सरकारी नौकरी, शिक्षा संस्थानों में दाखिले, छात्रवृत्ति और कई कल्याण योजनाओं में आरक्षण या लाभ के लिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी होता है। दिल्ली में यह प्रमाण पत्र दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए जारी करता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, तीनों के लिए यहां आवेदन किया जा सकता है। जानिए दिल्ली जाति प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं।
किसे मिलता है प्रमाण पत्र
- वह व्यक्ति जिसकी जाति दिल्ली के लिए अधिसूचित SC, ST या OBC सूची में शामिल हो
- जाति का निर्धारण आमतौर पर पिता की जाति से होता है
- दिल्ली में तय समय से रहने या दिल्ली का मूल निवासी होने से जुड़ी शर्तें लागू होती हैं
- दूसरे राज्य से आए लोगों के लिए नियम अलग हैं, जैसे कई मामलों में प्रवासी को उसके मूल राज्य के प्रमाण पत्र के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होता है
शर्तों की पूरी जानकारी पोर्टल पर दी गई है।

OBC प्रमाण पत्र की खास शर्त
OBC प्रमाण पत्र में क्रीमी लेयर की शर्त लागू होती है। यानी परिवार की आय और माता-पिता के पद के आधार पर तय होता है कि आवेदक नॉन क्रीमी लेयर में आता है या नहीं। केंद्र सरकार की नौकरी या दाखिले के लिए केंद्र के तय प्रारूप वाला प्रमाण पत्र मांगा जाता है, इसलिए आवेदन करते समय सही प्रकार चुनें।
जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड
- फोटो
- दिल्ली में निवास का प्रमाण
- पिता या परिवार के किसी सदस्य का जाति प्रमाण पत्र, अगर हो
- पिता या दादा के दिल्ली में रहने का पुराना प्रमाण, जैसे पुराना राशन कार्ड, वोटर लिस्ट या जमीन के कागज, जहां मांगे जाएं
- स्व-घोषणा पत्र
- OBC के लिए परिवार की आय का विवरण
दस्तावेजों की सूची पोर्टल पर प्रमाण पत्र की श्रेणी के अनुसार दी गई है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं: ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज और डाउनलोड | अटल कैंटीन दिल्ली: 5 रुपये में भरपेट खाना, कैंटीन का समय, कहां हैं और क्या मिलता है
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- दिल्ली के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाएं
- आधार या मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें
- लॉगिन करके SC, ST या OBC प्रमाण पत्र की सेवा चुनें
- फॉर्म में व्यक्तिगत और परिवार की जानकारी भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन जमा करके संख्या संभालकर रखें
जो लोग खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या उपजिलाधिकारी कार्यालय से मदद ले सकते हैं।
सत्यापन और जारी होना
आवेदन के बाद उपजिलाधिकारी कार्यालय के स्तर पर जांच होती है। जरूरत हो, तो आवेदक को मूल दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है। स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी होता है, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
ध्यान रखें
- गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है
- प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता पोर्टल पर जांची जा सकती है
- नाम या जानकारी में गलती हो, तो सुधार के लिए आवेदन करें
क्या OBC प्रमाण पत्र हर साल बनवाना पड़ता है?
OBC नॉन क्रीमी लेयर की स्थिति आय पर निर्भर करती है, इसलिए कई नौकरियों और दाखिलों में हाल का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। संबंधित विज्ञापन या नियम देखें।
स्रोत: ई-डिस्ट्रिक्ट दिल्ली, राजस्व विभाग, राजस्व विभाग, दिल्ली सरकार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





