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ठेकुआ रेसिपी: छठ के प्रसाद के लिए गेहूं के आटे, गुड़ और घी से खस्ता ठेकुआ बनाने का पारंपरिक तरीका BREAKING: सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिरासत के 24 घंटे की गिनती वास्तविक समय से शुरू होगी WAVES OTT by Prasar Bharati: What the Public Broadcaster’s Streaming App Offers प्रोटेम स्पीकर क्या होता है: नई लोकसभा में सांसदों को कौन दिलाता है शपथ, अनुच्छेद 95 और वरिष्ठता की परंपरा LIVE: अफगानिस्तान बनाम जिम्बाब्वे पहला टेस्ट, जिम्बाब्वे 15/0 (5.5 ओवर) गोधन कूटना: भाई दूज पर बिहार और पूर्वी यूपी की अनोखी परंपरा, बजरी, श्राप देने की रस्म और कथा Joint Sitting of Parliament Explained: Article 108, When It Is Called and the Three Times It Happened BREAKING: Anshul Kamboj wins Player of the Match with two wickets in Auckland ODI victory
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ठेकुआ रेसिपी: छठ के प्रसाद के लिए गेहूं के आटे, गुड़ और घी से खस्ता ठेकुआ बनाने का पारंपरिक तरीका

छठ के सूप में ठेकुआ सबसे जरूरी प्रसाद है। जानिए गुड़ की चाशनी या घोल से आटा गूंथने का पारंपरिक तरीका, सांचे से डिजाइन, धीमी आंच पर तलने का राज, और प्रसाद बनाते समय शुद्धता के नियम।

छठ प्रसाद के लिए ठेकुआ बनाने की रेसिपी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • ठेकुआ के बिना छठ का सूप अधूरा माना जाता है। गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बनी यह मिठाई कई दिन तक खराब नहीं होती, इसलिए छठ के बाद इसे दूर रहने वाले रिश्तेदारों को भी भेजा जाता है।
  • 1. गुड़ को तोड़कर आधे कप पानी में धीमी आंच पर घोलें
  • 3. गुनगुना गुड़ का घोल थोड़ा-थोड़ा डालकर सख्त आटा गूंथें
  • पूरी तरह ठंडा होने पर एयरटाइट डिब्बे में रखें। ठेकुआ कई दिन तक ठीक रहता है, क्योंकि इसमें नमी कम होती है।

ठेकुआ के बिना छठ का सूप अधूरा माना जाता है। गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बनी यह मिठाई कई दिन तक खराब नहीं होती, इसलिए छठ के बाद इसे दूर रहने वाले रिश्तेदारों को भी भेजा जाता है। इस बार संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को है, और ठेकुआ आमतौर पर अर्घ्य वाले दिन सुबह बनाया जाता है। जानिए ठेकुआ रेसिपी।

सामग्री

  • गेहूं का आटा: 2 कप
  • गुड़: लगभग पौन कप, स्वाद के अनुसार
  • पानी: आधा कप, गुड़ घोलने के लिए
  • घी: 3 से 4 बड़े चम्मच मोयन के लिए
  • सूखा नारियल, कद्दूकस: 2 बड़े चम्मच
  • सौंफ: 1 छोटा चम्मच
  • इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
  • घी या तेल: तलने के लिए

प्रसाद में कई परिवार सूजी या मैदा नहीं मिलाते। अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री रखें।

मुख्य बातें: छठ प्रसाद के लिए ठेकुआ बनाने की रेसिपी का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

गुड़ का घोल

1. गुड़ को तोड़कर आधे कप पानी में धीमी आंच पर घोलें

2. पूरी तरह घुलने पर आंच बंद करें, चाशनी नहीं बनानी है

3. घोल को छानकर गुनगुना होने तक ठंडा करें

आटा गूंथना

1. आटे में मोयन का घी डालकर हाथों से अच्छी तरह मसलें, मुट्ठी में दबाने पर आटा बंधने लगे

2. नारियल, सौंफ और इलायची मिलाएं

3. गुनगुना गुड़ का घोल थोड़ा-थोड़ा डालकर सख्त आटा गूंथें

4. आटा पूरी जैसा नरम नहीं, उससे सख्त होना चाहिए

5. 10 से 15 मिनट ढककर रखें

यह भी पढ़ें: छठ पूजा सामग्री: सूप, दउरा, ठेकुआ, फल और अर्घ्य की पूरी सूची, 13 से 16 नवंबर के चार दिन की तैयारी | खरना का प्रसाद: छठ के दूसरे दिन गुड़ की खीर और रोटी कैसे बनती है, नियम, पूजा और 36 घंटे के व्रत की शुरुआत

आकार देना

  • आटे की छोटी लोई बनाकर हथेली पर हल्का चपटा करें
  • ठेकुआ के लकड़ी के सांचे पर रखकर दबाएं, ताकि डिजाइन आ जाए
  • सांचा न हो तो कांटे से डिजाइन बनाएं
  • मोटाई बहुत ज्यादा न रखें, नहीं तो अंदर से कच्चा रहेगा

तलने का तरीका

1. कड़ाही में घी या तेल मध्यम आंच पर गर्म करें

2. ठेकुआ डालें और आंच धीमी-मध्यम रखें

3. दोनों ओर से गहरा सुनहरा-भूरा होने तक तलें

4. तेज आंच पर बाहर जल्दी भूरा हो जाता है और अंदर कच्चा रहता है

5. निकालकर ठंडा होने दें, ठंडा होने पर खस्ता हो जाता है

स्टोर करना

पूरी तरह ठंडा होने पर एयरटाइट डिब्बे में रखें। ठेकुआ कई दिन तक ठीक रहता है, क्योंकि इसमें नमी कम होती है।

प्रसाद के नियम

  • प्रसाद बनाने से पहले स्नान और रसोई की सफाई
  • पहले से इस्तेमाल हुआ तेल न लें
  • प्रसाद बनाते समय चखा नहीं जाता
  • प्याज-लहसुन वाले बर्तन अलग रखें

आम गलतियां

  • आटा नरम हो तो ठेकुआ तेल सोखकर नरम बनता है
  • गुड़ बहुत ज्यादा हो तो जल्दी जलता है
  • मोयन कम हो तो ठेकुआ सख्त बनता है

क्या ठेकुआ ओवन में बन सकता है?

प्रसाद के लिए परंपरा में तला हुआ ठेकुआ ही बनता है। घर पर खाने के लिए कुछ लोग इसे बेक भी करते हैं।

ठेकुआ भेजना हो तो

छठ के बाद दूर रहने वाले रिश्तेदारों को ठेकुआ भेजना हो तो इसे पूरी तरह ठंडा करके एयरटाइट डिब्बे में पैक करें। सूखा होने के कारण यह कूरियर में भी आसानी से खराब नहीं होता।

स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI): Eat Right India। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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