नवंबर के मध्य से उत्तर भारत में ठंड तेज होने लगती है। लोग रूम हीटर, ब्लोअर, अंगीठी और कोयले की सिगड़ी का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। हर सर्दी में ऐसी खबरें आती हैं कि बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से परिवार के लोगों का दम घुट गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने भी शीत लहर से बचाव की सलाह में बंद कमरे में कोयला या लकड़ी न जलाने की चेतावनी दी है। जानिए रूम हीटर और अंगीठी इस्तेमाल करते समय कौन सी सावधानियां जरूरी हैं।
अंगीठी का सबसे बड़ा खतरा
कोयला, लकड़ी या उपले जलाने पर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए इसका पता नहीं चलता। बंद कमरे में यह धीरे-धीरे भरती है और सोते हुए व्यक्ति को बेहोश कर सकती है। इसके शुरुआती लक्षण हैं सिरदर्द, चक्कर, उलटी जैसा लगना और सुस्ती।
- बंद कमरे में अंगीठी या सिगड़ी जलाकर कभी न सोएं
- अंगीठी इस्तेमाल करनी हो तो खिड़की या रोशनदान खुला रखें
- सोने से पहले अंगीठी बुझाकर कमरे से बाहर रख दें

हीटर के प्रकार
- **रॉड या कॉइल हीटर:** सस्ते और जल्दी गर्म, पर हवा को सुखाते हैं और खुली रॉड से जलने का खतरा
- **फैन हीटर या ब्लोअर:** कमरे को जल्दी गर्म करते हैं, पर शोर और सूखापन
- **ऑयल फिल्ड रेडिएटर:** धीरे गर्म करते हैं, सतह ज्यादा गर्म नहीं होती, बच्चों वाले घरों में अपेक्षाकृत सुरक्षित
- **हैलोजन या कार्बन हीटर:** सामने की ओर गर्मी, पर पास बैठने पर त्वचा और आंखों में सूखापन
बिजली की सुरक्षा
- ISI मार्क वाला हीटर लें
- हीटर को सीधे दीवार के मजबूत सॉकेट में लगाएं, एक्सटेंशन बोर्ड पर नहीं, क्योंकि हीटर ज्यादा बिजली खींचता है
- तार गर्म हो रहा हो या प्लग पिघला दिखे तो तुरंत बंद करें
- टिप-ओवर स्विच और ओवरहीट प्रोटेक्शन वाले हीटर ज्यादा सुरक्षित हैं
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आग से बचाव
- हीटर को पर्दे, बिस्तर, रजाई, कपड़ों और कागज से कम से कम एक मीटर दूर रखें
- हीटर पर कपड़े सुखाने के लिए न डालें
- सोते समय और घर से बाहर जाते समय हीटर बंद करें
बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान
- छोटे बच्चों को हीटर के पास अकेला न छोड़ें
- बुजुर्ग और डायबिटीज के मरीज हीटर के बहुत पास न बैठें, उन्हें जलन का एहसास देर से होता है
- पालतू जानवरों को भी दूर रखें
कमरे में नमी
हीटर हवा को सूखा देता है, जिससे गला, त्वचा और आंखें सूख सकती हैं। कमरे में पानी का एक बर्तन रखें और पर्याप्त पानी पिएं।
गैस हीटर
LPG वाले हीटर को भी बंद कमरे में न चलाएं और गैस रिसाव की गंध आए तो तुरंत रेगुलेटर बंद करके खिड़कियां खोलें।
दम घुटने के लक्षण दिखें तो क्या करें?
व्यक्ति को तुरंत खुली हवा में ले जाएं, अंगीठी बुझाएं और 112 या नजदीकी अस्पताल से मदद लें।
स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA): शीत लहर, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





