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BREAKING: बॉश लिमिटेड का स्टॉक स्प्लिट और बोनस का ऐलान एक शेयर के होंगे बीस

बॉश लिमिटेड ने 1:5 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट और 3:1 के अनुपात में बोनस शेयर की घोषणा की है जिससे निवेशकों का एक शेयर बीस में बदल जाएगा।

BREAKING: बॉश लिमिटेड का स्टॉक स्प्लिट और बोनस का ऐलान एक शेयर के होंगे बीस
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कलपुर्जे और विभिन्न हार्डवेयर उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी बॉश लिमिटेड ने अपने निवेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है।
  • इसे विस्तार से समझने के लिए एक उदाहरण लिया जा सकता है। यदि किसी निवेशक के पास वर्तमान में बॉश लिमिटेड के 10 शेयर हैं तो स्टॉक स्प्लिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन 10 शेयरों की संख्या…
  • शुक्रवार को बॉश लिमिटेड के शेयरों में काफी हलचल देखी गई। कारोबार की शुरुआत में शेयर में तेजी थी और यह गुरुवार के बंद भाव 52,450 रुपये के मुकाबले 52,540 रुपये पर खुला था।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और स्टॉक स्प्लिट का पुराना रिकॉर्ड

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कलपुर्जे और विभिन्न हार्डवेयर उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी बॉश लिमिटेड ने अपने निवेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का दोहरा लाभ देने का निर्णय लिया है जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों के पास मौजूद प्रत्येक एक शेयर अब बीस शेयरों में बदल जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा कंपनी द्वारा अपनी जुलाई से सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणामों को जारी करने के साथ की गई है जिसमें कंपनी के मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखी गई है। हालांकि इस बड़ी खबर के बाद भी शुक्रवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और यह गिरावट के साथ बंद हुआ।

बॉश स्टॉक स्प्लिट विवरण
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का गणितीय विवरण

बॉश लिमिटेड ने अपने शेयरों के विभाजन यानी स्टॉक स्प्लिट के लिए 1:5 का अनुपात तय किया है। इसका सरल अर्थ यह है कि कंपनी के जिस एक शेयर की फेस वैल्यू वर्तमान में 10 रुपये है उसे विभाजित करके 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले पांच शेयरों में बदल दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से शेयरों की संख्या पांच गुना हो जाएगी। इसके साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 3:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की भी घोषणा की है। बोनस शेयर के इस अनुपात का मतलब है कि प्रत्येक एक शेयर पर निवेशकों को तीन अतिरिक्त शेयर मुफ्त में दिए जाएंगे। जब हम इन दोनों घोषणाओं को मिलाकर देखते हैं तो एक शेयर रखने वाले निवेशक के पास कुल बीस शेयर हो जाएंगे।

इसे विस्तार से समझने के लिए एक उदाहरण लिया जा सकता है। यदि किसी निवेशक के पास वर्तमान में बॉश लिमिटेड के 10 शेयर हैं तो स्टॉक स्प्लिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन 10 शेयरों की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी। इसके बाद कंपनी द्वारा घोषित 3:1 के बोनस शेयर के नियम के अनुसार इन 50 शेयरों पर निवेशक को 150 अतिरिक्त शेयर बोनस के रूप में मिलेंगे। इस प्रकार स्टॉक स्प्लिट और बोनस की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उस निवेशक के पास कुल 200 शेयर हो जाएंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे शेयरों की संख्या तो बढ़ेगी लेकिन निवेश का कुल मूल्य बाजार के समायोजन के अनुसार ही रहेगा।

तिमाही वित्तीय प्रदर्शन और मुनाफे के आंकड़े

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर की अवधि के लिए अपने वित्तीय नतीजे भी पेश किए हैं। बॉश लिमिटेड का शुद्ध मुनाफा इस तिमाही में बढ़कर 839.4 करोड़ रुपये रहा है जबकि पिछले साल की इसी समान तिमाही में यह आंकड़ा 708 करोड़ रुपये था। इस मुनाफे में लगभग 130 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ भी शामिल है जिसे यदि अलग कर दिया जाए तो कंपनी का वास्तविक मुनाफा लगभग 709.4 करोड़ रुपये बैठता है। कंपनी की आय में भी इस दौरान जबरदस्त उछाल देखा गया है। सालाना आधार पर कंपनी का राजस्व 28.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,655 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है जो पिछले साल 5,969 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

कंपनी के परिचालन लाभ यानी एबिटा (EBITDA) की बात करें तो इसमें भी सुधार हुआ है और यह पिछले साल के 842 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,037 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि कंपनी के एबिटा मार्जिन में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल की समान तिमाही में मार्जिन 14 प्रतिशत था जो इस बार घटकर 13.5 प्रतिशत रह गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी के कारोबार में विस्तार तो हुआ है लेकिन परिचालन लागत के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव बना हुआ है। कंपनी के बोर्ड ने इन प्रदर्शनों के आधार पर ही शेयरधारकों को पुरस्कृत करने का फैसला लिया है।

शेयर बाजार में उतार चढ़ाव और निवेशकों का रुख

शुक्रवार को बॉश लिमिटेड के शेयरों में काफी हलचल देखी गई। कारोबार की शुरुआत में शेयर में तेजी थी और यह गुरुवार के बंद भाव 52,450 रुपये के मुकाबले 52,540 रुपये पर खुला था। दिन के दौरान शेयर ने 52,650 रुपये का स्तर छूकर अपना 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर भी बनाया। लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण इसमें गिरावट आने लगी और यह 50,321.20 रुपये के निचले स्तर तक चला गया। अंत में बीएसई पर कंपनी का शेयर 3.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,765 रुपये पर बंद हुआ। इस गिरावट के बावजूद पिछले कुछ समय में शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।

पिछले दो सप्ताह के आंकड़ों को देखें तो बॉश के शेयर में लगभग 15 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं पिछले छह महीनों में इस शेयर ने 38.44 प्रतिशत का रिटर्न दिया है और इस साल की शुरुआत से अब तक इसमें 40.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शेयर का 52 हफ्ते का निचला स्तर 28,650.05 रुपये रहा है जिससे तुलना करने पर पता चलता है कि शेयर ने निचले स्तरों से कितनी मजबूत रिकवरी की है। वर्तमान में निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा घोषित स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर के लिए तय की जाने वाली रिकॉर्ड डेट पर टिकी है जिसकी जानकारी कंपनी आने वाले समय में साझा करेगी।

ऐतिहासिक संदर्भ और स्टॉक स्प्लिट का पुराना रिकॉर्ड

बॉश लिमिटेड द्वारा लगभग 22 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने शेयरों को स्प्लिट करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले कंपनी ने साल 2004 में अपने शेयरों का विभाजन किया था। उस समय कंपनी ने 100 रुपये की फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बांटा था। अब 22 साल बाद कंपनी दोबारा इसी तरह का कदम उठा रही है जहां 10 रुपये की फेस वैल्यू को 2 रुपये में बदला जा रहा है। स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य आमतौर पर बाजार में शेयरों की तरलता बढ़ाना और छोटे निवेशकों के लिए शेयर को अधिक किफायती बनाना होता है क्योंकि शेयर की कीमत बहुत अधिक होने पर खुदरा निवेशकों के लिए उसमें निवेश करना कठिन हो जाता है।

कंपनी के इस फैसले से बाजार में बॉश के शेयरों की उपलब्धता बढ़ जाएगी। हालांकि निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर मिलने से उनके पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं आता क्योंकि शेयर की बाजार कीमत भी उसी अनुपात में कम हो जाती है। बॉश लिमिटेड ने ऑटो पार्ट्स और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है और हालिया तिमाही नतीजे इसी मजबूती को दर्शाते हैं। कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन और शेयर की कीमतों पर इन कॉर्पोरेट घोषणाओं का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

स्रोत: Aaj Tak

लेखक

Sanjna Gupta

संजना गुप्ता डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी कंटेंट राइटर हैं और मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बीबी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड में सोशल मीडिया कंटेंट राइटर रह चुकी हैं और दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप कर चुकी हैं।

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