ताज़ा खबर
परिक्रमा के नियम: मंदिर में किस देवता की कितनी परिक्रमा करें, किस दिशा में घूमें और शिवलिंग की आधी परिक्रमा क्यों BREAKING: चक्रवात मुरासु के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा दिल्ली आरोग्य कोष: गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन का तरीका टॉप 50 हेडलाइंस 2 नवंबर 2026 (दोपहर): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में BREAKING: अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि घटकर 54.7 हुई उत्पादन में कमी Filmfare Awards History: From 1954 to Today, the Black Lady Trophy and How Winners Are Chosen CBFC फिल्म सर्टिफिकेट: U, UA 7+, UA 13+, UA 16+, A और S का मतलब क्या है, बच्चों के साथ फिल्म चुनने से पहले जानें BREAKING: NSA Ajit Doval reaches Vietnam for high level talks on defense and maritime security
ट्रेंडिंग
मनोरंजन

CBFC फिल्म सर्टिफिकेट: U, UA 7+, UA 13+, UA 16+, A और S का मतलब क्या है, बच्चों के साथ फिल्म चुनने से पहले जानें

सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने से पहले स्क्रीन पर दिखने वाला सर्टिफिकेट बताता है कि फिल्म किस उम्र के दर्शकों के लिए है। जानिए नई श्रेणियां क्या हैं।

फिल्म सर्टिफिकेट और सिनेमा हॉल का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने से पहले स्क्रीन पर कुछ सेकंड के लिए एक प्रमाणपत्र दिखता है, जिस पर फिल्म का नाम, अवधि और उसकी श्रेणी लिखी होती है।
  • ये भी सार्वजनिक प्रदर्शन वाली श्रेणियां हैं, लेकिन इनके साथ अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन जुड़ा है।
  • सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम 2023 से फिल्म प्रमाणन में कई बड़े बदलाव हुए:
  • नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो जैसे OTT प्लेटफॉर्म की सामग्री CBFC के दायरे में नहीं आती।

सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने से पहले स्क्रीन पर कुछ सेकंड के लिए एक प्रमाणपत्र दिखता है, जिस पर फिल्म का नाम, अवधि और उसकी श्रेणी लिखी होती है। यह प्रमाणपत्र केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC देता है, जिसे आम बोलचाल में सेंसर बोर्ड कहा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इन श्रेणियों में अहम बदलाव हुए हैं। पहले जो एक UA श्रेणी थी, उसे अब उम्र के हिसाब से तीन हिस्सों में बांट दिया गया है। परिवार के साथ फिल्म देखने जा रहे लोगों के लिए यह जानना उपयोगी है कि हर श्रेणी का मतलब क्या है।

CBFC क्या है

CBFC सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक वैधानिक संस्था है, जो सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के तहत काम करती है। सिनेमाघरों में सार्वजनिक रूप से दिखाई जाने वाली हर फिल्म के लिए CBFC का प्रमाणपत्र जरूरी है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। CBFC के अनुसार इसके नौ क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, दिल्ली, कटक और गुवाहाटी में हैं।

मुख्य बातें: फिल्म सर्टिफिकेट और सिनेमा हॉल का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

प्रमाणपत्र की श्रेणियां

U

यानी अनरेस्ट्रिक्टेड पब्लिक एक्जीबिशन। ऐसी फिल्में हर उम्र के दर्शकों के लिए होती हैं और परिवार के साथ बिना चिंता के देखी जा सकती हैं।

UA 7+, UA 13+ और UA 16+

ये भी सार्वजनिक प्रदर्शन वाली श्रेणियां हैं, लेकिन इनके साथ अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन जुड़ा है। अंक बताता है कि उस उम्र से छोटे बच्चों को फिल्म दिखाने से पहले अभिभावक सोच-विचार कर लें।

  • UA 7+: 7 साल से छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन
  • UA 13+: 13 साल से छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन
  • UA 16+: 16 साल से छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन

ये अंक सलाह के तौर पर हैं। फैसला माता-पिता या अभिभावक को करना होता है।

A

यानी एडल्ट। ऐसी फिल्में सिर्फ 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के दर्शकों के लिए हैं। सिनेमाघर को यह सुनिश्चित करना होता है कि नाबालिग दर्शक ऐसी फिल्म न देखें, इसलिए कई बार टिकट खिड़की या प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र मांगा जाता है।

S

यह विशेष दर्शक वर्ग के लिए होती है, जैसे डॉक्टर, वैज्ञानिक या किसी खास पेशे के लोग। ऐसी फिल्में आम जनता के लिए नहीं दिखाई जातीं।

2023 में क्या बदला

सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम 2023 से फिल्म प्रमाणन में कई बड़े बदलाव हुए:

  1. पुरानी UA श्रेणी को उम्र के हिसाब से UA 7+, UA 13+ और UA 16+ में बांटा गया
  2. CBFC का प्रमाणपत्र अब हमेशा के लिए वैध है, पहले यह 10 साल के लिए होता था
  3. टीवी या दूसरे माध्यमों पर दिखाने के लिए फिल्म को अलग श्रेणी में दोबारा प्रमाणित कराने का प्रावधान किया गया
  4. फिल्मों की पायरेसी, यानी अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण, के खिलाफ जेल और जुर्माने की सख्त सजा जोड़ी गई

इसके बाद 2024 में नए सिनेमैटोग्राफ प्रमाणन नियम लागू किए गए, जिनमें ऑनलाइन आवेदन, प्रक्रिया की समय सीमा और महिलाओं के प्रतिनिधित्व जैसे प्रावधान शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: Bigg Boss 20: रीति तिवारी और काजी तौकीर के बीच विवाद, आज के एपिसोड में क्या हुआ | Toxic Movie: एडवांस बुकिंग में यश की फिल्म 'टॉक्सिक' का धमाकेदार प्रदर्शन, जानिए केजीएफ 2 से कितनी है पीछे

प्रमाणन की प्रक्रिया

  • निर्माता CBFC के ऑनलाइन पोर्टल ई-सिनेप्रमाण पर आवेदन करते हैं
  • जांच समिति फिल्म देखती है और श्रेणी तय करती है, जरूरत पड़ने पर कुछ दृश्यों में कट या बदलाव सुझाती है
  • निर्माता संतुष्ट न हों, तो पुनरीक्षण समिति के पास जा सकते हैं
  • उसके बाद भी असहमति हो, तो हाईकोर्ट का रास्ता है, क्योंकि 2021 में फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण को खत्म कर दिया गया था

कट और बदलाव क्यों होते हैं

CBFC फिल्म को प्रमाणित करते समय सिनेमैटोग्राफ अधिनियम और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को आधार बनाता है। इनमें कहा गया है कि फिल्म में ऐसी सामग्री न हो जो देश की संप्रभुता, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता के खिलाफ हो, या जो किसी समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़काए। नशे को बढ़ावा देने वाले दृश्यों, जानवरों के प्रति क्रूरता और महिलाओं के अपमानजनक चित्रण पर भी खास नजर रखी जाती है। फिल्मों में धूम्रपान या शराब के दृश्य हों, तो स्क्रीन पर स्वास्थ्य चेतावनी दिखाना भी जरूरी है। जानवरों वाले दृश्यों के लिए भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है।

OTT पर क्या नियम

नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो जैसे OTT प्लेटफॉर्म की सामग्री CBFC के दायरे में नहीं आती। उनके लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत अलग व्यवस्था है, जिसमें प्लेटफॉर्म खुद अपनी सामग्री को U, U/A 7+, U/A 13+, U/A 16+ और A श्रेणियों में वर्गीकृत करते हैं।

अभिभावकों के लिए सुझाव

फिल्म का सर्टिफिकेट टिकट बुकिंग ऐप और पोस्टर पर भी लिखा होता है। बच्चों के साथ फिल्म चुनने से पहले श्रेणी के साथ उसके कंटेंट विवरण, जैसे हिंसा या डरावने दृश्य, पर भी ध्यान दें। हर बच्चा अलग होता है, इसलिए सिर्फ उम्र के अंक पर नहीं, अपने बच्चे की समझ और संवेदनशीलता पर भी विचार करें।

UA 13+ का क्या मतलब है

फिल्म सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए है, लेकिन 13 साल से छोटे बच्चों को अभिभावक के मार्गदर्शन में ही दिखानी चाहिए।

क्या CBFC सर्टिफिकेट की कोई समय सीमा है

2023 के संशोधन के बाद CBFC प्रमाणपत्र हमेशा के लिए वैध है।

स्रोत: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), PIB: सिनेमैटोग्राफ प्रमाणन नियम 2024

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

टिप्पणियां (1)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X