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Internet Usage in Iran: जानिए कड़े प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कितने घंटे ऑनलाइन बिताते हैं लोग

Internet Usage in Iran: जानिए कड़े प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कितने घंटे ऑनलाइन बिताते हैं लोग
Internet Usage in Iran
Internet Usage in Iran: कड़े सरकारी नियंत्रणों, डिजिटल पाबंदियों और लगातार मंडराते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद ईरान में डिजिटल सेवाओं का विस्तार और लोगों की ऑनलाइन सक्रियता लगातार बनी हुई है। ईरानियन स्टूडेंट्स पोलिंग एजेंसी द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक विस्तृत सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ईरान के नागरिक रोजाना औसतन चार घंटे तीन मिनट इंटरनेट पर बिताते हैं। हालांकि यह समय वैश्विक औसत यानी प्रतिदिन लगभग साढ़े छह घंटे से काफी कम है, लेकिन देश में जारी कड़े प्रतिबंधों को देखते हुए यह आंकड़ा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय के लिए आयोजित इस सर्वे से यह भी स्पष्ट होता है कि देश की एक बड़ी आबादी प्रतिबंधों के बावजूद नियमित रूप से डिजिटल दुनिया से जुड़ी हुई है।
इस सर्वे के परिणाम यह दर्शाते हैं कि आम नागरिकों की दैनिक दिनचर्या में इंटरनेट और सोशल प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव किस तरह गहराई से जड़ जमा चुका है। विदेशी प्लेटफॉर्म्स और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं पर ईरानी नागरिक रोजाना औसतन दो घंटे पांच मिनट का समय बिताते हैं। इसके विपरीत, देश की लगभग अठाईस प्रतिशत आबादी ऐसी भी है जो विदेशी ऐप्स या वेबसाइट्स का उपयोग बिल्कुल नहीं करती है। जून महीने में आयोजित इस अध्ययन ने यह साबित कर दिया है कि तमाम भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच ईरान के लोग संचार और सूचना के लिए इंटरनेट पर काफी हद तक निर्भर हैं।

Internet Usage in Iran: ईरान में इंटरनेट उपयोग का विस्तृत पैटर्न और आंकड़े

जून के महीने में आयोजित इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में ईरान के लोगों के इंटरनेट चलाने के तरीकों और उनके समय का काफी बारीकी से विश्लेषण किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के बाईस दशमलव छह प्रतिशत नागरिक रोज एक घंटे या उससे कम समय ही ऑनलाइन बिता पाते हैं। इसके अलावा, उन्नीस प्रतिशत आबादी ऐसी है जो प्रतिदिन एक से तीन घंटे इंटरनेट सर्विस का उपयोग करती है। इन आंकड़ों से साफ है कि एक बड़ा वर्ग इंटरनेट का सीमित और बहुत जरूरी काम के लिए ही इस्तेमाल करता है।
वहीं दूसरी ओर, देश की एक बड़ी आबादी इंटरनेट पर अधिक समय बिताने की श्रेणी में आती है। सर्वे के अनुसार, चौबीस दशमलव सात प्रतिशत लोग रोजाना तीन से पांच घंटे तक ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। सबसे ज्यादा बत्तीस दशमलव चार प्रतिशत लोग ऐसे पाए गए हैं जो हर दिन पांच घंटे से अधिक समय इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह आंकड़ा इस बात की पुष्टि करता है कि सख्त सेंसरशिप के बाद भी युवाओं और आम नागरिकों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी की मांग बहुत अधिक बनी हुई है।

Internet Usage in Iran: वैश्विक इंटरनेट उपयोग और अमेरिका से ईरान की तुलना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यदि इंटरनेट के दैनिक उपयोग की तुलना करें, तो ईरान का कुल स्क्रीन टाइम वैश्विक मानकों के मुकाबले काफी कम नजर आता है। दुनिया भर में इंटरनेट उपयोगकर्ता औसतन रोजाना लगभग साढ़े छह घंटे ऑनलाइन सक्रिय रहते हैं, जबकि ईरान में यह औसत केवल चार घंटे तीन मिनट का है। इसके विपरीत, अमेरिका जैसे विकसित देशों में डिजिटल उपकरणों का उपयोग बहुत ज्यादा है, जहां एक सामान्य नागरिक रोजाना लगभग दस घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।
ईरान और अन्य पश्चिमी देशों के बीच का यह बड़ा अंतर मुख्य रूप से वहां के डिजिटल बुनियादी ढांचे और सख्त प्रशासनिक नियमों पर निर्भर करता है। अमेरिका में जहां अनियंत्रित हाई-स्पीड इंटरनेट और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सहज उपलब्धता है, वहीं ईरान में कई प्रमुख वैश्विक प्लेटफॉर्म्स पर कड़ा सरकारी नियंत्रण है। इसके बावजूद, वैश्विक औसत से दूरी के बाद भी ईरानी नागरिकों की इंटरनेट में दिलचस्पी कम नहीं हुई है और वे लगातार ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।

Internet Usage in Iran: भू-राजनीतिक तनाव और संचार ढांचे पर असर

ईरान का वर्तमान समय में अपने पड़ोसी देशों और अमेरिका जैसी वैश्विक महाशक्तियों के साथ गंभीर भू-राजनीतिक तनाव चल रहा है। इज़राइल और अमेरिका के साथ जारी इस खींचतान के कारण देश की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों ने डिजिटल स्पेस पर निगरानी काफी बढ़ा दी है। सैन्य गतिविधियों, बयानों और भू-राजनीतिक हमलों के कारण ईरान में कई बार इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह या आंशिक रूप से बाधित किया जाता रहा है।
इन सामरिक और राजनीतिक वजहों से देश के संचार ढांचे को भी प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचा है। साइबर हमलों और तकनीकी ढांचागत बाधाओं के चलते कई इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क ठप हो जाता है। डिजिटल क्षेत्र में खड़ी की जा रही इन तमाम बुनियादी बाधाओं और पाबंदियों के बावजूद, आम लोगों का रोजाना औसतन चार घंटे से अधिक समय ऑनलाइन बिताना उनकी डिजिटल निर्भरता और सूचना प्राप्त करने की जिजीविषा को उजागर करता है।

Internet Usage in Iran: विदेशी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग और स्थानीय पाबंदियां

ईरान की सरकार ने सुरक्षा और वैचारिक कारणों से कई विदेशी सोशल मीडिया ऐप्स और समाचार वेबसाइट्स पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद सर्वे के नतीजे बताते हैं कि आम ईरानी नागरिक किसी न किसी रास्ते से विदेशी नेटवर्क तक पहुंच बना रहे हैं। औसतन दो घंटे से अधिक समय विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर बिताना यह दिखाता है कि देश के लोग वैश्विक समाचारों, मनोरंजन और सामाजिक संपर्क के लिए अंतरराष्ट्रीय माध्यमों पर ही भरोसा करते हैं।
हालांकि, लगभग अठाईस फीसदी आबादी का विदेशी प्लेटफॉर्म्स से दूरी बनाना यह संकेत भी देता है कि देश का एक हिस्सा पूरी तरह से घरेलू या सरकारी इंटरनेट नेटवर्क पर निर्भर है। सरकार लगातार स्वदेशी ऐप्स और नेटवर्क को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है ताकि विदेशी सूचनाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। इस नीति के चलते ईरान में एक ऐसा मिश्रित डिजिटल माहौल तैयार हो गया है, जहां वैश्विक और स्थानीय दोनों तरह के इंटरनेट उपयोगकर्ता मौजूद हैं।
ईरानियन स्टूडेंट्स पोलिंग एजेंसी का यह नवीनतम सर्वे ईरान के बदलते डिजिटल परिदृश्य की एक बेहद सटीक और निष्पक्ष तस्वीर पेश करता है। वैश्विक स्तर पर जारी कड़े प्रतिबंधों, क्षेत्रीय तनावों और संचार बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के बावजूद ईरानी नागरिकों का इंटरनेट पर औसतन चार घंटे से अधिक समय बिताना यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर में डिजिटल तकनीक से पूरी तरह अलग रहना लगभग असंभव हो चुका है। सरकार द्वारा लगाई गई तमाम पाबंदियों और स्थानीय चुनौतियों के बीच भी वहां के लोग सूचना, मनोरंजन और संपर्क के लिए ऑनलाइन माध्यमों का सहारा ले रहे हैं, जो भविष्य में भी उनकी जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण अंग बना रहेगा।

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लेखक

Shobhit Pandey

शोभित पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव के शिकायत अधिकारी (Grievance Officer) हैं। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत पाठकों की शिकायतें और सुधार संबंधी अनुरोध हमारे संपर्क पेज के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

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