दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित महारैली ने देश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर चुनावी धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे आयोजन को समय की बर्बादी करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने लोकतंत्र को बचाने के लिए वर्तमान सरकार को हटाने का आह्वान किया है। दूसरी ओर: भाजपा ने रैली में भीड़ की कमी को लेकर विपक्षी दावों की पोल खोलने का प्रयास किया है।

विपक्ष ने चुनाव आयोग और सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रामलीला मैदान के मंच से केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के माध्यम से वोटों की चोरी की जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और उन्हें जेल का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून की कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने अपना संदेश भेज दिया है कि वे संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे। राहुल गांधी के अनुसार: यह आवाज केवल किसी नेता की नहीं बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल के विधानसभा चुनावों में धांधली की गई थी।
भाजपा ने रैली को बताया पूरी तरह विफल
विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने इंडिया गठबंधन की रैली को पूरी तरह फ्लॉप और समय की बर्बादी बताया। पात्रा ने रामलीला मैदान की तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन हकीकत में मैदान में लगाई गई 28,000 कुर्सियों में से भी 5,000 से 7,000 कुर्सियां खाली पड़ी थीं। भाजपा नेता ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने 2024 के चुनाव को अवैध बताया था। पात्रा ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार 2024 में चुनाव आयुक्त नहीं थे, बल्कि वे 2025 में इस पद पर नियुक्त हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर 2024 का चुनाव अवैध था, तो राहुल गांधी और उनके सांसद भी अवैध हैं। पात्रा ने चुनौती दी कि अगर कोई चुनाव अवैध है तो उसे अदालत में चुनौती क्यों नहीं दी गई।
मल्लिकार्जुन खड़गे का सरकार पर कड़ा प्रहार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने कई राज्यों में जनादेश चुराकर सरकारें बनाई हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों को चोरी की सरकारें बताया। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना अनिवार्य है। उन्होंने नारा दिया कि मोदी हटेंगे तभी लोकतंत्र बचेगा। खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह चुनाव आयुक्त के माध्यम से दलितों, युवाओं और महिलाओं के वोट छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक चुनाव आयुक्त को उनके पद से नहीं हटाया जाता, विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। खड़गे ने यह भी कहा कि विपक्षी नेता एकजुट होकर इस वोट चोरी के खिलाफ लड़ेंगे।
क्षेत्रीय नेताओं ने भी सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के अंगद का पैर वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास नीचे जमीन ही नहीं बची है, तो वे अपना पैर कहां रखेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से 1.27 लाख हिंदू भाइयों के नाम काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार का डर छिपाने के लिए मतदाता सूची में हेराफेरी कर रही है। वहीं: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने भाजपा पर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के जरिए चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने एक कविता के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वोट चोरी और लोकतंत्र की चोरी के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने युवाओं और जेन जेड कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
भाजपा का राहुल गांधी पर व्यक्तिगत तंज
संबित पात्रा ने राहुल गांधी की उस अपील पर भी टिप्पणी की जिसमें उन्होंने रैली में आए लोगों से खरीदारी करने को कहा था। पात्रा ने राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या वे चांदनी चौक में खरीदारी करेंगे। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के पासपोर्ट पर वियतनाम और थाईलैंड के स्टैंप लगे हैं और वे शाम की फ्लाइट लेकर विदेश चले जाएंगे। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ट्रिक फोटोग्राफी के जरिए भीड़ दिखाने की कोशिश करती है, लेकिन सच्चाई मैदान की खाली कुर्सियों में दिख रही थी। अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें असली संसद की जगह मॉक पार्लियामेंट में ही रहना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि हताश और निराश विपक्षी दल देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।





