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BREAKING: राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की बढ़ोतरी

राजस्थान, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकारों ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

BREAKING: राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की बढ़ोतरी
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिवाली के अवसर पर राजस्थान, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है।
  • कर्मचारियों को उनके नवंबर महीने के वेतन के साथ यह बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा, जिसका भुगतान दिसंबर में किया जाना तय है।
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 29 अक्टूबर को राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
  • इन चार राज्यों के अलावा, बिहार और झारखंड की सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों के लिए पहले ही भत्ते बढ़ाने की घोषणा कर दी थी।

दिवाली के अवसर पर राजस्थान, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है। राजस्थान और तमिलनाडु में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में की गई बढ़ोतरी के बाद लिया गया है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

महंगाई भत्ते की मुख्य बातें
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

राजस्थान में महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि

राजस्थान की राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 30 अक्टूबर को इस प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी प्रदान की। सातवें वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत, राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के साथ ही अब यह दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। इस फैसले का सीधा लाभ 7 लाख से अधिक कर्मचारियों और 5 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को प्राप्त होगा। यह नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

कर्मचारियों को उनके नवंबर महीने के वेतन के साथ यह बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा, जिसका भुगतान दिसंबर में किया जाना तय है। जुलाई से लेकर अक्टूबर तक की अवधि का जो भी बकाया पैसा यानी एरियर होगा, उसे कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा किया जाएगा। पेंशनभोगियों के मामले में, उन्हें 1 जुलाई से बढ़ी हुई राशि का भुगतान नकद में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने लगभग 6 लाख पात्र कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस की भी घोषणा की है, जो दिवाली के समय उनके लिए एक अतिरिक्त उपहार की तरह है।

तमिलनाडु सरकार की घोषणा और वित्तीय प्रभाव

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 31 अक्टूबर को राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद राज्य में महंगाई भत्ते की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। यह निर्णय 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इस फैसले से राज्य के लगभग 16 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना 1,858 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम कर्मचारियों के जीवन स्तर को बनाए रखने और महंगाई के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भत्ते में इजाफा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 29 अक्टूबर को राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस वृद्धि के बाद छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते की दर 60 प्रतिशत हो गई है। सरकार के इस निर्णय के अनुसार, यह नई दर 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। इस फैसले से राज्य के 3.85 लाख कर्मचारियों और लगभग 1.5 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। मध्य प्रदेश में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 अक्टूबर को राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से देय होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई राशि अक्टूबर की सैलरी के साथ नकद दी जाएगी, जिसका भुगतान नवंबर में होगा। जनवरी से सितंबर तक के 9 महीनों का जो बकाया एरियर है, उसे तीन समान मासिक किस्तों में कर्मचारियों को दिया जाएगा। पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत में की गई यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इन दोनों राज्यों के फैसलों से लाखों परिवारों को बढ़ती महंगाई के बीच राहत मिलने की संभावना है।

बिहार और झारखंड की वर्तमान स्थिति

इन चार राज्यों के अलावा, बिहार और झारखंड की सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों के लिए पहले ही भत्ते बढ़ाने की घोषणा कर दी थी। झारखंड सरकार ने महंगाई भत्ते को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है, जो कि 2 प्रतिशत की वृद्धि है। झारखंड में यह नई दर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। इसी तरह, बिहार सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत का इजाफा किया है, जिससे वहां भी दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। बिहार में भी यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी। इन दोनों राज्यों के कर्मचारी पहले से ही इस वृद्धि की सूची में शामिल थे, इसलिए उनका नाम हालिया चार राज्यों की सूची में अलग से नहीं आया है।

महंगाई भत्ता और इसकी गणना का आधार

महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला एक ऐसा घटक है जो बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। इसी तरह, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत (DR) प्रदान की जाती है। इन भत्तों की गणना आमतौर पर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। केंद्र सरकार समय-समय पर अपने कर्मचारियों के लिए इन दरों की घोषणा करती है, जिसके बाद राज्य सरकारें अपनी वित्तीय स्थिति और नीतियों के अनुसार अपने कर्मचारियों के लिए दरों और प्रभावी तारीखों का निर्धारण करती हैं। यह भत्ता कर्मचारियों के वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जो उनकी क्रय शक्ति को स्थिर रखने में सहायक होता है।

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स्रोत: Prabhat Khabar

लेखक

Sanjna Gupta

संजना गुप्ता डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी कंटेंट राइटर हैं और मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बीबी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड में सोशल मीडिया कंटेंट राइटर रह चुकी हैं और दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप कर चुकी हैं।

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