भारतीय रसोई में लोहे की कड़ाही और तवे का इस्तेमाल पीढ़ियों से होता आ रहा है। सब्जी भूननी हो, पकौड़े तलने हों या रोटी सेंकनी हो, लोहे के बर्तन गर्मी को बराबर फैलाते हैं और सालों-साल चलते हैं। लेकिन इनकी सबसे बड़ी परेशानी है जंग। थोड़ी सी लापरवाही से कड़ाही पर लाल-भूरे धब्बे आ जाते हैं। कास्ट आयरन बर्तन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी लॉज की देखभाल गाइड और पारंपरिक घरेलू तरीकों के आधार पर जानिए लोहे के बर्तनों को जंग से बचाने का सही तरीका।
जंग क्यों लगती है
लोहा नमी और हवा के संपर्क में आकर जंग पकड़ता है। अगर बर्तन धोकर गीला छोड़ दिया जाए, रात भर पानी में भिगोकर रखा जाए या नमी वाली जगह रखा जाए, तो जंग लगना लगभग तय है। लोहे के बर्तन पर तेल की जो परत बनती है, जिसे सीज़निंग कहते हैं, वही उसे जंग से बचाती है। बार-बार तेज रगड़ाई या लंबे समय तक पानी में रखने से यह परत कमजोर हो जाती है।

धोने का सही तरीका
लॉज की गाइड के अनुसार लोहे के बर्तन को इस्तेमाल के बाद इस तरह साफ करें:
- बर्तन को गर्म साबुन वाले पानी और सख्त ब्रश या स्क्रैपर से हाथ से धोएं। थोड़े साबुन के इस्तेमाल से नुकसान नहीं होता।
- चिपका हुआ खाना हो तो उसे स्क्रैपर से हटाएं। जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर गर्म करें, जिससे चिपका खाना ढीला हो जाए।
- बर्तन को पानी में भिगोकर न छोड़ें।
- डिशवॉशर में न डालें।
सुखाना सबसे जरूरी कदम
जंग से बचाने का सबसे अहम कदम है बर्तन को तुरंत और पूरी तरह सुखाना। लॉज की सलाह है कि धोने के बाद बर्तन को रोएं न छोड़ने वाले कपड़े या पेपर टॉवल से तुरंत पोंछें, उसे हवा में सूखने के लिए न छोड़ें। भारतीय घरों में एक आसान तरीका यह भी है कि धोने के बाद कड़ाही या तवे को धीमी आंच पर एक-दो मिनट रख दें, ताकि बची हुई नमी भी उड़ जाए।
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तेल की पतली परत
सुखाने के बाद बर्तन के अंदर और बाहर खाना पकाने वाले तेल की बहुत पतली परत लगाएं। लॉज के अनुसार परत इतनी पतली होनी चाहिए कि बर्तन चिपचिपा न लगे। ज्यादा तेल लगाने से बर्तन चिपचिपा हो सकता है और उसमें धूल चिपक सकती है। कपड़े या पेपर टॉवल से तेल फैलाकर अतिरिक्त तेल पोंछ दें।
सीज़निंग क्या है और कैसे करें
सीज़निंग का मतलब है बर्तन की सतह पर तेल को गर्म करके एक सख्त परत बनाना। यह परत बर्तन को जंग से बचाती है और समय के साथ उसे कम चिपकने वाला बनाती है। लॉज की गाइड ओवन में सीज़निंग की सलाह देती है। भारतीय रसोई में जहां ओवन नहीं होता, वहां लोग पारंपरिक रूप से गैस पर सीज़निंग करते हैं:
- साफ और सूखे बर्तन पर अंदर-बाहर तेल की पतली परत लगाएं।
- बर्तन को धीमी से मध्यम आंच पर गर्म करें, जब तक तेल से हल्का धुआं न उठने लगे।
- आंच बंद कर बर्तन को ठंडा होने दें और अतिरिक्त तेल पोंछ दें।
- जरूरत हो तो यह प्रक्रिया दो-तीन बार दोहराएं।
गर्म तेल और धुएं के साथ काम करते समय रसोई में हवा आने दें और बच्चों को दूर रखें।
नियमित इस्तेमाल सबसे अच्छी सीज़निंग
लोहे के बर्तनों की देखभाल का सबसे आसान तरीका है उनका नियमित इस्तेमाल। हर बार तेल में खाना पकाने से सीज़निंग की परत मजबूत होती है। जो कड़ाही रोज इस्तेमाल होती है, उसमें जंग कम लगता है। अगर बर्तन लंबे समय तक इस्तेमाल न करना हो तो उसे तेल लगाकर सूखी जगह पर रखें।
जंग लग जाए तो क्या करें
लॉज की गाइड के अनुसार जंग लगने पर बर्तन फेंकने की जरूरत नहीं है:
- जंग वाली जगह को स्टील वूल या जूने से रगड़कर साफ करें।
- बर्तन को धोकर पूरी तरह सुखाएं।
- तेल की पतली परत लगाएं।
- ऊपर बताए तरीके से दोबारा सीज़निंग करें।
लोहे के बर्तन के फायदे
लोहे की कड़ाही और तवा मजबूत होते हैं और सही देखभाल से कई पीढ़ियों तक चल सकते हैं। इनमें गर्मी देर तक बनी रहती है, जिससे भूनने और सेंकने का काम अच्छी तरह होता है। समय के साथ बनी सीज़निंग की परत इन्हें कम चिपकने वाला बना देती है। इनमें कोई कोटिंग नहीं होती जो उखड़ जाए, इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए कई लोग इन्हें पसंद करते हैं।
नया लोहे का बर्तन खरीदने के बाद
बाजार से नया लोहे का बर्तन लाने पर उस पर अक्सर कारखाने का तेल या मोम की परत होती है। इसे पहली बार इस्तेमाल से पहले गर्म पानी और थोड़े साबुन से अच्छी तरह धो लें, पूरी तरह सुखाएं और फिर दो-तीन बार सीज़निंग करें। शुरुआती कुछ दिनों में इसमें तलने और भूनने वाले काम करें, ताकि सीज़निंग की परत मजबूत हो जाए।
किन बातों से बचें
- खट्टी चीजें, जैसे इमली या टमाटर वाली ग्रेवी, लंबे समय तक लोहे के बर्तन में न रखें। पकाने के बाद खाना दूसरे बर्तन में निकाल लें।
- बर्तन को सिंक में गीला न छोड़ें।
- बर्तन को नमी वाली जगह, जैसे सिंक के नीचे, रखने से बचें।
क्या लोहे की कड़ाही में साबुन लगा सकते हैं
लॉज के अनुसार थोड़ा साबुन इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं है। ध्यान बस इतना रखें कि धोने के बाद बर्तन तुरंत सुखाएं और तेल की पतली परत लगाएं।
जंग लगी कड़ाही दोबारा इस्तेमाल हो सकती है
हां, जंग रगड़कर साफ करने, धोने, सुखाने और दोबारा सीज़निंग करने के बाद बर्तन फिर इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्रोत: Lodge Cast Iron: How to Clean, Lodge Cast Iron: How to Season





