शतरंज का जन्म भारत में माना जाता है, जहां इसे चतुरंग के नाम से जाना जाता था। आज यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय दिमागी खेलों में है और भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में युवा ग्रैंडमास्टरों की सफलता से इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। शतरंज के अंतरराष्ट्रीय नियम विश्व शतरंज महासंघ FIDE तय करता है। अगर आप शतरंज खेलना शुरू कर रहे हैं, तो FIDE के नियमों के आधार पर ये बुनियादी बातें जान लें।
बिसात और मोहरे
शतरंज 8 x 8 यानी 64 खानों वाली बिसात पर खेला जाता है, जिसमें खाने बारी-बारी से हल्के और गहरे रंग के होते हैं। बिसात इस तरह रखी जाती है कि हर खिलाड़ी के दाएं कोने में हल्के रंग का खाना हो। हर खिलाड़ी के पास 16 मोहरे होते हैं: एक राजा, एक वजीर, दो हाथी, दो ऊंट, दो घोड़े और आठ प्यादे। सफेद मोहरों वाला खिलाड़ी पहली चाल चलता है।

मोहरों की चाल
- राजा: किसी भी दिशा में एक खाना।
- वजीर: सीधी, आड़ी और तिरछी दिशा में जितने खाने खाली हों।
- हाथी: सीधी और आड़ी दिशा में जितने खाने खाली हों।
- ऊंट: केवल तिरछी दिशा में, इसलिए वह हमेशा एक ही रंग के खानों पर रहता है।
- घोड़ा: अंग्रेजी के L आकार में चलता है और बीच के मोहरों को लांघ सकता है।
- प्यादा: आगे एक खाना चलता है, अपनी पहली चाल में दो खाने चल सकता है और तिरछा एक खाना आगे जाकर मोहरा मारता है।
चेक और चेकमेट
जब किसी चाल से विरोधी का राजा हमले में आ जाए, तो इसे चेक कहते हैं। चेक लगने पर खिलाड़ी को अगली चाल में अपने राजा को बचाना ही होगा, चाहे राजा को हटाकर, बीच में मोहरा लाकर या हमला करने वाले मोहरे को मारकर। FIDE के नियमों के अनुसार अगर राजा पर हमला है और उसे बचाने की कोई वैध चाल नहीं है, तो इसे चेकमेट कहते हैं और चेकमेट करने वाला खिलाड़ी जीत जाता है। चेकमेट होते ही खेल खत्म हो जाता है।
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स्टेलमेट: जब जीत ड्रॉ में बदल जाए
कई शुरुआती खिलाड़ी जीती हुई बाजी स्टेलमेट से ड्रॉ कर बैठते हैं। FIDE के अनुसार अगर जिस खिलाड़ी की चाल है उसके पास कोई वैध चाल नहीं है, लेकिन उसका राजा चेक में भी नहीं है, तो इसे स्टेलमेट कहते हैं और खेल ड्रॉ हो जाता है। इसलिए जब विरोधी के पास बहुत कम मोहरे बचे हों, तो ध्यान रखें कि उसके राजा के पास चलने की जगह बची रहे, जब तक आप चेकमेट न कर दें।
कैसलिंग
कैसलिंग शतरंज की एक खास चाल है, जिसमें राजा और हाथी एक साथ चलते हैं। इसमें राजा अपने हाथी की ओर दो खाने चलता है और हाथी राजा को लांघकर उसके बगल वाले खाने पर आ जाता है। इसकी शर्तें हैं:
- राजा और वह हाथी पहले कभी न चले हों।
- राजा और हाथी के बीच कोई मोहरा न हो।
- राजा उस समय चेक में न हो, न ही वह किसी ऐसे खाने से गुजरे या ऐसे खाने पर पहुंचे जिस पर विरोधी का हमला हो।
कैसलिंग से राजा सुरक्षित जगह पहुंचता है और हाथी खेल में आ जाता है।
एन पासां
यह प्यादे से जुड़ा एक खास नियम है। अगर विरोधी का प्यादा अपनी पहली चाल में दो खाने चलकर आपके प्यादे के ठीक बगल में आ जाए, तो आपका प्यादा उसे ऐसे मार सकता है जैसे उसने सिर्फ एक खाना चला हो। लेकिन यह मौका सिर्फ तुरंत अगली चाल में मिलता है। बाद में यह अधिकार खत्म हो जाता है।
प्यादे का प्रमोशन
जब कोई प्यादा बिसात के आखिरी खाने तक पहुंच जाता है, तो उसे उसी चाल में वजीर, हाथी, ऊंट या घोड़े में बदलना होता है। ज्यादातर खिलाड़ी वजीर चुनते हैं, क्योंकि वह सबसे ताकतवर मोहरा है।
टच-मूव नियम
औपचारिक प्रतियोगिताओं में टच-मूव नियम लागू होता है। FIDE के अनुसार अगर खिलाड़ी जानबूझकर अपना कोई मोहरा छूता है, तो उसे वही मोहरा चलना होगा, बशर्ते उसकी कोई वैध चाल हो। विरोधी का मोहरा छूने पर, अगर संभव हो, उसे मारना होगा। अगर किसी मोहरे को सिर्फ खाने में ठीक से रखना हो, तो पहले जादूब यानी मैं ठीक कर रहा हूं जैसा संकेत देना होता है।
ड्रॉ के दूसरे तरीके
स्टेलमेट के अलावा खेल ड्रॉ होने के और भी तरीके हैं:
- दोनों खिलाड़ी आपसी सहमति से ड्रॉ मान लें।
- एक ही स्थिति तीन बार दोहराई जाए तो खिलाड़ी ड्रॉ का दावा कर सकता है।
- 50 चाल नियम: अगर दोनों खिलाड़ियों की पिछली 50-50 चालों में न कोई प्यादा चला और न कोई मोहरा मारा गया, तो ड्रॉ का दावा किया जा सकता है।
- जब किसी के पास चेकमेट करने लायक मोहरे ही न बचें, जैसे सिर्फ दोनों राजा बचें।
शतरंज में पहली चाल कौन चलता है
हमेशा सफेद मोहरों वाला खिलाड़ी पहली चाल चलता है।
क्या राजा को मारा जा सकता है
नहीं। राजा को कभी मारा नहीं जाता। जब उसे बचाने की कोई वैध चाल न बचे, तो चेकमेट हो जाता है और खेल खत्म हो जाता है।
स्रोत: FIDE Handbook: Laws of Chess, FIDE: Laws of Chess (PDF)





