धनतेरस 6 नवंबर को है, और इस मौसम में खरीदे गहने, सिक्के और जरूरी कागज बहुत से परिवार बैंक लॉकर में रखते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों में सेफ डिपॉजिट लॉकर के लिए संशोधित निर्देश जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2023 से सभी लॉकरों पर लागू हैं। जानिए बैंक लॉकर के नियम।
लॉकर कैसे मिलता है
- बैंक आमतौर पर अपने ग्राहकों को लॉकर देते हैं, जिनकी KYC पूरी हो
- RBI के निर्देशों के तहत बैंकों को शाखावार खाली लॉकरों और प्रतीक्षा सूची की जानकारी रखनी होती है
- लॉकर न मिलने पर आवेदन की प्रतीक्षा सूची संख्या दी जाती है
- लॉकर का आकार, यानी छोटा, मध्यम या बड़ा, किराया तय करता है

लॉकर एग्रीमेंट
RBI ने बैंकों से कहा है कि वे इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के मॉडल एग्रीमेंट के आधार पर ग्राहकों के साथ लॉकर एग्रीमेंट करें। इसमें बैंक और ग्राहक के अधिकार और जिम्मेदारी लिखी होती है। एग्रीमेंट की एक प्रति ग्राहक को दी जाती है। उसे पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।
किराया और सावधि जमा
बैंक लॉकर का सालाना किराया लेते हैं। नए लॉकर के लिए बैंक किराया सुनिश्चित करने के लिए एक सावधि जमा भी मांग सकते हैं, जिसकी सीमा RBI ने तय की है। किराया शाखा और लॉकर के आकार पर निर्भर है, इसलिए अपने बैंक से पूछें।
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बैंक की जिम्मेदारी
RBI के निर्देशों के अनुसार:
- प्राकृतिक आपदा, जैसे भूकंप या बाढ़, से हुए नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है, पर उसे अपने परिसर को ऐसी आपदा से बचाने के उचित इंतजाम करने होते हैं
- आग, चोरी, डकैती, इमारत गिरने या बैंक कर्मचारी की धोखाधड़ी से नुकसान होने पर बैंक की जिम्मेदारी लॉकर के मौजूदा सालाना किराए के 100 गुना तक होगी
लॉकर में क्या न रखें
एग्रीमेंट के तहत लॉकर में हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ या कोई भी गैरकानूनी या खतरनाक चीज रखना मना है। नकद रखने को लेकर भी एग्रीमेंट की शर्तें देखें।
नॉमिनी क्यों जरूरी
लॉकर किराए पर लेते समय नॉमिनी जरूर जोड़ें। लॉकरधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी या कानूनी वारिस को सामान देने की प्रक्रिया RBI के निर्देशों में तय है। नॉमिनी होने पर यह प्रक्रिया आसान हो जाती है।
सुरक्षा के लिए
- लॉकर में रखे सामान की सूची और फोटो अपने पास रखें
- गहनों के बिल अलग सुरक्षित जगह रखें
- चाबी खोने पर तुरंत बैंक को सूचना दें
- लॉकर के इस्तेमाल पर बैंक से SMS और ईमेल अलर्ट आते हैं, इन पर ध्यान दें
बीमा
लॉकर में रखे सामान का बीमा बैंक नहीं करता। गहनों के लिए आप अलग से बीमा ले सकते हैं।
शिकायत
बैंक के जवाब से संतुष्ट न हों तो RBI की शिकायत प्रबंधन प्रणाली cms.rbi.org.in पर शिकायत की जा सकती है।
लंबे समय तक लॉकर न खोलें तो?
निर्देशों में लंबे समय तक इस्तेमाल न होने वाले लॉकर के लिए प्रक्रिया तय है। किराया समय पर भरें और लॉकर बीच-बीच में खोलते रहें।
स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), RBI शिकायत प्रबंधन प्रणाली। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





