम
  • पिसी चीनी: स्वाद के अनुसार, आमतौर पर खोये की मात्रा का एक चौथाई से एक तिहाई
  • इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
  • घी: एक छोटा चम्मच
  • सजावट के लिए पिस्ता या केसर, वैकल्पिक
मुख्य बातें: घर पर दूध पेड़ा बनाने की रेसिपी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

तरीका 1: दूध से खोया बनाकर

  • भारी तले की कड़ाही में दूध उबालें
  • आंच मध्यम रखें और लगातार चलाते रहें, ताकि दूध तले में न लगे
  • किनारों पर जमने वाली मलाई को भी खुरचकर दूध में मिलाते रहें
  • दूध गाढ़ा होकर गुंथे आटे जैसा हो जाए, तो आंच धीमी करें
  • इसमें घी डालकर कुछ मिनट और भूनें, जब तक मिश्रण कड़ाही छोड़ने लगे
  • यह खोया तैयार है। इसमें करीब 40 से 50 मिनट लगते हैं

तरीका 2: बाजार के खोये से

  • ताजा खोया भरोसेमंद दुकान से लें और उसे सूंघकर देख लें
  • खोये को हाथ से मसलकर कड़ाही में डालें
  • धीमी आंच पर 5 से 8 मिनट तक भूनें, जब तक हल्की खुशबू आने लगे
  • ज्यादा न भूनें, वरना पेड़ा सख्त हो जाएगा

यह भी पढ़ें: कलाकंद रेसिपी: दूध और पनीर से घर पर दानेदार कलाकंद बनाने का आसान तरीका | मिठाई में मिलावट की जांच: खोया, चांदी का वर्क और रंग असली हैं या नहीं, FSSAI के बताए घरेलू तरीके

पेड़ा बनाना

  • भुने खोये को आंच से उतारकर थोड़ा ठंडा होने दें, इतना कि हाथ से छू सकें
  • इसमें पिसी चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं
  • अच्छी तरह मसलकर चिकना कर लें
  • छोटी-छोटी लोई लेकर गोल करें और हथेली से हल्का दबाकर पेड़े का आकार दें
  • ऊपर पिस्ता या केसर लगाएं
  • कमरे के तापमान पर कुछ देर रखें, ताकि पेड़ा सेट हो जाए

आम गलतियां

  • गर्म खोये में चीनी मिलाने से मिश्रण पतला हो जाता है, इसलिए थोड़ा ठंडा होने दें
  • दानेदार चीनी से पेड़ा चिकना नहीं बनता, पिसी चीनी इस्तेमाल करें
  • तेज आंच पर दूध जल्दी तले में लग जाता है और स्वाद कड़वा होता है

कितने दिन तक रखें

दूध से बनी मिठाइयां जल्दी खराब होती हैं। घर के बने पेड़े को एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में रखें। कुछ दिन के भीतर खा लें। गंध या स्वाद बदला लगे, तो न खाएं। भोग के लिए पूजा से एक दिन पहले बनाना ठीक रहता है।

भूरा पेड़ा

मथुरा जैसा भूरा पेड़ा बनाना हो, तो खोये को धीमी आंच पर ज्यादा देर तक भूनें, जब तक उसका रंग हल्का भूरा न हो जाए। इसमें धैर्य चाहिए और लगातार चलाना जरूरी है।

क्या मिल्क पाउडर से पेड़ा बन सकता है?

हां, मिल्क पाउडर, घी और दूध से भी जल्दी पेड़ा बनाया जाता है, लेकिन स्वाद और बनावट खोये वाले पेड़े से थोड़ी अलग होती है।

स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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