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पैरेंटल कंट्रोल कैसे लगाएं: बच्चों के फोन पर स्क्रीन टाइम, ऐप और कंटेंट की सीमा, बातचीत भी जरूरी

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए फोन और ऐप की पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग्स, स्क्रीन टाइम, ऐप खरीद पर रोक, सेफ सर्च, गेम और सोशल मीडिया के जोखिम और भरोसे की बातचीत।

बच्चों के फोन पर पैरेंटल कंट्रोल की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • ऑनलाइन क्लास, होमवर्क और मनोरंजन के कारण आज छोटे बच्चों के हाथ में भी फोन या टैबलेट है।
  • पैरेंटल कंट्रोल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर, ऐप स्टोर और कई ऐप में मौजूद ऐसी सेटिंग्स हैं, जिनसे माता-पिता तय कर सकते हैं कि बच्चा कौन से ऐप इस्तेमाल करे, कितनी देर फोन चलाए और किस तरह का कंटेंट…
  • पैरेंटल कंट्रोल एक सहायक उपकरण है, पूरी सुरक्षा नहीं। बड़े बच्चे कई बार इन्हें बायपास करना सीख जाते हैं।
  • अगर बच्चे के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न, ब्लैकमेल या आपत्तिजनक कंटेंट से जुड़ी कोई घटना हो, तो सबूत सुरक्षित रखें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।

ऑनलाइन क्लास, होमवर्क और मनोरंजन के कारण आज छोटे बच्चों के हाथ में भी फोन या टैबलेट है। इंटरनेट सीखने का शानदार जरिया है, लेकिन इसमें बच्चों के लिए अनुचित कंटेंट, अनजान लोगों से संपर्क, ऑनलाइन गेम में पैसे खर्च होना और जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम जैसे खतरे भी हैं। पैरेंटल कंट्रोल इनमें से कई जोखिमों को कम करने में मदद करते हैं। जानिए पैरेंटल कंट्रोल कैसे लगाएं।

पैरेंटल कंट्रोल क्या है

पैरेंटल कंट्रोल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर, ऐप स्टोर और कई ऐप में मौजूद ऐसी सेटिंग्स हैं, जिनसे माता-पिता तय कर सकते हैं कि बच्चा कौन से ऐप इस्तेमाल करे, कितनी देर फोन चलाए और किस तरह का कंटेंट देखे। एंड्रॉयड और आईफोन दोनों में इसके लिए बिल्ट-इन विकल्प हैं, जो फोन की सेटिंग्स में “डिजिटल वेलबीइंग”, “फैमिली” या “स्क्रीन टाइम” जैसे नामों से मिलते हैं।

मुख्य बातें: बच्चों के फोन पर पैरेंटल कंट्रोल की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

जरूरी सेटिंग्स

  • बच्चे के लिए अलग प्रोफाइल या चाइल्ड अकाउंट बनाएं, जो आपके अकाउंट से जुड़ा हो
  • ऐप स्टोर में उम्र के हिसाब से ऐप और गेम की रेटिंग सीमा तय करें
  • ऐप डाउनलोड और खरीद के लिए आपकी मंजूरी या पासवर्ड जरूरी करें
  • रोज के स्क्रीन टाइम की सीमा और सोने के समय फोन बंद होने का समय तय करें
  • सर्च इंजन और वीडियो ऐप में सेफ सर्च या बच्चों वाला मोड चालू करें
  • फोन से जुड़े कार्ड या UPI की जानकारी बच्चे के प्रोफाइल से दूर रखें

ऑनलाइन गेम और सोशल मीडिया के जोखिम

कई ऑनलाइन गेम में अनजान खिलाड़ियों से चैट की सुविधा होती है और गेम के अंदर खरीदारी के जरिए पैसे खर्च होते हैं। गेम की सेटिंग्स में चैट को दोस्तों तक सीमित करें और खरीदारी पर पासवर्ड लगाएं। ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी शर्तों में न्यूनतम उम्र तय करते हैं। बच्चे का अकाउंट हो, तो उसे प्राइवेट रखें और सिखाएं कि अपना पता, स्कूल, फोटो और फोन नंबर अनजान लोगों से साझा न करें।

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सिर्फ तकनीक काफी नहीं

पैरेंटल कंट्रोल एक सहायक उपकरण है, पूरी सुरक्षा नहीं। बड़े बच्चे कई बार इन्हें बायपास करना सीख जाते हैं। इसलिए सबसे जरूरी है भरोसे वाली बातचीत। बच्चों को समझाएं कि अगर ऑनलाइन कोई उन्हें डराए, परेशान करे, गलत तस्वीरें भेजे या पैसे मांगे, तो वे बिना डर के आपको बताएं। उन्हें सजा का डर हुआ, तो वे समस्या छिपाएंगे। उम्र बढ़ने के साथ नियमों में ढील देते हुए उन्हें खुद सही फैसले लेना सिखाएं।

स्क्रीन टाइम का संतुलन

फोन को पूरी तरह बंद करने के बजाय खेलकूद, पढ़ने, परिवार के साथ समय और नींद के लिए तय समय रखें। खाना खाते समय और सोने से पहले फोन दूर रखने का नियम पूरे परिवार पर लागू करें, ताकि बच्चे बड़ों को देखकर सीखें।

समस्या हो तो कहां शिकायत करें

अगर बच्चे के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न, ब्लैकमेल या आपत्तिजनक कंटेंट से जुड़ी कोई घटना हो, तो सबूत सुरक्षित रखें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बच्चे का फोन चुपके से जांचना सही है?

बेहतर है कि नियम और निगरानी के बारे में बच्चे को पहले से बताया जाए, इससे भरोसा बना रहता है।

स्रोत: साइबर स्वच्छता केंद्र, CERT-In, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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