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सर्दी में पौधों की देखभाल: पानी कम, धूप ज्यादा, पाले से बचाव, गमलों के पौधे हरे रखने के आसान तरीके

ठंड बढ़ते ही घर के गमलों में लगे कई पौधे मुरझाने लगते हैं। थोड़ी सावधानी से सर्दियों में भी पौधे हरे-भरे रखे जा सकते हैं। जानिए आसान तरीके।

सर्दियों में गमलों के पौधों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • नवंबर से उत्तर भारत में तापमान गिरने लगता है और दिसंबर-जनवरी में कई इलाकों में पाला भी पड़ता है।
  • पाला यानी फ्रॉस्ट पौधों की पत्तियों के लिए सबसे खतरनाक है। साफ आसमान और बहुत ठंडी रातों में पत्तियों पर बर्फ जैसी परत जम जाती है, जिससे पत्तियां काली या भूरी पड़ जाती हैं।
  • नमी और कम धूप के कारण सर्दियों में फफूंद और मिलीबग जैसे कीट लग सकते हैं।
  • मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली जैसे इंडोर पौधों को हीटर या ब्लोअर के सीधे सामने न रखें।

नवंबर से उत्तर भारत में तापमान गिरने लगता है और दिसंबर-जनवरी में कई इलाकों में पाला भी पड़ता है। घर की बालकनी, छत या आंगन में गमलों में लगे पौधे इस मौसम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई लोग गर्मी वाली आदत से ही रोज भरपूर पानी देते रहते हैं, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं। सर्दियों में पौधों की जरूरतें बदल जाती हैं। ज्यादातर पौधों की बढ़त धीमी हो जाती है और उन्हें कम पानी और ज्यादा धूप चाहिए होती है। कुछ आसान बदलावों से पौधों को सर्दी में भी हरा-भरा रखा जा सकता है।

पानी देने का सही तरीका

सर्दियों में सबसे आम गलती ज्यादा पानी देना है। ठंड में मिट्टी देर से सूखती है और लगातार गीली मिट्टी में जड़ें सड़ जाती हैं।

  • पानी देने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी एक-दो इंच परत जांचें, सूखी हो तभी पानी दें
  • पानी सुबह या दोपहर में दें, शाम को पानी देने से रात में ठंड से जड़ें प्रभावित हो सकती हैं
  • बहुत ठंडा पानी न डालें, सामान्य तापमान का पानी बेहतर है
  • गमले के नीचे रखी प्लेट में पानी जमा न रहने दें
  • रसीले पौधे जैसे एलोवेरा, जेड और कैक्टस को सर्दियों में बहुत कम पानी चाहिए
मुख्य बातें: सर्दियों में गमलों के पौधों का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

धूप वाली जगह चुनें

सर्दियों में धूप कम और कमजोर होती है। इसलिए पौधों को ऐसी जगह रखें जहां दिन में कम से कम चार से छह घंटे धूप आती हो। दक्षिण दिशा की बालकनी आम तौर पर सर्दियों में ज्यादा धूप पाती है। घर के अंदर रखे पौधों को खिड़की के पास ले आएं और हफ्ते में एक-दो बार गमला घुमा दें, ताकि हर तरफ बराबर रोशनी मिले।

पाले से बचाव

पाला यानी फ्रॉस्ट पौधों की पत्तियों के लिए सबसे खतरनाक है। साफ आसमान और बहुत ठंडी रातों में पत्तियों पर बर्फ जैसी परत जम जाती है, जिससे पत्तियां काली या भूरी पड़ जाती हैं।

  1. मौसम विभाग की शीतलहर या पाले की चेतावनी पर नजर रखें
  2. ऐसी रातों में नाजुक पौधों को सूती कपड़े, बोरी या पुराने चादर से ढक दें, सुबह धूप निकलने पर हटा दें
  3. प्लास्टिक की पन्नी सीधे पत्तियों से न छूने दें
  4. छोटे गमलों को दीवार के पास या छज्जे के नीचे खिसका दें
  5. गमलों को सीधे ठंडे फर्श पर रखने के बजाय ईंट या लकड़ी के पटरे पर रखें

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खाद कब और कितनी

ज्यादातर सजावटी पौधे सर्दियों में आराम की अवस्था में होते हैं, इसलिए उन्हें भारी रासायनिक खाद की जरूरत नहीं होती। ज्यादा खाद से जड़ें जल सकती हैं। महीने में एक बार थोड़ी गोबर की सड़ी खाद या वर्मी कंपोस्ट डालना काफी है। हां, गेंदा, गुलदाउदी, पेटूनिया जैसे सर्दियों के फूल वाले पौधे और सर्दियों की सब्जियां इस मौसम में बढ़ती हैं, उन्हें नियमित पोषण चाहिए।

छंटाई का ध्यान

सर्दियों में भारी छंटाई से बचें, क्योंकि नई कोमल शाखाएं पाले से जल्दी खराब होती हैं। सिर्फ सूखी, पीली और बीमार पत्तियां और टहनियां हटाएं। गुलाब की मुख्य छंटाई का समय अलग-अलग इलाकों में अलग होता है, इसके लिए स्थानीय नर्सरी की सलाह लें।

कीट और फफूंद

नमी और कम धूप के कारण सर्दियों में फफूंद और मिलीबग जैसे कीट लग सकते हैं। पत्तियों पर सफेद रुई जैसे धब्बे या चिपचिपाहट दिखे, तो प्रभावित हिस्सा साफ करें। नीम के तेल का हल्का घोल छिड़कना घरेलू बागवानी में आम उपाय है। पौधों को बहुत पास-पास न रखें, ताकि हवा का आवागमन बना रहे।

सर्दियों में क्या लगाएं

सर्दी का मौसम कई फूलों और सब्जियों के लिए सबसे अच्छा है। गेंदा, गुलदाउदी, कैलेंडुला, पैंजी, डहेलिया और पेटूनिया जैसे फूल इसी मौसम में खिलते हैं। गमलों में पालक, मेथी, धनिया, मूली और सलाद पत्ता आसानी से उगाए जा सकते हैं। नर्सरी से पौधे खरीदते समय स्वस्थ पत्तियों और मजबूत जड़ों वाले पौधे चुनें।

गमले और मिट्टी

सर्दियों में पानी निकलने का सही इंतजाम सबसे जरूरी है। गमले के नीचे छेद बंद न हो, यह जांच लें। मिट्टी बहुत सख्त हो गई हो, तो ऊपरी परत को हल्के हाथ से खुरपी से ढीला करें, ताकि हवा जड़ों तक पहुंचे। मिट्टी के ऊपर सूखी पत्तियों या भूसे की पतली परत बिछाने से जड़ें ठंड से बची रहती हैं।

घर के अंदर के पौधे

मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली जैसे इंडोर पौधों को हीटर या ब्लोअर के सीधे सामने न रखें। गर्म और सूखी हवा से उनकी पत्तियों के किनारे सूख जाते हैं। कमरे में नमी बनाए रखने के लिए पौधों के पास पानी से भरी कटोरी रख सकते हैं या पत्तियों पर हल्का पानी छिड़क सकते हैं।

सर्दी में पौधों को कितने दिन में पानी दें

कोई तय दिन नहीं है। मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तभी पानी दें। आम तौर पर गर्मियों की तुलना में काफी कम पानी चाहिए।

पाले से पौधों को कैसे बचाएं

पाले वाली रातों में पौधों को सूती कपड़े या बोरी से ढकें, गमलों को दीवार या छज्जे के नीचे रखें और सुबह धूप निकलने पर कपड़ा हटा दें।

स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारत मौसम विज्ञान विभाग

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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