इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने 2 नवंबर 2026 के सुबह (ओपनिंग) भाव जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार 24 कैरेट (999) सोना ₹1,37,772 प्रति 10 ग्राम और चांदी 999 ₹1,80,080 प्रति किलो है।
22 कैरेट (916) सोने का भाव ₹1,26,199 प्रति 10 ग्राम है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर गहनों में होता है।

IBJA के आज के भाव (2 नवंबर 2026)
| धातु | सुबह (AM) | शाम (PM) |
|---|---|---|
| सोना 999 (24 कैरेट) | ₹1,37,772 | अभी जारी नहीं |
| सोना 995 | ₹1,37,220 | अभी जारी नहीं |
| सोना 916 (22 कैरेट) | ₹1,26,199 | अभी जारी नहीं |
| सोना 750 (18 कैरेट) | ₹1,03,329 | अभी जारी नहीं |
| सोना 585 (14 कैरेट) | ₹80,597 | अभी जारी नहीं |
| चांदी 999 (प्रति किलो) | ₹1,80,080 | अभी जारी नहीं |
कैरेट और सोने की शुद्धता के बीच का अंतर
सोने की खरीदारी करते समय कैरेट शब्द का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। कैरेट वास्तव में सोने की शुद्धता मापने का एक पैमाना है। जब हम 24 कैरेट सोने की बात करते हैं, तो इसका अर्थ है कि वह सोना 999 शुद्धता वाला है। जैसा कि आज के भाव में देखा गया है, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,37,772 प्रति 10 ग्राम है। यह सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन इसकी अपनी कुछ सीमाएं होती हैं। बहुत अधिक शुद्ध होने के कारण यह धातु काफी नरम होती है, जिससे इससे जटिल डिजाइन वाले गहने बनाना संभव नहीं हो पाता। यही कारण है कि निवेश के लिए तो 24 कैरेट सोना सबसे अच्छा है, लेकिन आभूषणों के लिए अन्य विकल्पों को प्राथमिकता दी जाती है।
आभूषणों के निर्माण में सबसे लोकप्रिय विकल्प 22 कैरेट सोना होता है, जिसे 916 शुद्धता के रूप में भी पहचाना जाता है। आज के आंकड़ों के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,26,199 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। इसमें सोने के साथ कुछ अन्य धातुओं का मिश्रण किया जाता है ताकि गहनों को मजबूती प्रदान की जा सके। इसके अलावा, 18 कैरेट सोना (750 शुद्धता) भी बाजार में काफी प्रचलित है, जिसकी कीमत ₹1,03,329 प्रति 10 ग्राम है। 18 कैरेट सोने का उपयोग अक्सर हीरे या अन्य कीमती पत्थरों से जड़े हुए गहनों में किया जाता है क्योंकि यह पत्थरों को पकड़ने के लिए आवश्यक कठोरता प्रदान करता है। सबसे कम शुद्धता वाला सोना 14 कैरेट (585 शुद्धता) है, जिसका भाव ₹80,597 प्रति 10 ग्राम चल रहा है। ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार इन विभिन्न श्रेणियों में से चुनाव करना चाहिए।
आभूषणों की कीमत और अतिरिक्त शुल्क का प्रभाव
जब आप किसी ज्वेलरी स्टोर पर जाते हैं, तो वहां आपको सोने की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए भावों से कुछ अलग मिल सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि IBJA द्वारा जारी किए गए भाव जैसे कि 24 कैरेट के लिए ₹1,37,772 या 22 कैरेट के लिए ₹1,26,199, केवल आधार मूल्य होते हैं। इन कीमतों में सरकार द्वारा लगाया जाने वाला GST शामिल नहीं होता है। जब कोई ग्राहक सोना खरीदता है, तो उसे इस आधार मूल्य पर अतिरिक्त कर का भुगतान करना पड़ता है, जिससे अंतिम बिल की राशि बढ़ जाती है।
कर के अलावा, गहनों की कीमत में एक बड़ा हिस्सा मेकिंग चार्ज यानी निर्माण शुल्क का होता है। मेकिंग चार्ज हर आभूषण की बनावट और उसकी कारीगरी पर निर्भर करता है। यदि गहना बहुत बारीक और हाथ से किया गया काम है, तो उस पर शुल्क अधिक हो सकता है। यही कारण है कि दुकान पर मिलने वाले सोने का अंतिम भाव IBJA के सुबह के भाव से हमेशा अधिक होता है। ग्राहकों को खरीदारी करते समय हमेशा यह पूछना चाहिए कि सोने का मूल भाव क्या है और उस पर मेकिंग चार्ज तथा कर कितना लगाया जा रहा है। चांदी के मामले में भी यही नियम लागू होता है, जहां 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव ₹1,80,080 प्रति किलो है, लेकिन वैट और अन्य शुल्कों के बाद इसकी कीमत दुकान पर बदल जाती है।
हॉलमार्क और शुद्धता की जांच के तरीके
सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने हॉलमार्किंग को अनिवार्य और अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है। जब भी आप सोना खरीदें, तो उस पर BIS हॉलमार्क का निशान जरूर देखें। हॉलमार्क इस बात की गारंटी देता है कि आप जो सोना खरीद रहे हैं, वह उतनी ही शुद्धता का है जितना दुकानदार दावा कर रहा है। उदाहरण के लिए, यदि आप 22 कैरेट सोना खरीद रहे हैं, तो उस पर 916 का अंक अंकित होना चाहिए। इसी तरह 18 कैरेट के लिए 750 और 14 कैरेट के लिए 585 का अंक देखना जरूरी है। यह अंक सोने की शुद्धता के प्रतिशत को दर्शाते हैं।
आजकल हॉलमार्क के साथ एक और महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर जोड़ा गया है जिसे HUID कहा जाता है। यह छह अंकों का एक विशिष्ट अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है जो हर आभूषण पर अलग होता है। इस कोड के माध्यम से ग्राहक सोने की शुद्धता और उसकी उत्पत्ति की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली सोने के व्यापार में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू की गई है ताकि ग्राहकों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके। यदि किसी आभूषण पर यह निशान और कोड मौजूद हैं, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपको सही गुणवत्ता का सोना मिल रहा है। शुद्धता की जांच के बिना सोना खरीदना भविष्य में उसे बेचने या बदलने के समय नुकसानदेह साबित हो सकता है।
सुरक्षित निवेश और खरीदारी के लिए जरूरी सुझाव
सोने और चांदी में निवेश करना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा रही है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है। IBJA दिन में दो बार भाव जारी करता है, इसलिए खरीदारी पर जाने से पहले सुबह और शाम के दोनों भावों पर नजर रखना एक अच्छी रणनीति हो सकती है। आज 2 नवंबर 2026 को जारी किए गए सुबह के भावों के अनुसार रणनीति बनाना आसान हो जाता है। यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो 24 कैरेट (999) शुद्धता वाले सोने के सिक्के या बार खरीदना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि इनकी रीसेल वैल्यू अधिक होती है और इनमें मेकिंग चार्ज का नुकसान कम होता है।
खरीदारी करते समय हमेशा पक्का बिल मांगना चाहिए। बिल पर सोने की शुद्धता, उसका वजन, उस दिन का भाव, मेकिंग चार्ज और कर का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में आपके पास कानूनी प्रमाण रहता है। इसके अलावा, अलग-अलग दुकानों पर भावों की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि मेकिंग चार्ज में प्रतिस्पर्धा के कारण आपको कुछ बचत हो सकती है। चांदी की खरीदारी में भी शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए, विशेषकर जब भाव ₹1,80,080 प्रति किलो जैसे ऊंचे स्तर पर हों। सही जानकारी और सतर्कता ही आपको सोने के बाजार में एक स्मार्ट खरीदार बनाती है।
सोने के भाव प्रति 10 ग्राम और चांदी के भाव प्रति किलो हैं। IBJA के भाव में GST और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता, इसलिए दुकान पर अंतिम कीमत ज्यादा हो सकती है। IBJA दिन में दो बार, सुबह और दोपहर बाद, भाव जारी करता है।
यह भी पढ़ें: धनतेरस पर क्या न खरीदें: 6 नवंबर को खरीदारी से जुड़ी मान्यताएं, परंपरा और समझदारी की बातें





