रसमलाई बंगाल से निकली ऐसी मिठाई है, जो अब पूरे देश में त्योहारों और खास मौकों पर बनाई जाती है। नरम छेना की टिक्कियां, जो केसर और इलायची वाली गाढ़ी रबड़ी में डूबी होती हैं, ठंडी परोसी जाती हैं। बाजार में यह जल्दी खराब होने वाली मिठाई है, इसलिए घर पर ताजा बनाना बेहतर रहता है। जानिए रसमलाई रेसिपी।
सामग्री
करीब 12 से 14 रसमलाई के लिए।
छेना के लिए:
- फुल क्रीम दूध: 1 लीटर
- नींबू का रस या सिरका: 2 से 3 बड़े चम्मच, थोड़े पानी में मिलाकर
चाशनी के लिए:
- चीनी: 1 कप
- पानी: 4 कप
रबड़ी के लिए:
- फुल क्रीम दूध: 1 लीटर
- चीनी: एक तिहाई कप या स्वाद अनुसार
- केसर: कुछ धागे, गर्म दूध में भिगोए
- इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- बारीक कटे पिस्ता और बादाम

छेना बनाएं
- दूध उबालें और उबाल आने पर आंच बंद कर दें
- एक-दो मिनट रुककर धीरे-धीरे नींबू का पानी डालें और चलाएं
- दूध फट जाए और हरा पानी अलग हो जाए, तो रुक जाएं
- छेना को मलमल के कपड़े में छान लें और ठंडे पानी से धो दें, ताकि नींबू का खट्टापन निकल जाए
- कपड़े को बांधकर करीब आधा घंटा लटका दें, ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए। छेना न बहुत गीला हो, न बहुत सूखा
छेना मसलना
- छेना को थाली में निकालें
- हथेली से 8 से 10 मिनट तक मसलें, जब तक यह बिल्कुल चिकना न हो जाए और हाथ पर हल्की चिकनाई महसूस हो
- इससे छोटी-छोटी गोलियां बनाकर हल्का चपटा करें, किनारों पर दरार न हो
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चाशनी में पकाना
- चौड़े बर्तन में चीनी और पानी उबालें
- उबलती चाशनी में टिक्कियां डालें और ढक दें
- तेज आंच पर करीब 10 से 12 मिनट पकाएं, टिक्कियां फूलकर दोगुनी हो जाएंगी
- आंच बंद करके इन्हें चाशनी में ही ठंडा होने दें
रबड़ी बनाना
- दूसरी कड़ाही में दूध उबालें और आधा रह जाने तक धीमी आंच पर पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें
- चीनी, केसर और इलायची डालकर कुछ मिनट और पकाएं
- आंच बंद करके ठंडा होने दें
रसमलाई तैयार करें
- ठंडी टिक्कियों को हल्का दबाकर चाशनी निकाल दें
- इन्हें रबड़ी में डाल दें
- ऊपर पिस्ता और बादाम डालें
- कम से कम चार-पांच घंटे फ्रिज में रखें, ताकि टिक्कियां रबड़ी सोख लें
आम गलतियां
- गीले छेना से टिक्कियां चाशनी में टूट जाती हैं
- कम मसलने से टिक्कियां सख्त और दानेदार बनती हैं
- चाशनी गाढ़ी हो, तो टिक्कियां नहीं फूलतीं
कितने दिन तक रखें
रसमलाई दूध से बनी मिठाई है, इसे हमेशा फ्रिज में रखें और एक-दो दिन में खा लें।
क्या रसगुल्ले से रसमलाई बन सकती है?
जल्दी में बाजार के रसगुल्ले निचोड़कर रबड़ी में डालने का तरीका भी चलता है, लेकिन घर की टिक्कियों जैसा स्वाद नहीं आता।
केसर और रंग का ध्यान
रबड़ी का पीला रंग असली केसर से आता है। बाजार से केसर लें, तो भरोसेमंद दुकान से लें। कृत्रिम रंग डालने से बचें। केसर न हो, तो सिर्फ इलायची से भी रबड़ी अच्छी बनती है।
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





