अयोध्या में आज भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सरयू नदी के 56 घाटों पर लगभग 30 लाख दीये जलाए जाएंगे। राम की पैड़ी और पूरी रामनगरी इस विशेष अवसर पर रोशनी से जगमगा उठेगी। सुरक्षा के व्यापक प्रबंधों के बीच इस समारोह को देखने के लिए विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं और प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

सरयू के तट पर दीप प्रज्वलन की भव्य तैयारी
अयोध्या में आज दीपोत्सव का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही भगवान सूर्य अस्त होंगे, राम की नगरी में सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये एक साथ रोशन हो जाएंगे। इस विशाल आयोजन के लिए राम की पैड़ी, सरयू घाट और रामकथा घाट सहित अयोध्या का प्रत्येक कोना पूरी तरह तैयार है। यह दीपोत्सव भगवान राम के विजय और उनके स्वागत उत्सव की प्रतीक रोशनी से पूरी नगरी को जगमगा देगा। पिछले कई दिनों से इन घाटों पर दीये बिछाने का काम निरंतर चल रहा था और अब अंतिम चरण में दीयों में तेल और रुई की बाती डालने का कार्य भी संपन्न कर लिया गया है। स्वयंसेवी संस्थाओं के हजारों कार्यकर्ता इस पूरी व्यवस्था को संभालने में जुटे हुए हैं। कोई कार्यकर्ता दीयों में सावधानीपूर्वक तेल डाल रहा है तो कोई बाती को ठीक करने में लगा है ताकि शाम को दीप प्रज्वलन के समय कोई बाधा न आए। राम की पैड़ी पर विशेष रूप से बड़ी संख्या में दीये बिछाए गए हैं जहां स्वयंसेवकों की टोलियां पूरी तन्मयता से काम कर रही हैं। शाम को करीब 5:30 बजे से दीप प्रज्वलन का मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा जिसके बाद पूरी अयोध्या नगरी दूधिया और सुनहरी रोशनी में नहा उठेगी।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति और धार्मिक अनुष्ठान
दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर अयोध्या में कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी। दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम से पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को विशेष रूप से विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया है जो मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। आज के कार्यक्रम के तहत भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में उपस्थित रहेंगे। ये सभी गणमान्य अतिथि वहां विराजमान रामलला की विशेष आरती करेंगे। इसके बाद दीपोत्सव के मुख्य आयोजनों में उनकी भागीदारी होगी। मंदिर परिसर में फूलों की सजावट और रोशनी के इंतजाम इस तरह किए गए हैं कि वहां आने वाले श्रद्धालु भक्ति के साथ-साथ उत्सव के आनंद का भी अनुभव कर सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों का जायजा ले रहे हैं और उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और व्यापक इंतजाम
इतने बड़े स्तर पर आयोजित हो रहे दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में सुरक्षा के अत्यंत कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे आयोजन क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित किया गया है ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए 20 एडिशनल एसपी और 45 सीओ सहित करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए पीएसी की 9 कंपनियां और आरएएफ की 3 कंपनियां आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस की दो विशेष कमांडो टीमें भी कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए अयोध्या में मौजूद हैं। सरयू नदी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। नदी के तटबंधों पर पीएसी की फ्लड कंपनी को भी लगाया गया है ताकि जल स्तर और सुरक्षा पर नजर बनी रहे। इस प्रकार दीपोत्सव के साथ-साथ पूरे अयोध्या धाम में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दीपोत्सव का आकर्षण
अयोध्या के इस दीपोत्सव की ख्याति अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है बल्कि विदेशों से भी लोग इसे देखने के लिए खिंचे चले आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से आए शेन राम की पैड़ी पर बैठकर दीपोत्सव की तैयारियों को देख रहे हैं और वे इसे लेकर काफी उत्साहित नजर आए। शेन ने बताया कि मलेशिया में भारतीय समुदाय के बीच दिवाली की भव्य तैयारियों को देखने के बाद उनके मन में अयोध्या के इस विश्व प्रसिद्ध दीपोत्सव को करीब से देखने की तीव्र इच्छा जागृत हुई थी। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए वे विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया से अयोध्या पहुंचे हैं। अयोध्या की सजी हुई सड़कें, मुख्य चौराहे, जगह-जगह लगी एलईडी स्क्रीन और मिट्टी के दीयों की कतारों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है। शहर में चल रहे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हुए वे इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए उत्सुक हैं।
स्वयंसेवकों का योगदान और आयोजन की रूपरेखा
इस पूरे आयोजन की सफलता के पीछे हजारों स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत छिपी है। स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से दिन-रात एक करके घाटों पर दीयों को व्यवस्थित करने में लगे थे। अब जब दीप प्रज्वलन का समय निकट है, तो वे अंतिम तैयारियों को सुनिश्चित कर रहे हैं। अयोध्या की सड़कों और चौराहों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लोग दीपोत्सव के हर पल का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान राम के जीवन और अयोध्या की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। शाम 5:30 बजे का समय अयोध्या के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ने वाला होगा जब 30 लाख दीये एक साथ जलकर अंधकार को मिटाएंगे। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण तरीके से इस दिव्य दृश्य का आनंद ले सकें।
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स्रोत: Aaj Tak





