कई घरों में आज भी रोज के दूध की मलाई जमाकर घर पर घी बनाने की परंपरा है। घर का घी खुशबू और स्वाद के लिए पसंद किया जाता है और इससे मलाई भी बर्बाद नहीं होती। सर्दियों में घी की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में यह तरीका और भी काम का है। अगर आपने कभी घर पर घी नहीं बनाया है, तो चिंता की बात नहीं। थोड़े धैर्य के साथ यह काम आसानी से किया जा सकता है। आइए जानते हैं मलाई से घी बनाने का तरीका।
मलाई कैसे जमा करें
- दूध को उबालकर ठंडा होने दें। फिर कुछ घंटे फ्रिज में रखें, ऊपर मोटी मलाई जम जाएगी।
- मलाई को चम्मच से निकालकर एक साफ, सूखे और ढक्कन वाले डिब्बे में डालें।
- यह डिब्बा फ्रिज में रखें। अगर ज्यादा दिन तक जमा करनी है तो फ्रीजर में रखें, इससे मलाई में खट्टी गंध नहीं आएगी।
- हर बार नई मलाई डालते समय साफ चम्मच का इस्तेमाल करें।
- आम तौर पर एक-दो हफ्ते की मलाई जमा होने पर घी बना लेना ठीक रहता है।

तरीका 1: मलाई मथकर मक्खन से घी
यह पारंपरिक तरीका है और इससे घी की खुशबू अच्छी आती है।
- मलाई को फ्रिज से निकालकर कमरे के तापमान पर आने दें।
- कई लोग मलाई में एक-दो चम्मच दही मिलाकर कुछ घंटे रख देते हैं, ताकि हल्का खमीर उठ जाए।
- अब मलाई को मथानी या मिक्सी में मथें। मिक्सी में चलाते समय ठंडा पानी डालें।
- कुछ देर में मक्खन ऊपर तैरने लगेगा और नीचे छाछ अलग हो जाएगी।
- मक्खन को हाथ या चम्मच से निकालकर ठंडे पानी से एक-दो बार धो लें।
- मक्खन को भारी तले की कड़ाही में धीमी आंच पर गर्म करें।
- पहले मक्खन पिघलेगा, फिर उसमें झाग बनेगा। लगातार चलाते रहें।
- कुछ देर बाद झाग कम होगा, घी साफ और सुनहरा दिखने लगेगा और नीचे बचे कण हल्के भूरे होने लगेंगे। यही घी तैयार होने का संकेत है।
- आंच बंद करें और थोड़ा ठंडा होने पर बारीक छलनी या मलमल के कपड़े से छान लें।
बची हुई छाछ को पीने या कढ़ी बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
तरीका 2: सीधे मलाई से घी
अगर मथने का समय नहीं है, तो मलाई को सीधे भी पकाया जा सकता है।
- भारी तले की कड़ाही में मलाई डालकर धीमी से मध्यम आंच पर रखें।
- लगातार चलाते रहें, ताकि मलाई नीचे न लगे।
- पहले मलाई पिघलकर पानी जैसी दिखेगी, फिर उसमें से घी अलग होने लगेगा।
- जब कण हल्के भूरे हो जाएं और घी साफ दिखने लगे, तो आंच बंद कर दें।
- ठंडा होने पर छान लें।
इस तरीके में समय ज्यादा लगता है और ध्यान से चलाते रहना पड़ता है, लेकिन यह आसान है।
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डेयरी में कैसे बनता है घी
डेयरी तकनीक से जुड़ी सामग्री के अनुसार उद्योग में घी मुख्य रूप से दो तरीकों से बनता है: सीधी क्रीम विधि और मक्खन विधि। घर के दोनों तरीके भी इन्हीं से मिलते-जुलते हैं। NDDB के डेयरी नॉलेज पोर्टल के अनुसार डेयरी में घी बनाते समय तापमान आमतौर पर लगभग 110 से 120 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है और सीधी क्रीम विधि में ज्यादा समय लगता है और कण भी ज्यादा बचते हैं। घर पर थर्मामीटर की जरूरत नहीं, लेकिन यह समझना काम का है कि घी बनाने में धीमी, स्थिर गर्मी अहम है।
दानेदार घी के लिए
घी को छानने के बाद कमरे के तापमान पर धीरे-धीरे ठंडा और जमने दें। जल्दबाजी में तुरंत फ्रिज में रखने के बजाय सामान्य तापमान पर जमने देने से कई बार घी में दाने अच्छे बनते हैं।
बचे हुए कणों का इस्तेमाल
घी छानने के बाद बचे भूरे कणों को कई घरों में फेंका नहीं जाता। इनमें थोड़ी चीनी या गुड़ और आटा मिलाकर मीठा बनाया जाता है, या इन्हें रोटी के आटे में मिला दिया जाता है।
ध्यान रखने वाली बातें
- घी हमेशा धीमी आंच पर बनाएं। तेज आंच पर कण जल सकते हैं और घी में कड़वाहट आ सकती है।
- घी बनाते समय कड़ाही के पास से हटें नहीं और बच्चों को दूर रखें, क्योंकि गर्म घी से जलने का खतरा रहता है।
- घी को हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे डिब्बे में भरें। पानी की एक बूंद भी घी को जल्दी खराब कर सकती है।
- घी निकालने के लिए हमेशा सूखा चम्मच इस्तेमाल करें।
घी को लंबे समय तक कैसे रखें
अच्छी तरह पका और छाना हुआ घी, जिसमें नमी न हो, सामान्य तौर पर कमरे के तापमान पर भी कई हफ्तों तक ठीक रहता है। गर्मी के मौसम में या ज्यादा मात्रा होने पर इसे फ्रिज में रखा जा सकता है। अगर घी में अजीब गंध या स्वाद आने लगे, तो उसका इस्तेमाल न करें।
मलाई कितने दिन तक जमा कर सकते हैं
फ्रिज में कुछ दिन और फ्रीजर में ज्यादा समय तक। खट्टी गंध आने से पहले घी बना लेना बेहतर है।
घी में कड़वाहट क्यों आती है
आमतौर पर तेज आंच पर पकाने से कण जल जाते हैं, जिससे घी कड़वा हो सकता है।
स्रोत: NDDB Dairy Knowledge Portal: Technology of Ghee Manufacturing, e-content: Technology of Ghee making, Direct cream and Creamery butter methods





