दिवाली के पांच दिन में खाने-पीने का सिलसिला लगातार चलता है। मेहमानों के साथ मिठाई, नमकीन, पकौड़े, पूड़ी और देर रात का भोजन। ऊपर से नींद कम होती है और भागदौड़ ज्यादा। इसका असर कई लोगों के पेट पर पड़ता है: सीने और गले में जलन, खट्टी डकारें, पेट फूलना और अपच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना, ज्यादा मात्रा में भोजन और खाने के तुरंत बाद लेटना एसिडिटी को बढ़ा सकता है। जानिए त्योहार में एसिडिटी से कैसे बचें।
एसिडिटी क्यों होती है
पेट में खाना पचाने के लिए एसिड बनता है। जब यह एसिड ऊपर की ओर, यानी भोजन नली में आने लगता है, तो सीने और गले में जलन होती है। ज्यादा भरा पेट, तला खाना, ज्यादा चाय-कॉफी, धूम्रपान, शराब और तनाव इसके आम कारण हैं।

खाने में क्या ध्यान रखें
- एक बार में बहुत ज्यादा न खाएं, थोड़ा-थोड़ा करके खाएं
- मिठाई और तली चीजें एक ही समय पर बहुत सारी न लें
- खाने में सलाद, दाल और सब्जी भी रखें
- बहुत मसालेदार और खट्टी चीजें कम लें
- खाली पेट चाय या कॉफी न पिएं
- पानी पर्याप्त पिएं, लेकिन खाने के साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं
समय का ध्यान
- रात का खाना सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले खा लें
- खाने के तुरंत बाद न लेटें और न ही सोएं
- खाने के बाद थोड़ी देर टहलें
- देर रात तक नाश्ता करते रहने से बचें
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घर पर क्या कर सकते हैं
- छाछ या सादा दही कई लोगों को आराम देता है
- सौंफ चबाने की परंपरा कई घरों में है
- सोते समय सिर की ओर थोड़ा ऊंचा तकिया रखें
- तंग कपड़े और बेल्ट ढीले करें
बार-बार एसिडिटी की दवा अपने आप लेते रहना ठीक नहीं। अगर दवा की जरूरत हर कुछ दिन में पड़ रही है, तो डॉक्टर से मिलें।
पेट फूलना और गैस
बेसन, तली चीजें, कोल्ड ड्रिंक और जल्दी-जल्दी खाने से गैस और पेट फूलने की शिकायत होती है। धीरे-धीरे चबाकर खाएं और कोल्ड ड्रिंक की जगह सादा पानी या नींबू पानी लें।
किन्हें ज्यादा सावधानी चाहिए
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज और दिल के मरीज, और जिन्हें पहले से पेट का अल्सर या गैस्ट्रिक की समस्या है, वे त्योहार में खाने पर खास ध्यान रखें और अपनी दवा समय पर लें।
कब डॉक्टर से मिलें
- सीने में दर्द, जो बाएं हाथ, जबड़े या पीठ की ओर जाए, या उसके साथ पसीना और सांस फूले, तो इसे एसिडिटी समझकर न टालें। यह दिल की समस्या भी हो सकती है, तुरंत 112 या 108 पर फोन करें
- उल्टी में खून या काले रंग का मल
- निगलने में दिक्कत
- बिना कारण वजन कम होना
- लगातार कई दिन तक पेट दर्द
क्या मिठाई से एसिडिटी होती है?
ज्यादा मीठा और घी वाला भारी खाना कई लोगों में अपच और जलन बढ़ा सकता है। मात्रा सीमित रखें और भारी भोजन के बाद तुरंत न लेटें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल (NHP), भारत सरकार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI): ईट राइट इंडिया। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





