भारत की स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पटरियों पर दौड़ती हुई दिखाई देगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि भारत अगले तीन से चार वर्षों की समय सीमा के भीतर पूरी वंदे भारत ट्रेनों का निर्यात शुरू करने की योजना बना रहा है। यह कदम न केवल भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा। वर्तमान में भारत पहले से ही इन ट्रेनों के कुछ सबसे जटिल तकनीकी हिस्सों का निर्यात दुनिया के विकसित देशों को कर रहा है।

स्वदेशी ट्रेनों के लिए वैश्विक निर्यात की योजना
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलने वाली नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के पहले परिचालन को हरी झंडी दिखाने के दौरान निर्यात योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगले कुछ वर्षों में भारत पूरी तरह से निर्मित वंदे भारत ट्रेनों का निर्यात शुरू कर देगा। मंत्री के अनुसार, यह लक्ष्य अगले तीन से चार साल के भीतर हासिल कर लिया जाएगा। यह पहल भारत सरकार के मेक इन इंडिया और विकसित भारत विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। वंदे भारत ट्रेनों का डिजाइन और निर्माण मुख्य रूप से भारत के भीतर ही किया जाता है, जो इसकी स्वदेशी पहचान को और मजबूत करता है। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन ट्रेनों का हर नया संस्करण पिछले संस्करणों से प्राप्त फीडबैक और अनुभवों के आधार पर बेहतर बनाया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तकनीकी घटकों की आपूर्ति
भारत ने पहले ही वैश्विक रेलवे बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि भारतीय रेलवे वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों के कुछ सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से जटिल घटकों का निर्यात कर रहा है। इन घटकों में ट्रेनों का प्रोपल्शन सिस्टम और बोगियां शामिल हैं। आश्चर्यजनक रूप से, इन हिस्सों का निर्यात स्विट्जरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, इटली और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों को किया जा रहा है, जो स्वयं रेलवे तकनीक में काफी उन्नत माने जाते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में विकसित की जा रही तकनीक अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा कर रही है। मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे लगातार अपने स्वदेशी ट्रेन सेटों में सुधार कर रहा है, जिससे भविष्य में पूरी ट्रेनों के निर्यात का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई स्लीपर सेवा
निर्यात योजनाओं के साथ:साथ, रेल मंत्री ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत की। यह ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को एक शानदार और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने इस सेवा के बारे में विवरण साझा करते हुए बताया कि यह 16 कोच वाली ट्रेन होगी। यह ट्रेन लगभग 1,118 किलोमीटर की कुल दूरी को मात्र 16 घंटे में तय करने में सक्षम है। इस नई सेवा के आने से यात्रियों के यात्रा समय में लगभग आठ घंटे की बड़ी कमी आने की उम्मीद है। यह बेंगलुरु से शुरू होकर उत्तर कर्नाटक के हुबली जैसे क्षेत्रों को कवर करते हुए पुणे और मुंबई तक जाएगी।
यात्री सुविधाओं और तकनीकी सुधारों पर ध्यान
वंदे भारत के स्लीपर संस्करण को विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस संस्करण में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। विशेष रूप से मिडिल और अपर बर्थ का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए डिजाइन में सुधार किया गया है ताकि उन्हें चढ़ने और बैठने में आसानी हो। इसके अलावा, ट्रेन में यात्रा के दौरान लगने वाले झटकों को कम करने के लिए एडवांस्ड कपलर का उपयोग किया गया है। यह तकनीक न केवल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाती है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश को भी हाल ही में अपनी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिली है, जो देश भर में इस नेटवर्क के विस्तार को दर्शाता है।
क्षेत्रीय संपर्क और यात्रा समय में महत्वपूर्ण कमी
बेंगलुरु:मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की नियमित सेवा 2 नवंबर को मुंबई से और 3 नवंबर को बेंगलुरु से शुरू हो रही है। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित की जाएगी। बेंगलुरु से यह ट्रेन सोमवार को छोड़कर हर शाम 7:45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। वापसी की दिशा में, यह मुंबई से रात 8:10 बजे रवाना होगी और मंगलवार को छोड़कर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। इस रूट पर ट्रेन रायचूर, यादगीर, कलबुर्गी, गुंटकल, सोलापुर और पुणे जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। यह सेवा हावड़ा:कामाख्या मार्ग के बाद भारत की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जो देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों के बीच ओवरनाइट कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगी।
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स्रोत: Aaj Tak





