उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह निर्णय दिवाली के अवसर पर लिया गया है जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार ने इस वृद्धि को जुलाई 2026 से लागू करने का निर्देश दिया है। इस घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों में खुशी की लहर है क्योंकि त्योहारों के समय यह एक बड़ी आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी निर्णय लिया है। दिवाली के पावन अवसर पर सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा उपहार देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का यह फैसला राज्य के सरकारी तंत्र में काम करने वाले लोगों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आया है। इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि त्योहारों के इस समय में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ हो सके। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए इसी तरह के एक फैसले के बाद उठाया गया है।
सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। इस नए बदलाव के बाद, उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। यह पांच प्रतिशत की सीधी वृद्धि कर्मचारियों की मासिक आय में सकारात्मक प्रभाव डालेगी और उन्हें बढ़ती महंगाई का सामना करने में सहायता प्रदान करेगी। सरकार का उद्देश्य अपने कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है ताकि वे आर्थिक चुनौतियों का बेहतर ढंग से मुकाबला कर सकें।
प्रभावी तिथि और भुगतान की समयसीमा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते में की गई यह पांच प्रतिशत की वृद्धि जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका अर्थ यह है कि कर्मचारियों को जुलाई के महीने से ही इस बढ़ी हुई दर का लाभ प्राप्त होगा। भुगतान के संबंध में सरकार ने निर्देश दिया है कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता नवंबर महीने के वेतन के साथ जोड़कर दिया जाएगा। इस प्रकार, नवंबर माह में जब कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में वेतन और पेंशन आएगी, तो वह बढ़ी हुई दर के साथ होगी। जुलाई से नवंबर तक का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एक साथ जोड़कर दिया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को एकमुश्त राशि का लाभ मिलेगा।
एरियर का भुगतान और भविष्य निधि खाता
जुलाई से लेकर अक्टूबर तक के समय के लिए जो एरियर की राशि बनती है, उसके लिए सरकार ने एक विशेष प्रक्रिया निर्धारित की है। जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीनों के एरियर का नकद भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, सरकार ने यह निर्णय लिया है कि इस अवधि की एरियर राशि को संबंधित कर्मचारियों के भविष्य निधि यानी पीएफ खाते में जमा किया जाएगा। यह कदम कर्मचारियों की भविष्य की बचत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नवंबर के वेतन के साथ केवल नवंबर महीने का बढ़ा हुआ भत्ता नकद रूप में मिलेगा, जबकि पिछला बकाया उनके पीएफ खाते में जमा होगा।
लाभान्वित होने वाले कर्मचारी वर्ग
इस घोषणा का लाभ केवल मुख्य सरकारी विभागों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी विस्तृत है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से राज्य के नियमित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी और शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत कर्मी भी इस पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी के पात्र होंगे। सरकार के इस समावेशी निर्णय से राज्य के एक बड़े कार्यबल को दिवाली के समय आर्थिक संबल प्राप्त होगा और यह विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
केंद्र सरकार के फैसले से तुलना
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए फैसले के बाद आया है। केंद्र की मोदी सरकार ने भी सातवें वेतन आयोग के तहत अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि की थी। केंद्र सरकार के उस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया था। केंद्र के इस कदम से देश भर के लगभग एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा पहुँचा था। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का भत्ता 63 प्रतिशत कर दिया है, जिससे राज्य और केंद्र के कर्मचारियों का भत्ता अब एक समान स्तर पर आ गया है।
आठवें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत भत्तों में वृद्धि की जा रही है, लेकिन साथ ही आठवें वेतन आयोग को लेकर भी सरगर्मी तेज है। आठवें वेतन आयोग की टीम इन दिनों देश के विभिन्न शहरों का दौरा कर रही है और वहां बैठकें आयोजित कर रही है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों और उनकी समस्याओं को समझना है। टीम विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा कर रही है ताकि उनकी जरूरतों का सही आकलन किया जा सके। सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श पूरा करने के बाद, यह टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद भविष्य में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के ढांचे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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स्रोत: Aaj Tak





