नवंबर में उत्तर भारत में सुबह और शाम की ठंड बढ़ने लगती है। छठ के घाट पर भोर में और देर रात के कार्यक्रमों में गर्म कपड़ों की जरूरत होती है। महीनों से बंद रखे स्वेटर, शॉल, जैकेट और रजाई में सीलन की गंध, धूल या कीड़े लग सकते हैं। जानिए गर्म कपड़े निकालने से पहले क्या करें।
पहले जांच करें
- कपड़ों में छेद, कीड़े के निशान या फफूंद तो नहीं
- बटन, चेन और सिलाई ठीक है या नहीं
- जो कपड़े छोटे हो गए या पहने नहीं जाते, उन्हें अलग करें

धूप दिखाएं
सबसे आसान तरीका है कपड़ों को धूप दिखाना। इन्हें कुछ घंटे हल्की धूप में फैला दें। ऊनी और रंगीन कपड़ों को उल्टा करके धूप में रखें, ताकि रंग फीका न पड़े। तेज दोपहर की धूप में बहुत देर न छोड़ें।
ऊनी कपड़ों की धुलाई
केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड जैसी संस्थाएं ऊन की देखभाल में हल्के हाथ की सलाह देती हैं:
- ठंडे या गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, गर्म पानी से ऊन सिकुड़ सकती है
- ऊन के लिए बने हल्के डिटर्जेंट या माइल्ड शैंपू से धोएं
- रगड़ें या मरोड़ें नहीं, हल्के से दबाकर पानी निकालें
- तौलिये में लपेटकर अतिरिक्त पानी सोखें
- समतल जगह पर फैलाकर सुखाएं, हैंगर पर लटकाने से आकार बिगड़ सकता है
- कपड़े पर लगा केयर लेबल जरूर पढ़ें
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महंगे कपड़े
पश्मीना शॉल, कढ़ाई वाले शॉल, लेदर जैकेट और कोट को ड्राई क्लीन कराना सुरक्षित है।
सीलन की गंध हटाएं
- कपड़ों को खुली हवा में कुछ घंटे लटकाएं
- अलमारी में बेकिंग सोडा की खुली कटोरी रखें
- अलमारी को साफ करके कुछ देर दरवाजे खुले छोड़ दें, ताकि नमी निकल जाए
रजाई और कंबल
- रजाई को धूप में फैलाकर डंडे से हल्के से झाड़ें, धूल निकल जाती है
- रजाई का कवर अलग से धोएं
- कंबल को धोने से पहले उसका केयर लेबल देखें, बड़े कंबल ड्राई क्लीन कराएं
कीड़ों से बचाव
- अलमारी में सूखी नीम की पत्तियां, लौंग या दालचीनी की पोटली रखें
- गंदे या पसीने वाले कपड़े साफ कपड़ों के साथ न रखें, इससे कीड़े आकर्षित होते हैं
- नेफ्थलीन की गोलियां इस्तेमाल करें तो उन्हें बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें और कपड़ों से सीधे न छुएं
बच्चों और बुजुर्गों के लिए
बच्चों के स्वेटर और बुजुर्गों के गर्म कपड़े पहले तैयार करें, क्योंकि उन्हें ठंड जल्दी लगती है।
जो कपड़े काम के नहीं
जो गर्म कपड़े अच्छी हालत में हैं पर आप नहीं पहनते, उन्हें धोकर जरूरतमंद लोगों को दान करें।
क्या ऊनी कपड़े वॉशिंग मशीन में धो सकते हैं?
कई मशीनों में ऊन या हैंड वॉश का मोड होता है। कपड़े का केयर लेबल अनुमति दे तभी मशीन में धोएं।
जूते और दस्ताने
बंद जूते, ऊनी मोजे, दस्ताने और टोपी भी निकालकर धूप दिखाएं। जूतों में अखबार भरकर रखें, ताकि नमी सोख ले।
स्रोत: भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय: केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





