भारतीय सिनेमा में किसी कलाकार या फिल्मकार को मिलने वाला सबसे बड़ा सरकारी सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार है। यह किसी एक फिल्म के लिए नहीं, बल्कि सिनेमा के विकास में पूरे जीवन के योगदान के लिए दिया जाता है। हाल ही में 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया में हुए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। सरकार ने 16 सितंबर 2026 को पत्र सूचना कार्यालय यानी PIB के जरिये इसकी घोषणा की थी। आइए समझते हैं कि यह पुरस्कार क्या है, किसके नाम पर है और कैसे दिया जाता है।
दादासाहेब फाल्के कौन थे
दादासाहेब फाल्के का पूरा नाम धुंडिराज गोविंद फाल्के था। उन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है। PIB के अनुसार उन्होंने भारत की पहली पूर्ण लंबाई की फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था, जो 1913 में बनी। यह एक मूक फिल्म थी, क्योंकि तब तक फिल्मों में आवाज नहीं आई थी। फाल्के ने उस दौर में फिल्म निर्माण की लगभग हर जिम्मेदारी खुद उठाई और भारत में फिल्म उद्योग की नींव रखी। उनके इसी योगदान को याद रखने के लिए भारत सरकार ने उनके नाम पर यह पुरस्कार शुरू किया।

कब शुरू हुआ पुरस्कार और पहली विजेता कौन थीं
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई। पहला पुरस्कार अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया। देविका रानी को हिंदी सिनेमा की शुरुआती बड़ी अभिनेत्रियों में गिना जाता है। 1969 को इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि यह दादासाहेब फाल्के की जन्मशती का साल था, उनका जन्म 1870 में हुआ था। तब से यह सम्मान हर साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ दिया जाता है।
पुरस्कार में क्या मिलता है
PIB की 16 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति के मुताबिक इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और नकद राशि दी जाती है। स्वर्ण कमल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का सबसे ऊंचा पदक माना जाता है। नकद राशि समय-समय पर संशोधित होती रही है, इसलिए ताजा राशि के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के नियम देखने चाहिए। पुरस्कार उन हस्तियों को दिया जाता है जिनका भारतीय सिनेमा के विकास और प्रगति में उत्कृष्ट योगदान रहा हो।
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विजेता का चयन कैसे होता है
यह पुरस्कार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का हिस्सा है। विजेता का चयन एक चयन समिति करती है, जिसमें फिल्म जगत की जानी-मानी हस्तियां शामिल होती हैं। समिति की सिफारिश के आधार पर भारत सरकार विजेता के नाम की घोषणा करती है। आमतौर पर यह पुरस्कार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति के हाथों दिया जाता है। पुरस्कार किसी भी भाषा के सिनेमा से जुड़े व्यक्ति को मिल सकता है, चाहे वह अभिनेता हो, निर्देशक, निर्माता, गायक, संगीतकार या तकनीशियन।
ताजा विजेता अनंत नाग के बारे में
PIB के अनुसार अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में हुआ। उन्होंने कन्नड़ फिल्म संकल्प से अभिनय की शुरुआत की और हिंदी में उनकी पहली फिल्म अंकुर थी। पांच दशक से लंबे करियर में उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी की 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। टीवी धारावाहिक मालगुडी डेज में भी उनका काम याद किया जाता है।
विज्ञप्ति के मुताबिक अनंत नाग पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और कर्नाटक राज्य के पांच सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार जीत चुके हैं। 2025 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। सिनेमा के अलावा वे 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और 1994 से 1999 तक विधायक रहे। इस दौरान वे बेंगलुरु शहरी विकास के राज्य मंत्री भी रहे।
पिछले साल किसे मिला था
PIB और राष्ट्रपति भवन की जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दिया गया था। इस तरह लगातार दो साल दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े अभिनेताओं को यह सम्मान मिला है।
क्यों अहम है यह सम्मान
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान इसलिए माना जाता है क्योंकि यह किसी एक साल के काम के बजाय पूरे करियर और सिनेमा पर पड़े असर को देखता है। इसके विजेताओं में अभिनेता, निर्देशक, गायक और संगीतकार सभी शामिल रहे हैं। यह पुरस्कार यह भी दिखाता है कि भारतीय सिनेमा सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं है। कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगु, बंगाली और मराठी सिनेमा की हस्तियों को भी यह सम्मान मिला है।
निजी अवॉर्ड्स से भ्रम न करें
दादासाहेब फाल्के के नाम पर कुछ निजी संस्थाएं भी अवॉर्ड देती हैं। इन्हें सरकारी दादासाहेब फाल्के पुरस्कार समझने की गलती अक्सर हो जाती है। असली पुरस्कार भारत सरकार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के तहत देती है और इसकी घोषणा PIB या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के जरिये होती है। किसी भी दावे की पुष्टि के लिए फिल्म महोत्सव निदेशालय या PIB की वेबसाइट देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कौन देता है
यह पुरस्कार भारत सरकार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के तहत देती है। चयन समिति की सिफारिश पर विजेता की घोषणा होती है।
पहला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसे मिला था
पहला पुरस्कार 1969 में अभिनेत्री देविका रानी को मिला था।
भारत की पहली फीचर फिल्म कौन सी थी
दादासाहेब फाल्के निर्देशित राजा हरिश्चंद्र, जो 1913 में बनी, भारत की पहली पूर्ण लंबाई की फीचर फिल्म मानी जाती है।
स्रोत: PIB: Dadasaheb Phalke Award 2024 to Anant Nag (16 Sep 2026), Directorate of Film Festivals: Dada Saheb Phalke Award





