लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक प्रमुख सदस्य हैरी बॉक्सर को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। वह लंबे समय से अमेरिका में बैठकर भारत में अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। हैरी बॉक्सर पर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास के बाहर गोलीबारी कराने और बॉलीवुड की कई हस्तियों को धमकी भरे संदेश भेजने का गंभीर आरोप है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी आईसीई ने उसे कैलिफोर्निया में पकड़ा है, जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

कैलिफोर्निया में अमेरिकी एजेंसी की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के सबसे वांछित अपराधियों में से एक हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी एजेंसी आईसीई ने उसे कैलिफोर्निया राज्य से पकड़ा है। हैरी बॉक्सर का असली नाम हरि चंद जाट है और वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक बहुत ही करीबी सहयोगी माना जाता है। भारत में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पिछले काफी समय से विदेशी धरती का उपयोग करके भारत में अपने गिरोह के नेटवर्क को चला रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी हिरासत से बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा। इससे पहले भी अमेरिका में हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया जैसे गैंगस्टरों को हिरासत में लिया जा चुका है, जो भारत में वांछित हैं।
रोहित शेट्टी के आवास पर गोलीबारी का मामला
हैरी बॉक्सर का नाम प्रमुखता से तब सामने आया जब फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हमला हुआ था। 1 फरवरी 2026 की देर रात को जुहू में स्थित शेट्टी टावर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना के समय रोहित शेट्टी अपने घर के भीतर ही मौजूद थे, हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली थी। मुंबई पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे और उन्होंने पैदल ही टावर के पास पहुंचकर फायरिंग की थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मामले की गहन जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच में हमलावरों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया था, जिससे पता चला कि वे वारदात को अंजाम देने के बाद तुरंत फरार हो गए थे।
सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी और धमकियां
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी। इस पोस्ट में हैरी बॉक्सर के साथ शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई और हरमन संधू ने मिलकर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पोस्ट में स्पष्ट रूप से रोहित शेट्टी को चेतावनी दी गई थी कि उन्हें पहले भी सतर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके साथ ही भविष्य में और भी बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की धमकी दी गई थी। केवल सोशल मीडिया पोस्ट ही नहीं, बल्कि फरवरी 2026 में रोहित शेट्टी और अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी भरे ऑडियो संदेश भी भेजे गए थे। इन संदेशों में भेजने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया था और दोनों कलाकारों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। मुंबई पुलिस इन ऑडियो क्लिप्स की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवाज हैरी बॉक्सर की ही है या इसे किसी तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है।
हैरी बॉक्सर की पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास
गैंगस्टर हैरी बॉक्सर की कहानी राजस्थान से शुरू होती है। वह राजस्थान के अलवर जिले के नारायणपुर का मूल निवासी है। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले उसका झुकाव खेलों की तरफ था। वह बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेता था और इसी कारण उसे हैरी बॉक्सर के नाम से जाना जाने लगा। उसने जयपुर में एक बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम किया था। हालांकि, बाद में उसका नाम आपराधिक गतिविधियों में आने लगा और वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। धीरे-धीरे वह इस गिरोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया और विदेशों से बैठकर रंगदारी मांगने और हत्या की साजिश रचने जैसे काम करने लगा। दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने उसे मोस्ट वांटेड की सूची में रखा था। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की फेहरिस्त काफी लंबी है, जिसमें मुख्य रूप से व्यापारियों और बॉलीवुड हस्तियों से पैसे वसूलने के लिए डराने-धमकाने के मामले शामिल हैं।
विदेशी धरती से गैंग संचालन पर नकेल
भारतीय एजेंसियां पिछले कुछ समय से उन अपराधियों पर विशेष ध्यान दे रही हैं जो भारत में अपराध करने के बाद विदेशों में शरण ले लेते हैं। हैरी बॉक्सर की हिरासत को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वह अमेरिका में बैठकर न केवल लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए फंड जुटा रहा था, बल्कि नए लड़कों को गैंग में भर्ती करने और उन्हें निर्देश देने का काम भी कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उसे हिरासत में लिए जाने के बाद अब उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। यह कार्रवाई उन सभी अपराधियों के लिए एक संदेश है जो यह समझते हैं कि वे विदेश जाकर भारतीय कानून की पहुंच से बच सकते हैं।
स्रोत: Aaj Tak, Amar Ujala





