सर्दियों में बाजार ताजी हरी मटर से भरा रहता है और इस मौसम में यह सस्ती भी मिलती है। मटर पनीर, आलू मटर, पुलाव, पराठे और कचौड़ी जैसी कई चीजों में मटर का इस्तेमाल होता है। अगर सही तरीके से फ्रीज कर लिया जाए, तो यही मटर महीनों बाद भी काम आ सकती है। लेकिन कई लोग मटर को सीधे छीलकर फ्रीजर में रख देते हैं, जिससे कुछ समय बाद उसका रंग, स्वाद और बनावट बिगड़ जाती है। आइए जानते हैं कि हरी मटर फ्रीज करने का सही तरीका क्या है।
सही मटर चुनें
फ्रीज करने के लिए ताजी, कोमल और मीठी मटर चुनें। फलियां हरी और भरी हुई होनी चाहिए। बहुत पकी, पीली पड़ चुकी या सख्त दानों वाली मटर फ्रीज करने के लिए अच्छी नहीं होती, क्योंकि उसकी मिठास कम हो चुकी होती है। कोशिश करें कि मटर खरीदने के बाद जल्दी ही उसे फ्रीज कर दें।

ब्लांचिंग क्यों जरूरी है
अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर होम फूड प्रिजर्वेशन और कई विश्वविद्यालयों की एक्सटेंशन सेवाओं के अनुसार सब्जियों को फ्रीज करने से पहले ब्लांच करना जरूरी है। ब्लांचिंग यानी सब्जी को थोड़ी देर उबलते पानी में डालकर तुरंत ठंडा करना। इससे सब्जी में मौजूद एंजाइम की वह गतिविधि रुकती है, जो समय के साथ रंग, स्वाद और बनावट बिगाड़ देती है। बिना ब्लांच की मटर फ्रीजर में रखने पर कुछ समय बाद फीकी और बेस्वाद हो सकती है।
स्टेप बाय स्टेप तरीका
- मटर की फलियों को छीलें और खराब दाने अलग कर दें।
- दानों को साफ पानी में अच्छी तरह धो लें।
- एक बड़े बर्तन में भरपूर पानी उबालें। पानी इतना हो कि मटर डालने पर उबाल जल्दी लौट आए।
- मटर को उबलते पानी में डालें और 1.5 से 2.5 मिनट तक ब्लांच करें।
- तुरंत छलनी से निकालकर बर्फ वाले ठंडे पानी में डालें और लगभग उतनी ही देर ठंडा करें।
- मटर को छलनी में रखकर पानी निकालें, फिर साफ सूती कपड़े पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लें।
- सूखी मटर को एयरटाइट डिब्बे या जिप बैग में भरें, हवा निकालें और फ्रीजर में रखें।
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मटर को चिपकने से कैसे बचाएं
अगर आप चाहते हैं कि मटर के दाने आपस में चिपककर गोला न बनें, तो पहले सूखी मटर को एक थाली या ट्रे में अलग-अलग फैलाकर एक-दो घंटे फ्रीजर में रखें। जब दाने सख्त हो जाएं, तब उन्हें डिब्बे या बैग में भरें। इससे जरूरत के हिसाब से थोड़ी मटर निकालना आसान रहता है।
पैकिंग के सुझाव
- एक बार में इस्तेमाल होने लायक छोटे-छोटे पैकेट बनाएं, ताकि बार-बार पूरा पैकेट न खोलना पड़े।
- डिब्बे में ऊपर थोड़ी जगह छोड़ें, क्योंकि जमने पर चीजें थोड़ी फैलती हैं।
- हर पैकेट पर फ्रीज करने की तारीख लिख दें।
- बैग से जितनी हो सके हवा निकाल दें, इससे फ्रीजर बर्न का खतरा कम होता है।
कितने समय तक अच्छी रहती है
मिसौरी विश्वविद्यालय की एक्सटेंशन सेवा के अनुसार ठीक से ब्लांच और पैक की गई सब्जियां शून्य डिग्री फारेनहाइट यानी लगभग माइनस 18 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर 8 से 12 महीने तक अच्छी गुणवत्ता में रहती हैं। घरेलू फ्रिज के फ्रीजर का तापमान अलग-अलग हो सकता है और बार-बार दरवाजा खुलने से भी फर्क पड़ता है, इसलिए बेहतर है कि फ्रीज की हुई मटर कुछ महीनों में इस्तेमाल कर लें।
इस्तेमाल कैसे करें
फ्रीज की हुई मटर को ज्यादातर व्यंजनों में सीधे फ्रीजर से निकालकर डाला जा सकता है। सब्जी या पुलाव बनाते समय इसे पकाने का समय ताजी मटर से थोड़ा कम रखें, क्योंकि ब्लांचिंग में यह पहले ही थोड़ी पक चुकी होती है। पराठे या कचौड़ी की भरावन के लिए मटर को पहले कमरे के तापमान पर आने दें और पानी सुखा लें।
आम गलतियां
- बिना ब्लांच किए मटर फ्रीज करना।
- ब्लांचिंग के बाद ठंडे पानी में न डालना, जिससे मटर पकती रहती है और नरम हो जाती है।
- गीली मटर पैक करना, जिससे बर्फ की परत जम जाती है।
- एक बार पिघली मटर को दोबारा फ्रीज करना।
- बहुत ज्यादा देर तक ब्लांच करना, जिससे मटर गल जाती है।
बिजली कटौती हो जाए तो
अगर लंबी बिजली कटौती से फ्रीजर का सामान पिघल जाए, तो फ्रीजर का दरवाजा बार-बार न खोलें, ताकि अंदर की ठंडक ज्यादा देर बनी रहे। पूरी तरह पिघल चुकी मटर को दोबारा जमाने के बजाय जल्दी पकाकर इस्तेमाल कर लेना बेहतर है।
मटर को कितनी देर ब्लांच करें
उबलते पानी में लगभग 1.5 से 2.5 मिनट।
फ्रीज की हुई मटर कितने दिन चलती है
सही तरीके से रखने पर माइनस 18 डिग्री सेल्सियस या कम तापमान में 8 से 12 महीने तक अच्छी गुणवत्ता में रहती है।
स्रोत: National Center for Home Food Preservation: Freezing Green Peas, University of Missouri Extension: How to Freeze Vegetables, University of New Hampshire Extension: Freezing Vegetables





