ताज़ा खबर
BREAKING: पीलीभीत में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन, दो एसडीएम निलंबित बाल दिवस 14 नवंबर को ही क्यों: पहले 20 नवंबर को मनता था, जानें इतिहास, महत्व और बच्चों के अधिकार धनतेरस पर क्या न खरीदें: 6 नवंबर को खरीदारी से जुड़ी मान्यताएं, परंपरा और समझदारी की बातें Table Tennis Rules Explained: 11 Point Games, Service Rules, Let and Doubles Order दिल्ली: रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली से व्यापार पर असर की आशंका, सीटीआई ने लिखा पत्र खरीफ MSP 2026-27: धान ₹2,441 प्रति क्विंटल, बाजरा, मक्का, अरहर, सोयाबीन समेत 14 फसलों की पूरी सूची टॉप 50 हेडलाइंस 2 नवंबर 2026 (सुबह): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में BREAKING: फ्लोरिडा में निजी बिजनेस जेट दुर्घटनाग्रस्त होने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत
ट्रेंडिंग
धर्म

धनतेरस पर क्या न खरीदें: 6 नवंबर को खरीदारी से जुड़ी मान्यताएं, परंपरा और समझदारी की बातें

धनतेरस पर बर्तन, झाड़ू और धातु खरीदने की परंपरा है, वहीं कुछ चीजें न खरीदने की लोक मान्यताएं भी हैं। जानिए 6 नवंबर 2026 की धनतेरस से जुड़ी ये मान्यताएं, उनका संदर्भ और बजट के भीतर खरीदारी के व्यावहारिक सुझाव।

धनतेरस पर क्या न खरीदें से जुड़ी मान्यताओं का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • धनतेरस को दिवाली के पांच दिन के उत्सव की शुरुआत माना जाता है।
  • कई परिवारों में मान्यता है कि धनतेरस के दिन चाकू, कैंची या दूसरी धारदार चीजें नहीं खरीदनी चाहिए।
  • कुछ परिवार इस दिन कांच का सामान नहीं खरीदते, क्योंकि टूटने को अशुभ संकेत से जोड़ा जाता है।
  • धनतेरस का मूल संबंध भगवान धन्वंतरि से है, जिन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है।

धनतेरस को दिवाली के पांच दिन के उत्सव की शुरुआत माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस बार धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। इस दिन बर्तन, सोना-चांदी, झाड़ू और नई चीजें खरीदने की परंपरा है। साथ ही लोक में कुछ ऐसी मान्यताएं भी हैं कि इस दिन कुछ चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। ये मान्यताएं क्षेत्र और परिवार के हिसाब से अलग हैं और इनका कोई एक तय शास्त्रीय आधार नहीं बताया जाता। जानिए धनतेरस पर क्या न खरीदें, इससे जुड़ी आम मान्यताएं।

खाली बर्तन घर न लाना

धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन कई घरों में मान्यता है कि बर्तन को खाली घर नहीं लाना चाहिए। इसलिए लोग उसमें थोड़ा चावल, मिठाई, पानी या सिक्का डालकर घर लाते हैं। इसके पीछे भाव यह है कि घर में भरपूरता आए।

मुख्य बातें: धनतेरस पर क्या न खरीदें से जुड़ी मान्यताओं का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

नुकीली और धारदार चीजें

कई परिवारों में मान्यता है कि धनतेरस के दिन चाकू, कैंची या दूसरी धारदार चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। इन्हें इस दिन के शुभ भाव के अनुकूल नहीं माना जाता।

काले रंग की चीजें

कुछ क्षेत्रों में त्योहार के दिन काले रंग के कपड़े या सामान खरीदने से बचने की परंपरा है। हालांकि यह सभी जगह नहीं माना जाता।

यह भी पढ़ें: धनतेरस क्यों मनाते हैं: भगवान धन्वंतरि, समुद्र मंथन और यमराज से जुड़ी कथाएं, 6 नवंबर को है पर्व | धनतेरस पर बर्तन कौन से खरीदें: स्टील, पीतल, तांबा और कांसे में फर्क, गुणवत्ता की जांच और देखभाल

लोहे की चीजें

एक मान्यता यह भी है कि धनतेरस पर लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए। इसके बजाय पीतल, तांबा, चांदी या स्टील के बर्तन खरीदे जाते हैं। कई जगह स्टील को इस मान्यता से अलग रखा जाता है।

कांच और टूटने वाली चीजें

कुछ परिवार इस दिन कांच का सामान नहीं खरीदते, क्योंकि टूटने को अशुभ संकेत से जोड़ा जाता है।

तेल और घी

कुछ जगह मान्यता है कि धनतेरस पर तेल या घी नहीं खरीदना चाहिए और इसे पहले से ले लेना चाहिए। पर दिवाली के दीयों के लिए घी और तेल की जरूरत होती है, इसलिए कई परिवार इसे एक-दो दिन पहले खरीद लेते हैं।

परंपरा क्या कहती है

धनतेरस का मूल संबंध भगवान धन्वंतरि से है, जिन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है। कथा है कि समुद्र मंथन से वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने को उसी कलश की याद से जोड़ा जाता है। धनतेरस का भाव स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना है, न कि ज्यादा से ज्यादा खरीदारी।

समझदारी की बातें

  • उधार या क्रेडिट कार्ड के भरोसे जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें
  • पहले से सूची और बजट बनाएं
  • सोना-चांदी खरीदें, तो हॉलमार्क और बिल जरूर देखें
  • महंगी चीज खरीदना जरूरी नहीं, छोटा बर्तन या झाड़ू भी परंपरा निभाने के लिए काफी है
  • सेल और ऑफर के दबाव में गैरजरूरी चीजें न लें

अपनी परंपरा मानें

ऊपर बताई बातें लोक मान्यताएं हैं। हर परिवार की अपनी परंपरा होती है। घर के बड़ों की सलाह और अपनी श्रद्धा के अनुसार ही निर्णय लें।

धनतेरस पर सबसे सरल खरीदारी क्या है?

कई परिवार परंपरा निभाने के लिए सिर्फ एक नया बर्तन, झाड़ू या धनिया के बीज खरीदते हैं। धनिया के बीज को समृद्धि का प्रतीक मानकर पूजा में रखा जाता है।

स्रोत: द्रिक पंचांग। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X