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How to Quit Tobacco: Free National Quitline, mCessation and Tips to Stop Smoking or Chewing भाई दूज के अलग-अलग रूप: बंगाल का भाई फोंटा, महाराष्ट्र का भाऊबीज, नेपाल का भाई टीका और इनकी परंपराएं Post Office RD Explained: Minimum Deposit, Interest, Loan, Premature Closure and How to Open BREAKING: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर अमेरिका के कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया पहले दिन Ramayana की बॉक्स ऑफिस पर जय-जयकार, प्री-दीवाली रिलीज का पुराना रिकॉर्ड तोड़ बनाया नया बेंचमार्क पिकलबॉल के नियम आसान भाषा में: किचन जोन, दो बाउंस का नियम, अंडरहैंड सर्व, 11 अंक का गेम और तेजी से लोकप्रिय होते खेल की कहानी BREAKING: राहुल गांधी ने पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा पर केंद्र सरकार को घेरा छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार, अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को मिला लाभ
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भाई दूज के अलग-अलग रूप: बंगाल का भाई फोंटा, महाराष्ट्र का भाऊबीज, नेपाल का भाई टीका और इनकी परंपराएं

भाई-बहन के प्रेम का यह पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों और रस्मों के साथ मनाया जाता है। जानिए बंगाल में चंदन के फोंटे से, महाराष्ट्र में आरती और ओवाळणी से और नेपाल में सात रंगों के टीके से भाई दूज कैसे मनता है।

देश भर में भाई दूज के अलग-अलग रूपों का ग्राफिक
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सारांश

  • उत्तर भारत में भाई दूज पर बहनें भाई को तिलक लगाकर भोजन कराती हैं।
  • महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में यह भाऊबीज कहलाता है।
  • भारत में सिक्किम, दार्जिलिंग और नेपाली समुदाय में भी यह परंपरा निभाई जाती है।
  • इन सभी परंपराओं के पीछे यम और यमुना की कथा या भाई की रक्षा की कामना है।

उत्तर भारत में भाई दूज पर बहनें भाई को तिलक लगाकर भोजन कराती हैं। यही पर्व देश के दूसरे हिस्सों और पड़ोसी नेपाल में अलग नामों और रस्मों के साथ मनाया जाता है, पर सबका भाव एक है, भाई की लंबी उम्र और भाई-बहन का प्रेम। इस बार भाई दूज 11 नवंबर 2026 को है। जानिए भाई दूज के अलग-अलग रूप।

बंगाल का भाई फोंटा

पश्चिम बंगाल में यह पर्व भाई फोंटा या भाई फोटा कहलाता है।

  • बहनें सुबह उपवास रखती हैं
  • चंदन, काजल और दही से भाई के माथे पर फोंटा यानी टीका लगाया जाता है
  • बहनें एक पारंपरिक छंद बोलती हैं, जिसमें यमराज और यमुना का जिक्र होता है और भाई की रक्षा की कामना की जाती है
  • शंख बजाया जाता है और धान-दूब से आशीर्वाद दिया जाता है
  • इसके बाद भाई को मिठाई और खास भोजन कराया जाता है
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महाराष्ट्र का भाऊबीज

महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में यह भाऊबीज कहलाता है।

  • बहन भाई को पाट पर बैठाकर आरती उतारती है, जिसे ओवाळणी कहते हैं
  • भाई के माथे पर तिलक लगाया जाता है
  • बासुंदी-पूरी या श्रीखंड जैसे पकवान बनते हैं
  • भाई बहन को उपहार देता है
  • जिनके भाई नहीं होते, वे चंद्रमा को भाई मानकर आरती करती हैं, ऐसी परंपरा भी है

गुजरात का भाई बीज

गुजरात में दिवाली के बाद नया साल और फिर भाई बीज मनाया जाता है। बहनें भाई को घर बुलाकर तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं।

यह भी पढ़ें: भाई दूज 2026 कब है: 11 नवंबर को यम द्वितीया, यमराज-यमुना की कथा और तिलक की परंपरा | गोधन कूटना: भाई दूज पर बिहार और पूर्वी यूपी की अनोखी परंपरा, बजरी, श्राप देने की रस्म और कथा

नेपाल का भाई टीका

नेपाल में तिहार पर्व का आखिरी दिन भाई टीका कहलाता है, जो बहुत बड़ा उत्सव है।

  • बहनें भाई के माथे पर सात रंगों का टीका लगाती हैं
  • गेंदे और मखमली फूलों की माला पहनाई जाती है
  • भाई के चारों ओर तेल और पानी की धार से घेरा बनाया जाता है, रक्षा के प्रतीक के रूप में
  • भाई भी बहन को टीका लगाता है और उपहार देता है

भारत में सिक्किम, दार्जिलिंग और नेपाली समुदाय में भी यह परंपरा निभाई जाती है।

बिहार और पूर्वांचल

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाई दूज की सुबह गोधन कूटने की अनोखी परंपरा है, जिसमें बहनें पहले भाई को श्राप देकर फिर प्रायश्चित करती हैं।

कायस्थ समाज में चित्रगुप्त पूजा

इसी दिन कायस्थ समाज भगवान चित्रगुप्त की पूजा करता है और कलम-दवात की पूजा होती है।

एक भाव, कई रंग

इन सभी परंपराओं के पीछे यम और यमुना की कथा या भाई की रक्षा की कामना है। रस्में अलग हैं, पर भाई-बहन के रिश्ते का सम्मान हर जगह एक जैसा है।

क्या भाई फोंटा भी 11 नवंबर को है?

बंगाल में तिथि की गणना स्थानीय पंचांग से होती है, इसलिए तारीख में अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांग देखें।

शहरों में मिलती परंपराएं

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में अलग-अलग राज्यों के परिवार पास-पास रहते हैं। ऐसे में एक-दूसरे की भाई दूज की रस्में देखना और अपनाना भी अब आम हो गया है।

स्रोत: द्रिक पंचांग, भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय: इनक्रेडिबल इंडिया। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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