दिवाली के अगले दिन सुबह घर के बाहर पटाखों के जले कागज, डिब्बे और बिखरी राख दिखती है। घर के अंदर दीयों का तेल, मोमबत्ती का मोम, रंगोली के रंग और पूजा के मुरझाए फूल बच जाते हैं। यह सब ठीक से न निपटाया जाए, तो गंदगी के साथ आग और चोट का खतरा भी रहता है। जानिए दिवाली के बाद सफाई कैसे करें।
पटाखों के कचरे से पहले सुरक्षा
- पटाखों का कचरा उठाने से पहले देख लें कि कोई पटाखा अधजला या बिना फूटा न रह गया हो
- अधजले पटाखों को हाथ से न छुएं और दोबारा जलाने की कोशिश न करें
- पूरे कचरे पर पानी डालकर उसे अच्छी तरह भिगो दें, फिर उठाएं
- दस्ताने पहनें और बच्चों को यह काम न करने दें
- भीगे कचरे को अलग थैले में रखें और कूड़ा गाड़ी को दें
- पटाखों के कचरे को जलाएं नहीं, इससे धुआं और प्रदूषण बढ़ता है

कचरे को अलग करें
स्वच्छ भारत मिशन में घर पर ही सूखा और गीला कचरा अलग करने पर जोर दिया जाता है।
- गीला कचरा: फूल, पत्ते, बचा खाना, फलों के छिलके
- सूखा कचरा: पटाखों के डिब्बे, गत्ते, प्लास्टिक की पैकिंग, कागज
- अलग से: टूटे बल्ब, बैटरी और खराब बिजली की लड़ियां
गत्ते और कागज के डिब्बे साफ हों, तो कबाड़ी को दिए जा सकते हैं।
पूजा के फूल और पत्तियां
पूजा के फूलों को नदी या तालाब में डालने से पानी गंदा होता है। इनसे घर पर खाद बनाई जा सकती है:
- फूलों से धागा, प्लास्टिक और पन्नी निकाल दें
- इन्हें गमले या खाद के गड्ढे में मिट्टी के साथ डालें
- कुछ हफ्तों में यह खाद बन जाते हैं
कई शहरों में मंदिरों और नगर निकायों की ओर से फूलों को इकट्ठा करने की व्यवस्था भी होती है।
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दीये और मोमबत्ती
- मिट्टी के दीयों को धोकर अगले साल के लिए रख सकते हैं, या पौधों के गमलों में इस्तेमाल करें
- टूटे दीये मिट्टी में मिलाए जा सकते हैं
- मोमबत्ती का बचा मोम इकट्ठा करके पिघलाकर नई छोटी मोमबत्ती बनाई जा सकती है
फर्श से मोम और तेल के दाग
- मोम को पहले ठंडा होकर सख्त होने दें, फिर प्लास्टिक के खुरचने वाले से धीरे से हटाएं
- बचे दाग पर कागज रखकर ऊपर से हल्की गर्म इस्त्री फेरें, मोम कागज में आ जाता है
- तेल के दाग पर बेसन या बेकिंग सोडा छिड़ककर कुछ देर छोड़ें, फिर पोंछ दें
- रंगोली के रंगों को पहले सूखी झाड़ू से हटाएं, फिर गीला पोंछा लगाएं
सजावट संभालें
बिजली की लड़ियों को लपेटकर डिब्बे में रखें, ताकि अगले साल उलझें नहीं। जो लड़ियां खराब हैं, उन्हें ई-कचरे के रूप में अलग दें।
सेहत का ध्यान
दिवाली के बाद हवा में धूल और धुआं ज्यादा होता है। सफाई करते समय मास्क पहनें, खासकर अगर आपको एलर्जी या सांस की तकलीफ है।
गली की सफाई की जिम्मेदारी किसकी है?
नगर निकाय सफाई करता है, लेकिन अपने घर के सामने का पटाखों का कचरा खुद समेटकर कूड़ा गाड़ी को देना अच्छी पहल है।
स्रोत: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





