केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश में रिक्त हुई राज्यसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव हेतु अपना आधिकारिक नामांकन पत्र शनिवार को दाखिल कर दिया है। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी विधानसभा भवन में उनके साथ उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी ने पुरी को उस सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है जो हाल ही में एल. मुरुगन के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी। नामांकन की यह प्रक्रिया भोपाल स्थित विधानसभा भवन में पूरी की गई जहाँ मंत्री सुबह 11 बजे के बाद पहुंचे थे।

नामांकन प्रक्रिया और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा जब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की। वह सुबह करीब 11 बजे के बाद भोपाल स्थित विधानसभा भवन के परिसर में पहुंचे। उनके आगमन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनका स्वागत किया और नामांकन पत्र जमा करने की औपचारिक प्रक्रिया के दौरान उनके साथ रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी ने इस अवसर पर पार्टी की एकजुटता को प्रदर्शित किया। नामांकन दाखिल करने की यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हुई। ज्ञात हो कि इस उपचुनाव के लिए नामांकन की आधिकारिक प्रक्रिया सोमवार से ही प्रारंभ हो चुकी थी और शनिवार को भाजपा उम्मीदवार ने अपने दस्तावेज जमा किए।
सीट के रिक्त होने का कारण और पृष्ठभूमि
राज्यसभा की यह विशिष्ट सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। एल. मुरुगन ने इसी महीने की शुरुआत में न केवल राज्यसभा की सदस्यता से बल्कि केंद्रीय सरकार के अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद निर्वाचन आयोग ने इस सीट को भरने के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी। मुरुगन का राज्यसभा में कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था लेकिन उनके अचानक पद छोड़ने के कारण यह चुनाव आवश्यक हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने इस रिक्त स्थान को भरने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भरोसा जताया है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें आवंटित हैं और वर्तमान में इसी एक सीट पर चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।
विधानसभा का गणित और मतदान की स्थिति
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 230 है लेकिन वर्तमान में प्रभावी संख्या 229 बनी हुई है। आगामी 12 नवंबर को इस राज्यसभा सीट के लिए मतदान की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इस चुनाव में मतदान के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति भी सामने आई है। अदालत द्वारा दिए गए एक फैसले के कारण कांग्रेस पार्टी के विधायक मुकेश मल्होत्रा इस विशेष उपचुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। यह कानूनी प्रतिबंध चुनाव के समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा के भीतर सदस्यों की संख्या और मतदान के नियमों के आधार पर ही इस चुनाव का परिणाम तय होगा।
विपक्ष का कड़ा विरोध और कांग्रेस के आरोप
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक माहौल काफी गरमाया रहा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में पुरी की उम्मीदवारी के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। साकेत, संत हिरदाराम नगर, तुलसी नगर और सराफा चौक जैसे प्रमुख इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरदीप सिंह पुरी के पुतले फूंके। कांग्रेस पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों और बातचीत में हरदीप सिंह पुरी का नाम उल्लेखित है। इसी मुद्दे को आधार बनाकर कांग्रेस ने उनके नामांकन का विरोध किया और सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
चुनाव कार्यक्रम और आगामी चरण
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि और दस्तावेजों की जांच के बाद चुनावी मैदान की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। सोमवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया में शनिवार का दिन भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा। अब सभी की नजरें 12 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं जहाँ विधानसभा के सदस्य अपने मत का प्रयोग करेंगे। यह चुनाव न केवल भाजपा के लिए अपनी सीट बरकरार रखने की चुनौती है बल्कि विपक्ष के लिए भी अपने आरोपों को जनता के बीच ले जाने का एक अवसर है।
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स्रोत: Aaj Tak





