त्योहारों के मौसम में पूजा, मेहमान, शादियां और पार्टियां एक के बाद एक आती हैं। भारी मेकअप, देर रात तक जागना, मीठा और तला खाना, और ऊपर से बढ़ता प्रदूषण, इन सबका असर त्वचा पर दिखता है। मुंहासे, रूखापन और चेहरे की थकान आम शिकायतें बन जाती हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी यानी AAD की सामान्य सलाह के आधार पर जानिए त्योहार पर त्वचा की देखभाल कैसे करें।
बेसिक रूटीन न छोड़ें
AAD के अनुसार त्वचा की देखभाल का आधार तीन चीजें हैं: हल्के क्लींजर से सफाई, मॉइस्चराइजर और धूप से बचाव। त्योहार की भागदौड़ में भी यह रूटीन बनाए रखें।
- दिन में दो बार और पसीना आने के बाद हल्के, बिना तेज खुशबू वाले क्लींजर से चेहरा धोएं
- चेहरा जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से थपथपाकर सुखाएं
- त्वचा के प्रकार के हिसाब से मॉइस्चराइजर लगाएं, तैलीय त्वचा के लिए हल्का और रूखी त्वचा के लिए थोड़ा गाढ़ा
- दिन में बाहर जाते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं

मेकअप करते समय
- मेकअप से पहले चेहरा साफ करके मॉइस्चराइजर लगाएं
- मेकअप ब्रश और स्पंज साफ रखें, दूसरों के साथ साझा न करें
- एक्सपायरी वाले मेकअप प्रोडक्ट इस्तेमाल न करें
- रात को कितनी भी थकान हो, मेकअप हटाकर और चेहरा धोकर ही सोएं
मेकअप के साथ सोने से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं और मुंहासे बढ़ सकते हैं।
नए प्रोडक्ट और घरेलू नुस्खे
त्योहार से ठीक पहले नया फेशियल, केमिकल पील या नया प्रोडक्ट आजमाने से बचें, क्योंकि जलन या दाने हो सकते हैं। कोई नया प्रोडक्ट लगाना हो, तो पहले कान के पीछे या बांह के अंदरूनी हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करें। नींबू, बेकिंग सोडा या टूथपेस्ट जैसे घरेलू नुस्खे सीधे चेहरे पर लगाने से जलन हो सकती है।
यह भी पढ़ें: वायु प्रदूषण और सेहत: AQI की श्रेणियां कैसे समझें, GRAP के चरण और बचाव के व्यावहारिक तरीके | त्योहार पर घर की सफाई: कमरे के हिसाब से चेकलिस्ट, केमिकल का सुरक्षित इस्तेमाल और धूल से एलर्जी में सावधानी
प्रदूषण और धुएं से बचाव
अक्टूबर-नवंबर में कई शहरों में प्रदूषण बढ़ जाता है। बाहर से आकर चेहरा धोएं, बाल ढककर रखें और ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों में बाहर की गतिविधि कम करें। पटाखों के पास चेहरा न ले जाएं। आंखों में जलन हो तो साफ पानी से धोएं।
अंदर से देखभाल
पर्याप्त पानी पिएं, फल-सब्जियां खाएं और मीठा व तला खाना सीमित रखें। नींद पूरी करने की कोशिश करें, क्योंकि लगातार देर रात जागने का असर चेहरे पर दिखता है।
डॉक्टर कब दिखाएं
किसी प्रोडक्ट से तेज जलन, सूजन, फफोले या लगातार बढ़ते मुंहासे हों, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें। बिना सलाह के स्टेरॉयड वाली क्रीम न लगाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सर्दियों में भी सनस्क्रीन जरूरी है?
हां, बादल और सर्दी में भी धूप की किरणें त्वचा तक पहुंचती हैं, इसलिए बाहर जाते समय सनस्क्रीन फायदेमंद है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD): Skin care basics। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





