ताजमहल, अजंता-एलोरा, कुतुब मीनार या काजीरंगा, इन जगहों के साथ अक्सर यूनेस्को विश्व धरोहर का नाम जुड़ा दिखता है। यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र की वह एजेंसी है जो शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के क्षेत्र में देशों के बीच सहयोग बढ़ाती है। 16 नवंबर को यूनेस्को के संविधान पर हस्ताक्षर की वर्षगांठ होती है। आइए जानते हैं यूनेस्को क्या करता है और विश्व धरोहर सूची कैसे बनती है।
पूरा नाम और स्थापना
यूनेस्को का पूरा नाम यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 16 नवंबर 1945 को लंदन में इसके संविधान पर हस्ताक्षर हुए। यह संविधान 4 नवंबर 1946 से लागू हुआ। भारत यूनेस्को के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। संगठन का मुख्यालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में है।

यूनेस्को का मकसद
यूनेस्को के संविधान की प्रस्तावना में एक प्रसिद्ध विचार है कि युद्ध लोगों के मन में शुरू होते हैं, इसलिए शांति की रक्षा भी लोगों के मन में ही होनी चाहिए। इसी सोच के साथ यूनेस्को शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के जरिए देशों के बीच समझ और सहयोग बढ़ाने का काम करता है।
मुख्य काम
- सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना।
- विश्व धरोहर स्थलों की पहचान और संरक्षण।
- अमूर्त सांस्कृतिक विरासत जैसे परंपराओं, त्योहारों और कलाओं की सुरक्षा।
- विज्ञान, महासागर और पर्यावरण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
- प्रेस की आजादी और सूचना तक पहुंच को बढ़ावा।
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विश्व धरोहर सूची क्या है
1972 में यूनेस्को ने विश्व सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए विश्व धरोहर संधि अपनाई। इसके तहत ऐसे स्थलों की सूची बनाई जाती है जिनका महत्व पूरी मानवता के लिए असाधारण माना जाता है। ये स्थल तीन तरह के होते हैं: सांस्कृतिक, प्राकृतिक और मिश्रित।
सूची में जगह कैसे मिलती है
- सरकार पहले उस स्थल को अपनी अस्थायी सूची यानी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल करती है।
- फिर विस्तृत नामांकन दस्तावेज यूनेस्को को भेजा जाता है।
- सांस्कृतिक स्थलों का मूल्यांकन ICOMOS और प्राकृतिक स्थलों का IUCN जैसी सलाहकार संस्थाएं करती हैं।
- अंतिम फैसला विश्व धरोहर समिति अपनी सालाना बैठक में करती है।
- स्थल को असाधारण सार्वभौमिक मूल्य के तय मानदंडों में से कम से कम एक पर खरा उतरना होता है और उसके संरक्षण की ठोस व्यवस्था दिखानी होती है।
भारत के विश्व धरोहर स्थल
यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र और PIB के अनुसार भारत में अब 45 विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 37 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल है। सबसे नया जुड़ाव जुलाई 2026 में सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल है। सिक्किम का खांगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत का एकमात्र मिश्रित स्थल है।
कुछ प्रमुख भारतीय स्थल
- ताजमहल, आगरा
- आगरा का किला
- अजंता और एलोरा की गुफाएं
- कुतुब मीनार और लाल किला, दिल्ली
- खजुराहो के मंदिर
- हम्पी के स्मारक
- काजीरंगा और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
- सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान
- जयपुर का परकोटा शहर
- धोलावीरा, गुजरात
- शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत
यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में भारत की कई परंपराएं शामिल हैं, जैसे योग, कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा, रामलीला और गुजरात का गरबा। यह सूची इमारतों के बजाय जीवंत परंपराओं को पहचान देती है।
भारत और यूनेस्को
भारत यूनेस्को की कई समितियों और कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। भारत में यूनेस्को के साथ समन्वय के लिए भारतीय राष्ट्रीय यूनेस्को सहयोग आयोग काम करता है, जो शिक्षा मंत्रालय के तहत है। नई दिल्ली में यूनेस्को का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय भी है, जो भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका से जुड़े कामों को देखता है।
मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड
यूनेस्को का मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर दुनिया के अहम दस्तावेजों और अभिलेखों को संरक्षित करने के लिए है। इसमें दुर्लभ पांडुलिपियां, ऐतिहासिक अभिलेख और दस्तावेज शामिल किए जाते हैं। भारत की कई धरोहरें इस रजिस्टर में भी शामिल हैं।
खतरे वाली सूची
यूनेस्को खतरे में पड़ी विश्व धरोहरों की अलग सूची भी रखता है। युद्ध, प्राकृतिक आपदा, अनियंत्रित शहरीकरण, अवैध निर्माण या खराब प्रबंधन के कारण किसी स्थल का असाधारण मूल्य खतरे में पड़ने पर उसे इस सूची में डाला जा सकता है। गंभीर मामलों में किसी स्थल को सूची से हटाया भी जा सकता है।
धरोहर सूची में शामिल होने के फायदे
विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है, पर्यटन बढ़ता है और संरक्षण के लिए तकनीकी सहयोग मिल सकता है। लेकिन साथ में जिम्मेदारी भी आती है। संरक्षण में लापरवाही होने पर स्थल को खतरे वाली सूची में डाला जा सकता है।
आम लोग क्या कर सकते हैं
धरोहर स्थलों पर जाते समय दीवारों पर नाम न लिखें, कचरा न फैलाएं और तय नियमों का पालन करें। यही असली संरक्षण है।
यूनेस्को का मुख्यालय कहां है
पेरिस, फ्रांस।
भारत में कितने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं
45, जिनमें 37 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित है।
स्रोत: UNESCO World Heritage Centre: India, UNESCO: About, PIB: India World Heritage (2026)





