उत्तराखंड में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, नंदा गौरा योजना, छात्रवृत्ति, शिक्षण संस्थानों में फीस छूट और कई सरकारी योजनाओं में आय प्रमाण पत्र जरूरी होता है। राज्य सरकार ने ई-सेवाओं के लिए अपणि सरकार पोर्टल शुरू किया है, जहां आय प्रमाण पत्र समेत कई सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। जानिए उत्तराखंड आय प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं।
कहां काम आता है आय प्रमाण पत्र
- समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं में
- नंदा गौरा जैसी बेटियों की योजनाओं में
- छात्रवृत्ति और फीस छूट में
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS से जुड़े लाभों में, जहां अलग EWS प्रमाण पत्र भी लगता है
- आवास और दूसरी कल्याण योजनाओं में

आवेदन के तरीके
- अपणि सरकार पोर्टल पर खुद ऑनलाइन आवेदन
- नजदीकी जन सेवा केंद्र यानी CSC से आवेदन
- तहसील कार्यालय में बने सुविधा केंद्र से
जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड
- फोटो
- स्थायी निवास या निवास का प्रमाण
- परिवार की आय का स्व-घोषणा पत्र
- नौकरी करने वालों के लिए वेतन प्रमाण पत्र
- खेती से आय हो, तो जमीन का विवरण, जैसे खतौनी
- राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल, अगर मांगी जाए
दस्तावेजों की सूची पोर्टल पर दी गई है और समय के साथ बदल सकती है।
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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- अपणि सरकार पोर्टल पर जाएं
- नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें
- लॉगिन करके राजस्व विभाग की आय प्रमाण पत्र सेवा चुनें
- फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, परिवार के सदस्य और आय के स्रोत भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- तय शुल्क ऑनलाइन जमा करें
- आवेदन संख्या संभालकर रखें
सत्यापन
आवेदन के बाद राजस्व उपनिरीक्षक या पटवारी, जिसे पहाड़ी क्षेत्रों में पटवारी व्यवस्था के तहत जाना जाता है, आय की जांच करते हैं। फिर तहसीलदार के स्तर पर प्रमाण पत्र जारी होता है। जरूरत होने पर आवेदक को मूल दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है।
प्रमाण पत्र डाउनलोड
स्वीकृति के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। इसकी सत्यता भी पोर्टल पर जांची जा सकती है। प्रमाण पत्र जारी होने की समय सीमा सेवा के अधिकार कानून के तहत तय है।
ध्यान रखें
- आय की सही जानकारी दें, गलत जानकारी पर प्रमाण पत्र रद्द हो सकता है
- कई योजनाओं में तय समय से पुराना प्रमाण पत्र नहीं चलता, इसलिए योजना के नियम देखें
- एजेंटों को अतिरिक्त पैसे न दें और शुल्क की रसीद लें
समस्या हो तो
आवेदन में देरी या गलती हो, तो तहसील कार्यालय से संपर्क करें। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
क्या स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी इसी पोर्टल से बनता है?
हां, अपणि सरकार पोर्टल पर स्थायी निवास, जाति और दूसरे प्रमाण पत्रों के लिए भी आवेदन होता है। हर सेवा के दस्तावेज अलग हैं।
कितने समय के लिए मान्य?
प्रमाण पत्र की मान्यता हर योजना के नियम पर निर्भर है। कई योजनाएं एक तय अवधि के भीतर जारी प्रमाण पत्र ही मानती हैं, इसलिए आवेदन से पहले योजना की शर्त देख लें।
स्रोत: अपणि सरकार, उत्तराखंड सरकार, राजस्व विभाग, उत्तराखंड। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





