केरलम विधानसभा पच्चीस राज्यों के लोक लेखा समिति (पीएसी) अध्यक्षों के एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया जाएगा, जिसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के लगभग तीन सौ जन प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह पहली बार है जब केरलम राज्य इस प्रकार के विशिष्ट विधायी सम्मेलन का आयोजन कर रहा है, जो संसदीय जवाबदेही और सार्वजनिक वित्त के निरीक्षण पर केंद्रित है।

राष्ट्रीय सम्मेलन का अवलोकन और उद्घाटन विवरण
केरलम विधानसभा परिसर में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय सम्मेलन 3 नवंबर और 4 नवंबर को संपन्न होगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगी, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, उद्घाटन समारोह से पहले ओम बिरला को विधानसभा परिसर में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए पच्चीस राज्यों से लोक लेखा समितियों के अध्यक्ष और अन्य सदस्य तिरुवनंतपुरम पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर, लगभग तीन सौ सार्वजनिक प्रतिनिधियों, जिनमें विभिन्न राज्यों के सांसद और विधायक शामिल हैं, के इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने की संभावना है। यह आयोजन विधायी प्रक्रियाओं और सार्वजनिक धन के उपयोग की निगरानी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
विधायी प्रक्रियाएं और आयोजन स्थल की व्यवस्था
विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सोमवार, 2 नवंबर, 2026 को तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस सम्मेलन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के उद्घाटन और समापन समारोह विधानसभा परिसर के भीतर स्थित शंकरनारायणन थम्पी मेंबर्स लाउंज में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, यानी पूर्ण सत्र (Plenary sessions), मुख्य विधानसभा हॉल के भीतर आयोजित किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने एक विशेष प्रक्रियात्मक विवरण का उल्लेख करते हुए बताया कि नियम पुस्तिका के अनुसार, विधानसभा हॉल के भीतर विधायी कार्यों के अलावा किसी अन्य कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं होती है। इस प्रतिबंध को हटाने और सम्मेलन के सुचारू संचालन के लिए, उन्होंने पिछले सप्ताह संपन्न हुए सत्र में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव को सदन के सभी सदस्यों ने अनुकूल प्रतिक्रिया दी और इसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया, जिससे विधानसभा हॉल में सत्र आयोजित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
लोक लेखा समिति का संवैधानिक अधिदेश और कार्य
सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने लोक लेखा समिति (पीएसी) की संवैधानिक भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत, पीएसी का प्राथमिक उत्तरदायित्व भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्टों की गहन जांच करना है। इन रिपोर्टों की जांच करने के बाद, समिति अपनी सिफारिशें और निष्कर्ष विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करती है। यह प्रक्रिया सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। पीएसी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि सार्वजनिक धन का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया गया है जिसके लिए उसे विधायी मंजूरी मिली थी। इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न राज्यों की समितियों को अपने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का अवसर मिलेगा।
विधायी निरीक्षण में केरलम का नेतृत्व और प्रदर्शन
केरलम राज्य के लिए यह गर्व का विषय है कि वह पहली बार इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि केरलम की लोक लेखा समिति का प्रदर्शन देश में उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने बताया कि केरलम की पीएसी वह समिति है जिसने अब तक की सबसे अधिक सीएजी रिपोर्टों की जांच की है और उन्हें विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि राज्य की विधायी सक्रियता और वित्तीय निरीक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। केरलम द्वारा इस सम्मेलन की मेजबानी करना न केवल राज्य की विधायी परंपराओं का सम्मान है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण पेश करता है कि कैसे विधायी समितियां शासन में सुधार के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं।
विशिष्ट अतिथि और सम्मेलन की रूपरेखा
सम्मेलन के दौरान कई प्रमुख व्यक्तित्व अपने विचार साझा करेंगे और चर्चाओं का नेतृत्व करेंगे। उद्घाटन और अन्य सत्रों में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की उपस्थिति महत्वपूर्ण होगी, जो सभा को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त, संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के.सी. वेणुगोपाल भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। केरलम पीएसी के वर्तमान अध्यक्ष के.एन. बालगाोपाल भी वक्ताओं की सूची में शामिल हैं, जो राज्य की समिति के कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालेंगे। सम्मेलन का समापन भी शंकरनारायणन थम्पी मेंबर्स लाउंज में होगा, जहां दो दिनों के दौरान हुई चर्चाओं का सारांश प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन न केवल पच्चीस राज्यों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि संसदीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
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स्रोत: The Hindu





