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BREAKING: इजरायल में गादी आईजेनकोट को सरकार बनाने का न्योता, राष्ट्रपति ने ईरान पर चेताया

इजरायल के राष्ट्रपति ने गादी आईजेनकोट को 67 सांसदों के समर्थन के साथ नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।

BREAKING: इजरायल में गादी आईजेनकोट को सरकार बनाने का न्योता, राष्ट्रपति ने ईरान पर चेताया
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Ronen Horesh (CC BY-SA 4.0))

सारांश

  • इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यशार पार्टी के प्रमुख गादी आईजेनकोट को नई सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है, जिन्हें संसद के 67 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
  • क्षेत्रीय कूटनीति और गाजा के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय योजना
  • सरकार बनाने का निमंत्रण मिलने के बाद गादी आईजेनकोट ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए वर्तमान स्थिति की गंभीरता को साझा किया।
  • राजनीतिक गठबंधन की शर्तें और लिकुड को खुला निमंत्रण

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यशार पार्टी के प्रमुख गादी आईजेनकोट को नई सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है, जिन्हें संसद के 67 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। राष्ट्रपति ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर ईरान से मिलने वाली निरंतर धमकियों के प्रति गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए इस मुद्दे का तत्काल समाधान आवश्यक है। गादी आईजेनकोट ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार के गठन का आह्वान किया है ताकि देश को वर्तमान सुरक्षा और कूटनीतिक संकटों से बाहर निकाला जा सके।

इजरायल सरकार गठन
फाइल फोटो (Wikimedia Commons / Mark Neyman (CC BY-SA 3.0))

इजरायल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की चेतावनी

इजरायल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है क्योंकि राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने आधिकारिक तौर पर गादी आईजेनकोट को अगली सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा है। रविवार को आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान आईजेनकोट को यह अवसर दिया गया। राष्ट्रपति हर्जोग ने इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और विशेष रूप से ईरान की ओर से मिल रही चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान ने अपनी आक्रामक धमकियों को एक पल के लिए भी कम नहीं किया है और इजरायल के लिए यह जरूरी है कि वह इस खतरे से निपटने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि नई सरकार की प्राथमिकता में ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर होना चाहिए।

क्षेत्रीय कूटनीति और गाजा के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय योजना

राष्ट्रपति हर्जोग ने केवल सुरक्षा चुनौतियों का ही जिक्र नहीं किया, बल्कि उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर एक व्यापक 20 सूत्रीय योजना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने लेबनान और क्षेत्र के अन्य पड़ोसी देशों के साथ निरंतर संवाद और बातचीत जारी रखने की बात कही। राष्ट्रपति ने हाल ही में अमेरिका में संपन्न हुए मिडटर्म चुनावों के बाद उत्पन्न हुई नई वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे ये बदलाव इजरायल की विदेश नीति को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि लिकुड पार्टी अभी भी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनी हुई है, लेकिन उन्होंने आईजेनकोट से एक ऐसी समावेशी सरकार बनाने का आग्रह किया जो सभी इजरायलियों का प्रतिनिधित्व कर सके।

गादी आईजेनकोट का राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का संकल्प

सरकार बनाने का निमंत्रण मिलने के बाद गादी आईजेनकोट ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए वर्तमान स्थिति की गंभीरता को साझा किया। उन्होंने कहा कि इजरायल इस समय अपने इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण और निर्णायक आपातकालीन दौर से गुजर रहा है। आईजेनकोट के अनुसार, देश एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध का सामना कर रहा है और सेना ने अभी तक अपने सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इजरायल एक गंभीर कूटनीतिक संकट के मुहाने पर खड़ा है, जहां उसके कुछ सबसे पुराने और करीबी सहयोगी भी अब अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा कर रहे हैं। इस संकट से उबरने के लिए उन्होंने एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार के गठन का प्रस्ताव रखा है, जो सामान्य राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर काम करेगी।

आंतरिक लोकतंत्र और सरकारी संस्थाओं पर बढ़ता अविश्वास

आईजेनकोट ने इजरायल के आंतरिक हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश का लोकतंत्र वर्तमान में अपने सबसे कमजोर चरणों में से एक है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने के प्रयासों और सरकारी संस्थाओं के प्रति जनता के घटते विश्वास ने देश को एक खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल के पास अब समय बर्बाद करने या बार-बार चुनाव कराने की विलासिता नहीं है। उनकी योजना के अनुसार, नई सरकार को असामान्य और साहसिक राजनीतिक तरीके अपनाने होंगे ताकि देश में एकता और आपसी भरोसे को फिर से बहाल किया जा सके। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे व्यक्तिगत हितों को छोड़कर राष्ट्रहित में साथ आएं।

राजनीतिक गठबंधन की शर्तें और लिकुड को खुला निमंत्रण

गठबंधन निर्माण की दिशा में आईजेनकोट ने बेंजामिन नेतन्याहू के खेमे को भी साथ आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि यदि लिकुड और धार्मिक जायनिज्म पार्टी के नेता वास्तव में राष्ट्रीय एकता चाहते हैं, तो उन्हें उनकी सरकार के चार प्रमुख सिद्धांतों का समर्थन करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि लिकुड पार्टी नेतन्याहू के बिना उनके गठबंधन का हिस्सा बन सकती है। इसके साथ ही, आईजेनकोट ने इतामार बेन ग्विर की पार्टी ओत्जमा येहुदित को अपने गठबंधन से बाहर रखने के संकेत दिए हैं, जिसकी पुष्टि उनकी पार्टी के दूसरे नंबर के नेता योराम कोहेन ने भी की है। आईजेनकोट ने अंत में चेतावनी दी कि जो नेता इस आपातकाल के समय व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देंगे, उन्हें इतिहास में इजरायल की रक्षा में विफल रहने वालों के रूप में याद किया जाएगा।

राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार का स्वरूप: एक संक्षिप्त व्याख्या

आईजेनकोट द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले दल एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर सहमत होते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी वादों को पूर्ण रूप से लागू करने के बजाय देश के अस्तित्व पर आए खतरों का सामना करना है। इस मॉडल के तहत, सभी सहयोगी दलों को कुछ समझौतों के लिए तैयार रहना होगा ताकि एक स्थिर प्रशासन चलाया जा सके। यह सरकार मुख्य रूप से सुरक्षा, कूटनीति और लोकतांत्रिक स्थिरता बहाल करने के चार बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित होगी, जिसका लक्ष्य इजरायल के खंडित समाज को फिर से जोड़ना और वैश्विक स्तर पर उसकी साख को मजबूत करना है।

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स्रोत: Aaj Tak

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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