दिवाली पर मिठाई के बिना त्योहार अधूरा लगता है। लेकिन इस समय मांग बढ़ने के साथ खोया, दूध और मिठाइयों में मिलावट की खबरें भी आती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने DART नाम की एक पुस्तिका जारी की है, जिसमें खाने की चीजों में आम मिलावट जांचने के आसान घरेलू तरीके बताए गए हैं। ये तरीके शुरुआती जांच के लिए हैं, पक्की जांच प्रयोगशाला में ही होती है। जानिए मिठाई में मिलावट की जांच कैसे करें।
खोये में स्टार्च की जांच
खोये में कई बार स्टार्च मिलाया जाता है। FSSAI के बताए तरीके के अनुसार:
- थोड़ा सा खोया पानी में डालकर उबालें
- ठंडा होने पर इसमें आयोडीन के घोल की कुछ बूंदें डालें
- अगर रंग नीला हो जाए, तो उसमें स्टार्च होने की संभावना है
- असली खोये में रंग नीला नहीं होता
आयोडीन का घोल दवा की दुकान पर मिल जाता है।

चांदी के वर्क की जांच
मिठाई पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क में कई बार एल्युमिनियम का इस्तेमाल होता है।
- वर्क का थोड़ा सा हिस्सा उंगलियों के बीच रगड़ें
- असली चांदी का वर्क रगड़ने पर पूरी तरह गायब हो जाता है
- एल्युमिनियम का वर्क रगड़ने पर छोटी गोली जैसा बन जाता है
रंगों का ध्यान
बहुत चटक, चमकदार रंग वाली मिठाइयों में अनुमति से ज्यादा या गैर-अनुमत रंग हो सकते हैं। FSSAI ने खाने में इस्तेमाल होने वाले रंगों और उनकी मात्रा की सीमा तय की है। हल्के और प्राकृतिक रंग वाली मिठाई बेहतर विकल्प है। अगर मिठाई को पानी में डालने पर रंग बहुत तेजी से निकले, तो सावधान रहें।
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दूध में मिलावट की जांच
घर पर मिठाई बनाने के लिए दूध ले रहे हों, तो DART पुस्तिका में दूध में पानी और डिटर्जेंट की जांच के तरीके भी दिए गए हैं। जैसे, दूध और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर हिलाने पर ज्यादा झाग बने, तो डिटर्जेंट की संभावना होती है।
खरीदते समय क्या देखें
- दुकान पर FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण नंबर लगा हो
- खुली मिठाई की ट्रे पर बेस्ट बिफोर यानी किस तारीख तक इस्तेमाल करें, यह लिखा होना FSSAI ने जरूरी किया है
- दुकान साफ हो और मिठाई ढककर रखी गई हो
- मिठाई से खट्टी या अजीब गंध आए, तो न लें
- पैक मिठाई पर निर्माण तारीख और सामग्री देखें
खाने के बाद परेशानी हो तो
मिठाई खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द हो, तो पानी पीते रहें और लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से मिलें। बच्चों और बुजुर्गों में ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
शिकायत कहां करें
मिलावट या खराब मिठाई की शिकायत FSSAI के Food Safety Connect ऐप, पोर्टल या टोल फ्री नंबर 1800-112-100 पर की जा सकती है। जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।
क्या घर पर बनी मिठाई ज्यादा सुरक्षित है?
घर पर साफ सामग्री से बनी मिठाई पर आपका नियंत्रण रहता है। लेकिन दूध और खोया भी भरोसेमंद जगह से लें, क्योंकि मिलावट कच्चे माल में भी हो सकती है।
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI): DART पुस्तिका। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





