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गुड़ वाले मीठे चावल: पंजाबी घरों का पारंपरिक स्वाद, सही अनुपात, गुड़ की चाशनी और दाना दाना खिले चावल बनाने का पूरा तरीका

गुड़ की खुशबू, देसी घी और सौंफ के साथ बने मीठे चावल सर्दियों में हर घर की पसंद होते हैं।

कटोरी में परोसे गए भूरे रंग के मीठे चावल का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • सर्दियां आते ही गुड़ की मांग बढ़ जाती है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई घरों में इन दिनों गुड़ वाले मीठे चावल बनाए जाते हैं, जिन्हें कहीं गुड़ वाले चावल और कहीं मीठे भात भी कहते हैं।
  • एक पतीले में 2 कप पानी उबालें और उसमें 2 से 3 लौंग और 2 इलायची डाल दें।
  • अब कड़ाही में छनी हुई गुड़ की चाशनी डालें और एक उबाल आने दें।
  • गुड़ में चीनी की तुलना में कुछ खनिज जैसे आयरन थोड़ी मात्रा में होते हैं, लेकिन यह भी शक्कर ही है और कैलोरी से भरपूर है।

सर्दियां आते ही गुड़ की मांग बढ़ जाती है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई घरों में इन दिनों गुड़ वाले मीठे चावल बनाए जाते हैं, जिन्हें कहीं गुड़ वाले चावल और कहीं मीठे भात भी कहते हैं। लोहड़ी, बसंत पंचमी या किसी भी त्योहार पर यह आसान मिठाई खूब बनती है। गुड़, देसी घी, सौंफ और सूखे मेवों के साथ बने ये चावल स्वाद में सादे होते हुए भी बहुत खास लगते हैं। इस लेख में जानिए इन्हें बनाने का पूरा तरीका, सही अनुपात और कुछ जरूरी टिप्स।

जरूरी सामग्री

चार लोगों के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी।

  • बासमती चावल: 1 कप
  • गुड़: 3/4 से 1 कप, कद्दूकस किया हुआ या टुकड़ों में
  • पानी: चावल पकाने के लिए 2 कप और चाशनी के लिए 1/2 कप
  • देसी घी: 3 बड़े चम्मच
  • सौंफ: 1 छोटा चम्मच
  • हरी इलायची: 4 से 5, कुटी हुई
  • लौंग: 3 से 4
  • काजू, बादाम, किशमिश: मुट्ठी भर
  • नारियल के टुकड़े: 2 बड़े चम्मच, चाहें तो
मुख्य बातें: कटोरी में परोसे गए भूरे रंग के मीठे चावल का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

चावल भिगोना

चावल को दो तीन बार साफ पानी से धो लें, ताकि ऊपर का स्टार्च निकल जाए। फिर इन्हें 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। भिगोने से चावल जल्दी और एक समान पकते हैं और टूटते भी कम हैं। लंबे दाने वाला पुराना बासमती इस रेसिपी के लिए सबसे अच्छा रहता है।

चावल पकाना

एक पतीले में 2 कप पानी उबालें और उसमें 2 से 3 लौंग और 2 इलायची डाल दें। पानी उबलने पर भीगे चावल का पानी निकालकर इन्हें डालें। मध्यम आंच पर चावल को लगभग 80 प्रतिशत तक पकाएं, यानी दाना बाहर से नरम हो लेकिन बीच में हल्का सख्त रहे। अब बचा पानी छान लें और चावल को एक थाली में फैलाकर ठंडा होने दें। चावल को पूरी तरह पकाने से बाद में गुड़ के साथ मिलाने पर ये चिपचिपे हो सकते हैं।

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गुड़ की चाशनी

दूसरे बर्तन में गुड़ और आधा कप पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। गुड़ पूरी तरह घुल जाए तो इसे एक बारीक छलनी से छान लें। गुड़ में अक्सर मिट्टी के छोटे कण या तिनके होते हैं, जो छानने से निकल जाते हैं। चाशनी को बहुत गाढ़ा न करें, बस गुड़ घुलकर हल्का सा उबाल आ जाना काफी है।

मेवे और तड़का

एक भारी तले की कड़ाही में घी गर्म करें। इसमें काजू और बादाम हल्के सुनहरे होने तक भूनकर निकाल लें। फिर इसी घी में किशमिश डालें, फूलते ही निकाल लें। अब घी में सौंफ, बची लौंग और इलायची डालें और कुछ सेकंड भूनें, जब तक खुशबू न आने लगे। नारियल के टुकड़े डालना हो तो इसी समय डालें।

चावल और गुड़ मिलाना

अब कड़ाही में छनी हुई गुड़ की चाशनी डालें और एक उबाल आने दें। फिर इसमें आधे पके चावल डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि दाने न टूटें। आधे मेवे भी डाल दें। कड़ाही को ढक दें और आंच को सबसे धीमा कर दें। 10 से 12 मिनट तक दम पर पकने दें। बीच में एक बार हल्के से चलाकर देख लें कि नीचे न लगे। तवे पर कड़ाही रखकर दम देने से चावल जलने का खतरा कम रहता है।

परोसना

जब चावल पूरी तरह गुड़ सोख लें और दाना दाना अलग दिखे, तो आंच बंद कर दें। पांच मिनट बाद ऊपर से बचे मेवे डालकर गरमागरम या गुनगुने परोसें। कई घरों में इन्हें ऊपर से थोड़ा और घी डालकर खाया जाता है।

जरूरी टिप्स

  • गुड़ की मिठास अलग अलग होती है, इसलिए पहली बार 3/4 कप से शुरू करें।
  • गुड़ को कभी सीधे उबलते दूध या बहुत ज्यादा गर्म चावल में न डालें, पहले चाशनी बना लें।
  • दानेदार चावल के लिए पकाते समय ज्यादा न चलाएं।
  • बचे चावल फ्रिज में दो दिन तक रख सकते हैं, खाने से पहले हल्का गर्म कर लें।

सेहत के लिहाज से

गुड़ में चीनी की तुलना में कुछ खनिज जैसे आयरन थोड़ी मात्रा में होते हैं, लेकिन यह भी शक्कर ही है और कैलोरी से भरपूर है। ICMR और NIN के आहार दिशानिर्देश अतिरिक्त शक्कर को सीमित रखने की सलाह देते हैं। इसलिए मधुमेह के मरीज या वजन नियंत्रित कर रहे लोग इसे कम मात्रा में ही खाएं।

किन मौकों पर बनते हैं

पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी और माघी पर गुड़ वाले चावल बनाने की परंपरा है। कई घरों में बसंत पंचमी पर पीले मीठे चावल बनते हैं, लेकिन सर्दियों में केसर की जगह गुड़ का इस्तेमाल पसंद किया जाता है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इसे गुड़ का भात भी कहते हैं और गन्ने की नई फसल के समय ताजा गुड़ से बनाया जाता है।

स्वाद बदलने के तरीके

  • सौंफ के साथ थोड़ा सूखा अदरक पाउडर डालने से सर्दियों में अलग स्वाद आता है।
  • कुछ लोग चावल पकाते समय एक छोटा टुकड़ा दालचीनी डालते हैं।
  • नारियल के बुरादे से दक्षिण भारतीय पायसम जैसा स्वाद मिलता है।
  • प्रेशर कुकर में बनाना हो तो चावल और पानी एक सीटी तक पकाएं और फिर चाशनी में दम दें।

परोसने के सुझाव

गुड़ वाले चावल को सादा, या ऊपर से गाढ़ी मलाई या दही के साथ परोस सकते हैं। कुछ घरों में इसे दाल रोटी के बाद मीठे के तौर पर खाते हैं।

गुड़ वाले चावल चिपचिपे क्यों हो जाते हैं

चावल को पहले से पूरा पका लेने या ज्यादा चलाने से।

कौन सा चावल सबसे अच्छा है

लंबे दाने वाला पुराना बासमती।

क्या गुड़ की जगह शक्कर ले सकते हैं

हां, पर स्वाद और रंग बदल जाएगा।

इन्हें कितने दिन रख सकते हैं

फ्रिज में दो दिन तक।

स्रोत: FSSAI: Eat Right India, ICMR-NIN: Dietary Guidelines for Indians

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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