जब कोई आरोपी देश छोड़कर भाग जाता है, तो अक्सर खबर आती है कि उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी कराने की कोशिश हो रही है। लेकिन इंटरपोल सिर्फ रेड नोटिस ही जारी नहीं करता। इसके नोटिस अलग-अलग रंगों के होते हैं और हर रंग का मकसद अलग है। कोई लापता व्यक्ति को खोजने के लिए होता है, तो कोई अज्ञात शव की पहचान के लिए। आइए समझते हैं कि इंटरपोल क्या है और उसके नोटिस कैसे काम करते हैं।
इंटरपोल क्या है
इंटरपोल यानी इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन दुनिया के देशों की पुलिस के बीच सहयोग का संगठन है। इंटरपोल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसके 196 सदस्य देश हैं। इसका जनरल सेक्रेटेरिएट फ्रांस के ल्योन शहर में है। हर सदस्य देश में एक नेशनल सेंट्रल ब्यूरो होता है, जो इंटरपोल और उस देश की पुलिस के बीच कड़ी का काम करता है। भारत में यह जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के पास है।

इंटरपोल क्या नहीं करता
आम धारणा के उलट इंटरपोल की अपनी कोई पुलिस फोर्स नहीं है जो किसी देश में जाकर किसी को गिरफ्तार करे। इसका काम सूचनाएं साझा करना, डेटाबेस उपलब्ध कराना और सदस्य देशों की पुलिस के बीच समन्वय करना है। गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण जैसे फैसले संबंधित देशों के अपने कानूनों के तहत होते हैं।
नोटिस क्या होते हैं
इंटरपोल के अनुसार नोटिस सदस्य देशों के बीच सहयोग या अलर्ट के अंतरराष्ट्रीय अनुरोध हैं। ये पुलिस को अपराध से जुड़ी अहम जानकारी साझा करने में मदद करते हैं। नोटिस किसी सदस्य देश के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के अनुरोध पर इंटरपोल का जनरल सेक्रेटेरिएट जारी करता है। कुछ नोटिस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों के अनुरोध पर भी जारी होते हैं।
यह भी पढ़ें: ब्रिक्स क्या है, इतिहास और भारत की भूमिका, 11 सदस्य, 2006 से सफर और 2026 की अध्यक्षता | Internet Usage in Iran: जानिए कड़े प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कितने घंटे ऑनलाइन बिताते हैं लोग
हर रंग का मतलब
रेड नोटिस
किसी ऐसे व्यक्ति का पता लगाने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने के लिए, जिसकी किसी देश को मुकदमा चलाने या सजा पूरी कराने के लिए तलाश है। यह अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है, बल्कि सदस्य देशों से सहयोग का अनुरोध है।
ब्लू नोटिस
किसी अपराध से जुड़े व्यक्ति की पहचान, ठिकाने या गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए।
येलो नोटिस
लापता लोगों, खासकर नाबालिगों का पता लगाने या ऐसे लोगों की पहचान में मदद के लिए जो अपनी पहचान नहीं बता सकते।
ब्लैक नोटिस
अज्ञात शवों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए।
ग्रीन नोटिस
किसी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए, अगर उससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा माना जाए।
ऑरेंज नोटिस
किसी घटना, व्यक्ति, वस्तु या प्रक्रिया के बारे में चेतावनी देने के लिए, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर और तत्काल खतरा हो।
पर्पल नोटिस
अपराधियों के तौर-तरीकों, इस्तेमाल की गई वस्तुओं, उपकरणों और छिपाने के तरीकों के बारे में जानकारी मांगने या देने के लिए।
सिल्वर नोटिस
यह नया नोटिस है, जो अपराध से जुड़ी संपत्तियों का पता लगाने और उनकी जानकारी जुटाने के लिए है। इंटरपोल ने 2025 में पहला सिल्वर नोटिस प्रकाशित किया। फिलहाल यह पायलट चरण में है।
UN स्पेशल नोटिस
इंटरपोल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ मिलकर ऐसे व्यक्तियों और संगठनों के बारे में विशेष नोटिस भी जारी करता है, जिन पर सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समितियों ने प्रतिबंध लगाए हैं।
डिफ्यूजन क्या है
नोटिस के अलावा एक और व्यवस्था डिफ्यूजन की है। यह किसी सदस्य देश की ओर से सीधे दूसरे सदस्य देशों को भेजा गया सहयोग का अनुरोध या अलर्ट होता है। इसमें औपचारिक नोटिस की तुलना में प्रक्रिया अलग होती है।
भारत और इंटरपोल
भारत में CBI इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो है। राज्यों की पुलिस या केंद्रीय एजेंसियां किसी भगोड़े या लापता व्यक्ति के मामले में CBI के जरिये इंटरपोल नोटिस के लिए अनुरोध भेजती हैं। आर्थिक अपराधों और गंभीर अपराधों में भागे आरोपियों के खिलाफ भारत ने कई बार रेड नोटिस के लिए अनुरोध किए हैं।
नोटिस जारी होने के बाद क्या होता है
नोटिस जारी होने के बाद उसकी जानकारी इंटरपोल के सुरक्षित नेटवर्क के जरिये सदस्य देशों की पुलिस तक पहुंचती है। अगर रेड नोटिस वाला व्यक्ति किसी देश में मिलता है, तो वहां की पुलिस अपने कानून के मुताबिक कार्रवाई करती है और नोटिस जारी कराने वाले देश को सूचना देती है। इसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया दोनों देशों के बीच संधि और कानूनों के आधार पर चलती है। कुछ नोटिस सार्वजनिक भी किए जाते हैं, ताकि आम लोग भी जानकारी दे सकें।
नियम और निगरानी
इंटरपोल का संविधान राजनीतिक, सैन्य, धार्मिक या नस्लीय प्रकृति के मामलों में दखल की अनुमति नहीं देता। इसलिए हर नोटिस अनुरोध की जांच होती है कि वह इंटरपोल के नियमों के अनुरूप है या नहीं। जिन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी होता है, वे इंटरपोल की फाइलों के नियंत्रण से जुड़े स्वतंत्र आयोग के सामने आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं।
इंटरपोल के कितने सदस्य देश हैं
इंटरपोल की वेबसाइट के अनुसार 196।
क्या रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट है
नहीं। यह किसी व्यक्ति का पता लगाने और अस्थायी गिरफ्तारी के लिए सदस्य देशों से सहयोग का अनुरोध है।
स्रोत: INTERPOL: About Notices, INTERPOL: What is INTERPOL?, INTERPOL: First Silver Notice





