दिल्ली में मजदूरी करने वाले, रिक्शा चलाने वाले और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बहुत से लोगों के लिए दो वक्त का पौष्टिक खाना महंगा पड़ता है। इसी को ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने अटल कैंटीन शुरू की हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर 2025 को शुरू हुई इन कैंटीनों में 5 रुपये में भोजन मिलता है। इनका संचालन दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड यानी DUSIB करता है। जानिए अटल कैंटीन दिल्ली के बारे में जरूरी बातें।
क्या मिलता है
अटल कैंटीन में 5 रुपये में एक थाली दी जाती है। थाली में आमतौर पर दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसा सादा पका भोजन होता है। मेन्यू दिन के हिसाब से बदल सकता है। खाना साफ-सफाई के मानकों के साथ तैयार करने की व्यवस्था की गई है।

कैंटीन का समय
सरकार की घोषणा और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कैंटीन दो पालियों में खाना देती हैं:
- दोपहर: सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक
- रात: शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक
किसी खास कैंटीन का समय स्थानीय स्तर पर अलग हो सकता है, इसलिए नजदीकी कैंटीन पर लगी सूचना देखें।
कैंटीन कहां हैं
सरकार ने शहर में 100 अटल कैंटीन खोलने की घोषणा की थी। ये कैंटीन मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, मजदूरों के इलाकों, निर्माण स्थलों और ज्यादा आवाजाही वाली जगहों के पास बनाई गई हैं। अपने इलाके की कैंटीन की जानकारी DUSIB या स्थानीय विधायक कार्यालय से ली जा सकती है।
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कौन खाना ले सकता है
अटल कैंटीन का मकसद गरीब और मेहनतकश लोगों को सस्ता खाना देना है। आम तौर पर कोई भी व्यक्ति तय कीमत देकर भोजन ले सकता है। कई कैंटीनों में भीड़ और गड़बड़ी रोकने के लिए टोकन व्यवस्था रखी गई है।
व्यवस्था कैसे चलती है
- खाने की असली लागत 5 रुपये से ज्यादा है, बाकी खर्च सरकार उठाती है
- कैंटीन में टोकन या डिजिटल व्यवस्था से भोजन की गिनती रखी जाती है
- कई कैंटीनों में CCTV से निगरानी की व्यवस्था बताई गई है
- खाना पकाने का काम केंद्रीकृत रसोई या कैंटीन पर हो सकता है
दूसरी सुविधाएं जो काम आ सकती हैं
जो परिवार अटल कैंटीन का खाना लेते हैं, उनमें से कई सरकारी राशन, पेंशन और रैन बसेरों जैसी दूसरी सुविधाओं के भी पात्र हो सकते हैं। DUSIB दिल्ली में रैन बसेरे भी चलाता है, जो सर्दियों में बेघर लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं।
शिकायत और सुझाव
खाने की गुणवत्ता, मात्रा, साफ-सफाई या ज्यादा पैसे मांगने की शिकायत हो, तो DUSIB, दिल्ली सरकार के शिकायत पोर्टल या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। शिकायत में कैंटीन का स्थान, तारीख और समय जरूर लिखें।
क्या कैंटीन से खाना घर ले जा सकते हैं?
यह हर कैंटीन की व्यवस्था पर निर्भर है। ज्यादातर जगह भोजन वहीं बैठकर खाने के लिए दिया जाता है। स्थानीय कर्मचारियों से पूछ लें।
स्रोत: दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





