FSSAI Guidelines: राशन की दुकान पर दाल और बेसन अक्सर कीमत या ब्रांड देखकर उठा लिए जाते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) (FSSAI Guidelines) का कहना है कि इन दोनों चीजों पर दो मिनट और लगाना चाहिए, क्योंकि ये रोज की थाली में जाती हैं। दाल ज्यादातर घरों में रोज बनती है। बेसन से चीला, पकौड़ी और कढ़ी तैयार होती है। गाइड में ज्यादा चमकीला रंग, कंकड़, केसरी दाल की मिलावट, अजीब गंध और कीड़े जैसी बातों पर रुकने की सलाह दी गई है।
FSSAI (FSSAI Guidelines) देश में खाने-पीने की वस्तुओं की सुरक्षा और मानक देखता है। संस्था समय-समय पर आम खरीदारों के लिए अलग-अलग खाद्य पदार्थों पर गाइड जारी करती है। दाल और बेसन वाली सलाह उसी कड़ी का हिस्सा है। इसका मतलब हर चमकदार पैकेट मिलावटी है, ऐसा नहीं। मतलब इतना है कि असामान्य रंग, गंध या दानों की मिलावट दिखे तो खरीदने से पहले एक बार रुकें।
FSSAI Guidelines: बहुत चमकीली दाल पर क्यों रुकना चाहिए
दाल का पहला संकेत उसका रंग होता है। साफ और एकसमान रंग सामान्य है। गाइड के मुताबिक कुछ मामलों में दाल को जरूरत से ज्यादा चमकीला दिखाने के लिए कृत्रिम रंग का इस्तेमाल हो सकता है। इसमें मेटानिल येलो जैसे रंग का जिक्र है। हर तेज रंग वाली दाल मिलावटी नहीं होती, लेकिन अगर रंग सामान्य से बहुत ज्यादा तीखा या अस्वाभाविक लगे, तो उसे उठाने से पहले पैकेट की बाकी जानकारी भी पढ़ लें। रोजमर्रा की खरीदारी में लैब टेस्ट संभव नहीं होता, इसलिए दिखावट ही पहला फिल्टर है।
खुली दाल में पत्थर, कंकड़, रेत, दूसरे पौधों के बीज और खराब दाने भी मिल सकते हैं। घर लाकर साफ करते समय कुछ कंकड़ निकलना आम है, लेकिन ढेर में ही ये चीजें ज्यादा नजर आ रही हों तो दूसरी दाल लेना बेहतर है। थोड़ी सी जांच खराब सामान घर आने से रोक देती है।
अरहर में केसरी दाल और बेसन में आटे की मिलावट
अरहर खरीदते समय दानों को अलग-अलग देखना गाइड में अलग से लिखा है। केसरी दाल सस्ती होती है और दिखने में अरहर जैसी लग सकती है। इसी वजह से अरहर में मिलाने की आशंका बताई गई है। एक ही पैकेट या ढेर में कुछ दाने बाकी दानों से रंग, आकार या शेप में अलग हों, तो उसे नजरअंदाज न करें।
बेसन के साथ भी यही गलती होती है। जितना पीला और साफ दिखे, उतना अच्छा मान लिया जाता है। गाइड के मुताबिक बेसन में केसरी दाल, मक्का, चावल और पीली मटर के आटे की मिलावट हो सकती है। ज्यादा पीला और आकर्षक बनाने के लिए कृत्रिम रंग भी लगाया जा सकता है। इसलिए सिर्फ रंग देखकर बेसन को अच्छी क्वालिटी का न मानें। पैकेट पर लिखी सामग्री और बाकी विवरण भी पढ़ें।
FSSAI Guidelines: दाल बहुत चमकीली हो तो क्या करें?
रंग सामान्य से बहुत तेज या अस्वाभाविक लगे तो खरीदने से पहले रुकें। FSSAI (FSSAI Guidelines) गाइड में दाल को ज्यादा चमकदार दिखाने के लिए कृत्रिम रंग, जिसमें मेटानिल येलो भी शामिल है, इस्तेमाल होने की बात कही गई है। हर चमकीली दाल मिलावटी नहीं होती। संदेह हो तो पैक्ड सामान लें और लाइसेंस नंबर तथा तारीख जांच लें।
अरहर दाल में केसरी दाल कैसे संदिग्ध मानी जाए?
केसरी दाल सस्ती होती है और अरहर जैसी दिख सकती है। गाइड में अरहर में इसके मिलाने की आशंका का जिक्र है। खरीदते समय दाने ध्यान से देखें। एक ही ढेर में कुछ दाने रंग, आकार या शेप में बाकी से अलग हों, तो उस लॉट को छोड़ देना safer है। खुली दाल में यह जांच पैक्ड दाल से आसान होती है, इसलिए खुली खरीद पर नजर ज्यादा रखें।
FSSAI Guidelines: बेसन सिर्फ पीला होने से अच्छा क्यों नहीं माना जाता?
गाइड के अनुसार बेसन में केसरी दाल, मक्का, चावल और पीली मटर के आटे की मिलावट हो सकती है। ज्यादा पीला दिखाने के लिए कृत्रिम रंग भी इस्तेमाल हो सकता है। बहुत चमकीला पीला बेसन देखते ही अच्छी क्वालिटी न मानें। पैकेट की जानकारी पढ़ें और गंध सामान्य न लगे तो न लें।
गंध, स्वाद और कीड़े पर क्या सलाह है?
अजीब या खराब गंध वाली दाल और बेसन न खरीदें। स्वाद कड़वा या बहुत किरकिरा हो तो भी इस्तेमाल से बचें। दुकान पर चखना हमेशा संभव नहीं होता, इसलिए मौके पर गंध और दिखावट देखें। घर लाकर सामान सामान्य न लगे तो उसे पकाने से पहले रोक दें। जिंदा या मरे हुए कीड़े दिखें तो वही छोड़ दें। सस्ता होने की वजह से खराब हालत वाली खुली दाल न उठाएं।
FSSAI Guidelines: पैकेट पर कौन सी बातें जरूर देखें?
गाइड पैक किए हुए दाल और बेसन को प्राथमिकता देने की सलाह देती है। सिर्फ पैकेट बंद होना काफी नहीं। FSSAI (FSSAI Guidelines) लाइसेंस नंबर, बनाने या पैक करने की तारीख और बेस्ट बिफोर डेट साफ लिखी होनी चाहिए। एगमार्क सर्टिफाइड सामान को भी प्राथमिकता देने को कहा गया है। ये निशान क्वालिटी की पूरी गारंटी नहीं, लेकिन खरीदार के पास जांच का एक आधार जरूर देते हैं।
दाल और बेसन रोज के खाने का हिस्सा हैं। बहुत चमकीला रंग, कंकड़, दूसरे तरह के दाने, कीड़े या खराब गंध दिखे तो उस लॉट को छोड़ दें। अरहर में अलग शेप के दाने और बेसन में सिर्फ पीला रंग दोनों पर अलग ध्यान रखना है। पैक्ड सामान पर लाइसेंस नंबर और तारीख पढ़ना आखिरी फिल्टर है। जल्दबाजी कम करने से मिलावटी या खराब सामान थाली तक पहुंचने की आशंका घटती है। यही बात FSSAI (FSSAI Guidelines) की इस गाइड खरीदारों तक पहुंचाना चाहती है।
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