दिवाली की रात घर को रोशन करने के लिए बहुत सारे दीये जलाए जाते हैं, और हर दीये के लिए बाती चाहिए। बाजार में बनी-बनाई बाती मिलती है, लेकिन घर पर रुई से बाती बनाना आसान है। पुराने समय में घर की महिलाएं त्योहार से कई दिन पहले बैठकर बाती बनाती थीं। आज भी यह परिवार के साथ मिलकर करने का एक अच्छा काम है। जानिए घी की बाती कैसे बनाएं।
जरूरी सामान
- साफ, सफेद रुई
- देसी घी, या तेल वाले दीयों के लिए सरसों या तिल का तेल
- एक साफ प्लेट या कटोरी
- बाती रखने के लिए एयरटाइट डिब्बा
रुई अच्छी गुणवत्ता की हो, जिसमें धागे और गंदगी कम हो। मेडिकल रुई भी इस्तेमाल की जा सकती है।

गोल फूल बाती
यह बाती पूजा की थाली और आरती के दीये में इस्तेमाल होती है।
- रुई का छोटा टुकड़ा लें और उसे हल्का फैलाएं
- बीच से पकड़कर ऊपर की ओर हल्के से मरोड़ें, जिससे एक नुकीला सिरा बने
- नीचे का हिस्सा गोल और चपटा रहने दें
- यह फूल जैसी दिखती है, इसलिए इसे फूल बाती कहते हैं
लंबी बाती
यह बाती दिवाली के आम दीयों में इस्तेमाल होती है।
- रुई की एक पतली पट्टी लें
- दोनों हथेलियों के बीच रखकर एक दिशा में रगड़ें
- रुई धागे जैसी लंबी और कसी हुई बन जाती है
- दीये के आकार के हिसाब से लंबाई रखें
- बहुत पतली बाती जल्दी बुझती है और बहुत मोटी धुआं ज्यादा देती है
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घी वाली बाती पहले से तैयार करें
- घी को हल्का पिघलाएं
- बनी हुई बातियों को उसमें डुबोकर निकालें
- प्लेट पर अलग-अलग रखकर फ्रिज में रख दें
- घी जम जाने पर बातियां डिब्बे में रख लें
- पूजा के समय सीधे दीये में रखकर जलाएं
इससे पूजा के समय घी डालने का काम आसान हो जाता है।
दीयों की तैयारी
- मिट्टी के नए दीयों को एक दिन पहले पानी में भिगो दें
- फिर सुखाकर इस्तेमाल करें, इससे वे घी या तेल कम सोखते हैं
- दीये में बाती का सिरा थोड़ा बाहर रहे और बाकी हिस्सा तेल में डूबा रहे
सुरक्षा का ध्यान
- दीयों को पर्दे, कपड़े, कागज और सूखे पत्तों से दूर रखें
- बालकनी में रखें, तो हवा का ध्यान रखें
- बच्चों और पालतू जानवरों को जलते दीयों से दूर रखें
- सोने से पहले बाहर रखे दीयों की जांच कर लें
- ढीले, लंबे कपड़े पहनकर दीयों के बीच न घूमें
परिवार के साथ गतिविधि
बच्चों और बुजुर्गों के साथ बैठकर बाती बनाना त्योहार की तैयारी का अच्छा हिस्सा हो सकता है। बच्चे इससे परंपरा भी सीखते हैं।
कितनी बाती बनाएं?
जितने दीये जलाने हैं, उससे थोड़ी ज्यादा बाती बना लें, ताकि बीच में बुझने वाले दीयों में नई बाती डाली जा सके।
बची हुई बाती का क्या करें?
बची हुई सूखी बातियों को एयरटाइट डिब्बे में रखें, ये पूरे साल रोज की पूजा में काम आती हैं। घी वाली बाती फ्रिज में रखें और कुछ हफ्तों में इस्तेमाल कर लें।
स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA): अग्नि सुरक्षा। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





