ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता एस्टन मार्टिन ने भारत में अपने वाहनों की कीमतों में ऐतिहासिक कमी करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण निर्णय भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद लिया गया है, जिसके कारण आयात शुल्क में बड़ी राहत मिली है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, कंपनी के सात प्रमुख मॉडलों की कीमतों में चार करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लग्जरी कार बाजार में एक नया मोड़ आ गया है।

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते का बड़ा प्रभाव
भारत में लग्जरी कारों के शौकीनों के लिए एस्टन मार्टिन की ओर से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी कारों की कीमतों में इतनी बड़ी कटौती की है कि इसने ऑटोमोबाइल उद्योग के विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया है। इस भारी कीमत कटौती के पीछे का मुख्य कारण भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) है। इस द्विपक्षीय समझौते के लागू होने के बाद, ब्रिटेन से भारत में आयात होकर आने वाली कारों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी और अन्य करों में सरकार द्वारा भारी छूट दी जा रही है। इसी नीतिगत बदलाव का सीधा लाभ कंपनी ने अपने ग्राहकों तक पहुँचाने का निर्णय लिया है। एस्टन मार्टिन ने अपनी कुल सात कारों की कीमतों में संशोधन किया है, जिससे इन वाहनों की लागत में करोड़ों रुपये की कमी आई है। यह कदम न केवल मौजूदा ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक अवसर है जो लंबे समय से इन प्रीमियम कारों को खरीदने का विचार कर रहे थे।
वैन्क्विश रेंज की कीमतों में चार करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट
कंपनी की ओर से जारी किए गए नए मूल्य चार्ट के अनुसार, सबसे अधिक लाभ एस्टन मार्टिन वैन्क्विश वॉलांटे (Vanquish Volante) खरीदने वाले ग्राहकों को मिलने वाला है। यह कार कंपनी की फ्लैगशिप ग्रैंड टूरर श्रेणी में आती है और अपनी विलासिता के लिए जानी जाती है। भारत में इस कार की पुरानी कीमत 10.92 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब कंपनी ने इसे घटाकर 6.90 करोड़ रुपये कर दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि इस मॉडल को खरीदने पर ग्राहकों को अब 4.02 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी। इसी तरह, वैन्क्विश कूपे (Vanquish Coupe) के दाम भी काफी कम कर दिए गए हैं। पहले इस कार को खरीदने के लिए भारतीय ग्राहकों को 10.11 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब इसकी नई कीमत 6.40 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इन दोनों मॉडलों में हुई कटौती यह दर्शाती है कि मुक्त व्यापार समझौते का असर लग्जरी सेगमेंट पर कितना गहरा पड़ा है। दिलचस्प बात यह है कि वैन्क्विश वॉलांटे की नई कीमत अब वैन्क्विश कूपे की पुरानी कीमत से भी काफी कम हो गई है।
डीबी12 एस और वैंटेज एस श्रृंखला के नए संशोधित दाम
कीमतों में कटौती का यह सिलसिला केवल वैन्क्विश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की डीबी12 एस (DB12 S) रेंज में भी भारी कमी देखी गई है। डीबी12 एस कूपे मॉडल की कीमत पहले 6.62 करोड़ रुपये थी, जिसे अब घटाकर 4.10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस प्रकार, इस मॉडल की कीमत में 2.52 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसी श्रृंखला की दूसरी कार, डीबी12 एस वॉलांटे की कीमत में भी 2.65 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। पहले यह कार 7 करोड़ रुपये में उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे 4.35 करोड़ रुपये की नई कीमत पर खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, जो लोग एस्टन मार्टिन की परफॉर्मेंस कार रेंज में प्रवेश करना चाहते हैं, उनके लिए वैंटेज एस (Vantage S) अब पहले के मुकाबले बहुत अधिक किफायती हो गई है। वैंटेज एस कूपे मॉडल की कीमत 4.99 करोड़ रुपये से घटकर अब 3.15 करोड़ रुपये रह गई है। वहीं, वैंटेज एस रोडस्टर की कीमत में भी भारी कमी की गई है, जो 5.26 करोड़ रुपये से घटकर अब मात्र 3.35 करोड़ रुपये हो गई है।
लग्जरी एसयूवी खंड और भारतीय बाजार की भविष्य की स्थिति
एस्टन मार्टिन की एकमात्र और बेहद लोकप्रिय लग्जरी परफॉर्मेंस एसयूवी, डीबीएक्स एस (DBX S) की कीमत में भी कंपनी ने बड़ा बदलाव किया है। इस एसयूवी की कीमत में 2.65 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है। पहले भारतीय बाजार में इसकी कीमत 6.80 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब कंपनी ने इसे 4.15 करोड़ रुपये की नई कीमत के साथ पेश किया है। इस बदलाव के बाद, यह शक्तिशाली एसयूवी अब अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अधिक आकर्षक मूल्य बिंदु पर उपलब्ध होगी। एस्टन मार्टिन की इन सभी कारों की कीमतों में हुई कटौती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लगभग हर मॉडल पर ग्राहकों को 2 करोड़ रुपये से लेकर 4 करोड़ रुपये तक की बचत हो रही है। हालांकि, इन भारी कटौतियों के बावजूद, एस्टन मार्टिन की कारें अभी भी करोड़ों रुपये की श्रेणी में बनी हुई हैं, जो इन्हें एक विशिष्ट वर्ग तक ही सीमित रखती हैं। लेकिन उन खरीदारों के लिए जो इस बजट में वैश्विक स्तर की लग्जरी और तकनीक की तलाश में थे, भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ यह व्यापार समझौता एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि इस मूल्य संशोधन का कंपनी की बिक्री और भारतीय बाजार में इसकी हिस्सेदारी पर क्या प्रभाव पड़ता है।
यह भी पढ़ें: Amazon Ads Study: एआई से भारतीय एसएमबी को मिला बिजनेस ग्रोथ का सहारा
स्रोत: Aaj Tak





