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घर के अंदर प्रदूषण कैसे कम करें: त्योहार और सर्दी के मौसम में घर की हवा साफ रखने के आसान उपाय

घर के अंदर की हवा क्यों खराब होती है, खाना पकाने का धुआं, अगरबत्ती और धूप, धूल और फफूंदी, वेंटिलेशन का सही समय, एयर प्यूरीफायर, पौधों से जुड़ी गलतफहमी और किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

घर के अंदर की हवा साफ रखने के उपाय बताने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • अक्टूबर और नवंबर में जब बाहर की हवा खराब होने की खबरें आती हैं, तो ज्यादातर लोग खिड़कियां बंद करके घर के अंदर रहना सुरक्षित मानते हैं।
  • त्योहारों में पूजा घर का अहम हिस्सा है, लेकिन बंद कमरे में बहुत सी अगरबत्तियां या धूप एक साथ जलाने से धुआं भर जाता है।
  • सूखे झाड़न की जगह गीले कपड़े से धूल साफ करें, ताकि धूल हवा में न उड़े।
  • छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और अस्थमा, COPD या दिल की बीमारी वाले लोग प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित होते हैं।

अक्टूबर और नवंबर में जब बाहर की हवा खराब होने की खबरें आती हैं, तो ज्यादातर लोग खिड़कियां बंद करके घर के अंदर रहना सुरक्षित मानते हैं। लेकिन घर के अंदर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है। खाना पकाने का धुआं, अगरबत्ती, मच्छर भगाने वाली कॉइल, धूल, फफूंदी और सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल घर की हवा को खराब कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO घरेलू वायु प्रदूषण को सेहत के लिए गंभीर खतरा मानता है, खासकर जहां लकड़ी, कोयले या उपलों पर खाना बनता है। जानिए घर के अंदर प्रदूषण कैसे कम करें।

घर की हवा खराब होने की वजहें

  • चूल्हे, तंदूर या तेज आंच पर तड़के का धुआं
  • बंद कमरे में अगरबत्ती, धूप या कपूर का ज्यादा धुआं
  • मच्छर भगाने वाली कॉइल
  • कालीन, पर्दों और फर्नीचर पर जमी धूल
  • दीवारों और बाथरूम में नमी से फफूंदी
  • घर के अंदर धूम्रपान
  • तेज खुशबू वाले स्प्रे और सफाई के केमिकल
मुख्य बातें: घर के अंदर की हवा साफ रखने के उपाय बताने वाला ग्राफिक
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रसोई का धुआं कम करें

खाना बनाते समय चिमनी या एग्जॉस्ट फैन चलाएं और खिड़की थोड़ी खुली रखें। जिन घरों में अभी भी लकड़ी या उपलों पर खाना बनता है, उनके लिए LPG जैसा साफ ईंधन बेहतर विकल्प है। तड़का लगाते समय तेल को धुआं निकलने तक गर्म न करें। खाना बनने के बाद कुछ देर तक एग्जॉस्ट चलता रहने दें।

पूजा का धुआं सीमित रखें

त्योहारों में पूजा घर का अहम हिस्सा है, लेकिन बंद कमरे में बहुत सी अगरबत्तियां या धूप एक साथ जलाने से धुआं भर जाता है। एक दीपक या एक अगरबत्ती काफी है। पूजा के बाद कमरे में हवा आने दें। अस्थमा के मरीज और छोटे बच्चे धुएं वाले कमरे से दूर रहें।

यह भी पढ़ें: वायु प्रदूषण और सेहत: AQI की श्रेणियां कैसे समझें, GRAP के चरण और बचाव के व्यावहारिक तरीके | त्योहार पर घर की सफाई: कमरे के हिसाब से चेकलिस्ट, केमिकल का सुरक्षित इस्तेमाल और धूल से एलर्जी में सावधानी

वेंटिलेशन का सही समय

घर को पूरी तरह बंद रखना भी ठीक नहीं है। जब बाहर की हवा अपेक्षाकृत साफ हो, उस समय कुछ देर खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने दें। अपने शहर का AQI किसी सरकारी ऐप या वेबसाइट पर देखकर यह समय तय किया जा सकता है। बहुत ज्यादा प्रदूषण वाले घंटों में खिड़कियां बंद रखें।

धूल और फफूंदी से बचाव

सूखे झाड़न की जगह गीले कपड़े से धूल साफ करें, ताकि धूल हवा में न उड़े। पर्दे, चादरें और कुशन कवर नियमित धोएं। बाथरूम और रसोई में नमी न जमने दें। दीवार पर फफूंदी दिखे तो उसे साफ करें और नमी की वजह ठीक कराएं।

एयर प्यूरीफायर और पौधे

एयर प्यूरीफायर बंद कमरे में बारीक कणों को कम करने में मदद कर सकता है, बशर्ते कमरे के आकार के अनुसार सही क्षमता का हो और फिल्टर समय पर बदला जाए। घर के पौधे सजावट और मन के लिए अच्छे हैं, लेकिन सिर्फ पौधों से घर की हवा साफ हो जाने का दावा सही नहीं माना जाता।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए

छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और अस्थमा, COPD या दिल की बीमारी वाले लोग प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित होते हैं। सांस फूलना, लगातार खांसी, सीने में जकड़न या घरघराहट हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मोमबत्ती और दीये से भी धुआं होता है?

हां, थोड़ा धुआं होता है। इन्हें हवादार जगह पर जलाएं और बुझाने के बाद कमरे में हवा आने दें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन: घरेलू वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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