अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आगामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण की घोषणा कर दी है, जिसके तहत अगले महीने नेपाल में वर्ल्ड कप क्वालीफायर प्लेऑफ के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इस बड़े टूर्नामेंट में दुनिया भर की कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी जो अंतिम 4 स्थानों को हासिल करने के लिए एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। मेजबान नेपाल की टीम इस प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत इटली के खिलाफ मैच खेलकर करेगी, जबकि टूर्नामेंट के अन्य मैच भी विभिन्न मैदानों पर साथ-साथ चलेंगे।

नेपाल में क्वालीफायर प्लेऑफ का आयोजन और टीमों का विवरण
आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि दिसंबर के महीने में नेपाल की धरती पर वनडे वर्ल्ड कप क्वालीफायर प्लेऑफ का रोमांच देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता की शुरुआत 4 दिसंबर से होने जा रही है, जहां 8 अलग-अलग देशों की टीमें 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों में मेजबान नेपाल के अलावा इटली, नामीबिया, युगांडा, कनाडा, कुवैत, जर्सी और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई शामिल हैं। इन सभी टीमों का लक्ष्य शीर्ष 4 में जगह बनाना है ताकि वे अगले चरण के लिए क्वालीफाई कर सकें। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान नेपाल और इटली के बीच त्रिभुवन यूनिवर्सिटी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसी दिन एक और महत्वपूर्ण मैच नामीबिया और युगांडा के बीच आयोजित होगा, जिसके लिए मुलापानी क्रिकेट ग्राउंड को चुना गया है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफिकेशन का पूरा गणित
2027 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए कुल 10 टीमों के बीच एक ग्लोबल क्वालीफायर खेला जाना है, जिसमें से 6 टीमों का स्थान पहले ही सुरक्षित हो चुका है। इन 6 टीमों में आयरलैंड और वेस्टइंडीज ने अपनी रैंकिंग के दम पर जगह बनाई है, जबकि यूएसए, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और ओमान की टीमों ने क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 के माध्यम से अपना स्थान पक्का किया है। अब बाकी बचे 4 स्थानों को भरने के लिए नेपाल में क्वालीफायर प्लेऑफ का आयोजन किया जा रहा है। इस प्लेऑफ में भाग लेने वाली 8 टीमों में से जो 4 टीमें अंक तालिका में शीर्ष पर रहेंगी, वे ग्लोबल क्वालीफायर की सूची में शामिल हो जाएंगी। इसके बाद होने वाले ग्लोबल क्वालीफायर में जो टीम विजेता बनकर उभरेगी, उसे सीधे 2027 वर्ल्ड कप का टिकट मिल जाएगा। वहीं, दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को एक नई सुपर सीरीज में खेलने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए वर्ल्ड कप तक पहुंचने का एक और रास्ता होगा।
2027 वर्ल्ड कप का भव्य आयोजन और मेजबान देशों की भूमिका
आईसीसी मेंस वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन 2 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच किया जाएगा। इस बार इस महाकुंभ की मेजबानी संयुक्त रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया को सौंपी गई है। इस बड़े टूर्नामेंट के दौरान कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी और 12 अलग-अलग मैदानों पर कुल 57 मैच खेले जाएंगे। मेजबान होने के नाते दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को इस टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश मिल गया है और उन्हें क्वालीफिकेशन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। हालांकि, तीसरी मेजबान टीम नामीबिया के लिए स्थिति थोड़ी अलग है, क्योंकि उसे अपनी जगह पक्की करने के लिए क्वालीफिकेशन मैचों में हिस्सा लेना होगा और वहां जीत दर्ज करनी होगी। यह टूर्नामेंट क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा आयोजन होने वाला है क्योंकि इसमें टीमों की संख्या और मैचों का विस्तार किया गया है।
भारतीय टीम का शेड्यूल और कप्तान शुभमन गिल की चुनौती
भारतीय क्रिकेट टीम भी 2027 वर्ल्ड कप के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अपने सफर की शुरुआत 7 अक्टूबर को केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में करेगी, जहां उसका सामना मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। इसके बाद, कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग के प्रसिद्ध वांडरर्स स्टेडियम में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगी। भारत का तीसरा मुकाबला 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में होगा, जहां वह किसी एक क्वालीफायर टीम से भिड़ेगी। इसके बाद, 24 अक्टूबर को भारतीय टीम विक्टोरिया फॉल्स स्टेडियम में सह-मेजबान जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना मैच खेलेगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में टीम इंडिया का लक्ष्य इस बार खिताब पर कब्जा करना होगा और दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
टूर्नामेंट के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य और भविष्य की योजनाएं
नेपाल में होने वाले इस क्वालीफायर प्लेऑफ के माध्यम से आईसीसी क्रिकेट के विस्तार पर ध्यान दे रही है। जर्सी, कुवैत और इटली जैसी उभरती हुई टीमों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। त्रिभुवन यूनिवर्सिटी क्रिकेट ग्राउंड और मुलापानी क्रिकेट ग्राउंड जैसे वेन्यू पर होने वाले ये मैच नेपाल में क्रिकेट की लोकप्रियता को और बढ़ाएंगे। आईसीसी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि क्वालीफिकेशन की यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो ताकि योग्य टीमें ही मुख्य टूर्नामेंट तक पहुंच सकें। सुपर सीरीज जैसी नई अवधारणाओं को शामिल करने का उद्देश्य भी यही है कि टीमों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का मौका मिले। आने वाले समय में इन मैचों के परिणाम ही तय करेंगे कि 2027 के मुख्य टूर्नामेंट में कौन सी 14 टीमें दुनिया के सामने अपनी चुनौती पेश करेंगी।
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स्रोत: India TV





