यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के तेल ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया है जिससे रियाद के वित्तीय क्षेत्र में कुछ नुकसान हुआ है। हालांकि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है और सऊदी सुरक्षा बलों ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।

हूतियों द्वारा हमलों में तेजी लाने का दावा
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों में बड़ी बढ़त का दावा किया है। हूतियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयानों के अनुसार, उन्होंने सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के महत्वपूर्ण तेल भंडारण केंद्रों को अपना मुख्य निशाना बनाया है। यह हमला सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि विद्रोहियों ने राजधानी रियाद और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के एक जटिल नेटवर्क का उपयोग किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके संगठन ने अबकैक शहर में स्थित अरामको की एक महत्वपूर्ण सुविधा पर दूसरी बार हमला किया है। इस हमले को अंजाम देने के लिए मिसाइलों और ड्रोन्स की एक संयुक्त टीम का इस्तेमाल किया गया था ताकि लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया जा सके।
रियाद के वित्तीय केंद्र और अरामको टावर को क्षति
हूतियों के इन हालिया दावों से पहले, रियाद के वित्तीय केंद्र को भी निशाना बनाया गया था। किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में स्थित अरामको टावर इस हमले की चपेट में आ गया। जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, इस टावर की कई मंजिलों की खिड़कियां मिसाइल और ड्रोन हमलों के प्रभाव से टूट गईं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि अरामको की प्रशासनिक इमारत को जो नुकसान हुआ है वह मुख्य रूप से हवा में नष्ट की गई मिसाइलों के मलबे के गिरने के कारण हुआ है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नुकसान मामूली प्रकृति का है और इससे कंपनी के मुख्य कार्यों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। सबसे राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की कोई सूचना नहीं मिली है।
सऊदी गठबंधन की रक्षात्मक कार्रवाई और मिसाइल इंटरसेप्शन
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने हमलों के दौरान रियाद के निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया था। शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं, जिससे नागरिकों में चिंता फैल गई थी। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया कि खतरा पूरी तरह से टल गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयों का विवरण साझा करते हुए बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, देश के दक्षिणी हिस्से और राजधानी की ओर दागी गई दो क्रूज मिसाइलों को भी बीच में ही रोक दिया गया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने जानकारी दी कि पूर्वी प्रांत की ओर भेजी गई एक अन्य बैलिस्टिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट किया गया, जो सऊदी अरब की मजबूत हवाई सुरक्षा क्षमता को दर्शाता है।
कतर द्वारा हूती हमलों की कड़ी निंदा
इस सैन्य तनाव के बीच, कतर ने हूतियों की इन कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि रियाद और सऊदी अरब के अन्य नागरिक इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। मंत्रालय ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि इस तरह के हमले न केवल सऊदी अरब की संप्रभुता को चुनौती देते हैं, बल्कि निर्दोष नागरिकों के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालते हैं। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की और हूतियों से नागरिक ठिकानों पर हमले तुरंत बंद करने की मांग की। यह बयान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देता है और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की वकालत करता है।
हमलों का रणनीतिक प्रभाव और सुरक्षा स्थिति
सऊदी अरब पर हुए ये हमले इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे नागरिक हवाई अड्डे और अरामको जैसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण तेल ठिकानों को निशाना बनाना हूतियों की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे सऊदी अरब पर दबाव बनाना चाहते हैं। अबकैक में अरामको की सुविधाओं पर बार-बार होने वाले हमले वैश्विक तेल बाजार के लिए भी चिंता का विषय रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब की मिसाइल डिफेंस तकनीक ने अधिकांश खतरों को विफल कर दिया है, लेकिन मिसाइलों के मलबे से होने वाला नुकसान और लगातार होते ड्रोन हमले इस संघर्ष के एक नए चरण की ओर इशारा करते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सऊदी गठबंधन इन हमलों का मुकाबला करने के लिए अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है और नागरिक सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित करता है।
स्रोत: Aaj Tak





