गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट बन जाता है। ऑपरेशन, महंगी जांच या लंबे इलाज का खर्च गरीब परिवार नहीं उठा पाते। ऐसे मरीजों की मदद के लिए दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग दिल्ली आरोग्य कोष चलाता है। इसमें पात्र मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। जानिए दिल्ली आरोग्य कोष के बारे में।
योजना का मकसद
दिल्ली आरोग्य कोष का मकसद उन गरीब मरीजों को इलाज में मदद देना है, जो गंभीर या जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं और जिनका इलाज सरकारी अस्पताल में या सरकार की ओर से तय अस्पतालों में होना है। यह मदद ऑपरेशन, इम्प्लांट, जांच और दूसरे इलाज के खर्च के लिए दी जा सकती है।

पात्रता
- मरीज दिल्ली का निवासी हो और तय अवधि से दिल्ली में रह रहा हो
- परिवार की सालाना आय विभाग की तय सीमा के भीतर हो
- इलाज दिल्ली सरकार के अस्पताल या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना हो
- मरीज किसी दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजना, जैसे CGHS, से वही लाभ न ले रहा हो
आय सीमा, निवास की अवधि और सहायता की अधिकतम राशि विभाग के नियमों में तय है। ताजा शर्तें स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट या अस्पताल के संबंधित विभाग से पता करें।
जरूरी दस्तावेज
- मरीज और परिवार के मुखिया का पहचान पत्र, जैसे आधार
- दिल्ली में निवास का प्रमाण
- आय प्रमाण पत्र, जो दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से जारी हो
- सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की ओर से इलाज और खर्च का अनुमान
- राशन कार्ड, अगर हो
- फोटो
यह भी पढ़ें: दिल्ली आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं: ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज और डाउनलोड | दिल्ली जल बोर्ड नया पानी कनेक्शन: ऑनलाइन आवेदन, जरूरी दस्तावेज, शुल्क भुगतान और सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया
आवेदन कैसे करें
- मरीज का इलाज कर रहे सरकारी अस्पताल के डॉक्टर से बात करें
- अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक या संबंधित विभाग के जरिए आवेदन फॉर्म लें
- फॉर्म भरकर दस्तावेज और इलाज के अनुमान के साथ जमा करें
- आवेदन दिल्ली आरोग्य कोष की समिति को भेजा जाता है
- मंजूरी के बाद सहायता राशि सीधे अस्पताल को दी जाती है, मरीज को नकद नहीं
आपात स्थिति में अस्पताल प्रशासन से जल्दी प्रक्रिया के बारे में पूछें।
दूसरी योजनाएं भी देखें
दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी लागू है। केंद्र सरकार और प्रेस सूचना ब्यूरो की जानकारी के अनुसार दिल्ली के पात्र परिवारों को केंद्र के 5 लाख रुपये के कवर के साथ दिल्ली सरकार की ओर से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप दिया जाता है। 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग आयुष्मान वय वंदना कार्ड से इलाज करा सकते हैं। अपनी पात्रता के अनुसार सही योजना चुनें।
ध्यान रखें
- सहायता के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें
- सभी दस्तावेज की प्रतियां अपने पास रखें
- आवेदन की स्थिति अस्पताल के संबंधित विभाग से पता करते रहें
क्या निजी अस्पताल में इलाज के लिए मदद मिलती है?
सहायता आमतौर पर सरकारी अस्पतालों या योजना के तहत तय अस्पतालों में इलाज के लिए मिलती है। निजी अस्पताल से जुड़े नियम स्वास्थ्य विभाग से पुष्टि करें।
स्रोत: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, दिल्ली सरकार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





