दिवाली पर घरों को झालर और सजावटी लाइटों से रोशन करने का चलन बढ़ा है। लेकिन सस्ती झालर, कमजोर तार और एक ही बोर्ड पर कई प्लग लगाने से शॉर्ट सर्किट, आग और करंट लगने का खतरा रहता है। लक्ष्मी पूजा इस बार 8 नवंबर को है और ज्यादातर लोग अगले कुछ दिनों में लाइट लगाएंगे। जानिए दिवाली झालर लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें।
सही झालर चुनें
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानक वाले, ISI मार्क वाले बिजली उत्पादों को प्राथमिकता दें
- बहुत सस्ती, बिना ब्रांड की झालर के तार पतले और कमजोर हो सकते हैं
- LED झालर कम गर्म होती है और बिजली भी कम खाती है
- बाहर लगाने के लिए आउटडोर या वाटरप्रूफ लिखी लाइट लें

पुरानी लाइट की जांच
पिछले साल की झालर निकालें तो पहले देखें:
- तार कहीं से कटा, छिला या पिघला तो नहीं
- प्लग ढीला या टूटा तो नहीं
- बल्ब के होल्डर में पानी या जंग तो नहीं
खराब झालर को टेप लगाकर दोबारा इस्तेमाल न करें।
एक्सटेंशन बोर्ड का सही इस्तेमाल
- एक सॉकेट में कई अडैप्टर लगाकर प्लग न ठूंसें
- एक बोर्ड पर हीटर, प्रेस या माइक्रोवेव जैसे ज्यादा बिजली वाले उपकरण झालर के साथ न लगाएं
- बोर्ड फ्यूज या स्विच वाला हो
- बोर्ड और तार को गलीचे के नीचे या दरवाजे के बीच से न निकालें
- बोर्ड गर्म हो रहा हो तो तुरंत प्लग निकालें
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बाहर और बालकनी में
- तार को लोहे की ग्रिल पर सीधे न लपेटें, बीच में प्लास्टिक क्लिप या रस्सी इस्तेमाल करें
- जोड़ खुले न छोड़ें, अच्छी इंसुलेशन टेप लगाएं
- बारिश या ओस से बचाने के लिए प्लग वाले जोड़ को ढककर रखें
- पेड़ों पर लाइट लगाते समय बिजली के खंभे और तारों से दूर रहें
- ऊंचाई पर लगाते समय मजबूत सीढ़ी और साथ में किसी को रखें
घर की वायरिंग
घर में MCB और RCCB लगे हों तो करंट और शॉर्ट सर्किट से बचाव बेहतर होता है। बार-बार MCB ट्रिप हो, तो भार कम करें और इलेक्ट्रीशियन से जांच कराएं।
आग से बचाव
- झालर को पर्दों, कागज की सजावट और सूखे पत्तों से दूर रखें
- दीये और मोमबत्ती झालर के पास न रखें
- सोने से पहले और घर से बाहर जाते समय लाइट बंद करें, या टाइमर लगाएं
- घर में अग्निशामक यंत्र हो तो उसकी जगह सबको पता हो
बच्चों और पालतू जानवरों का ध्यान
तार और बोर्ड बच्चों की पहुंच से दूर रखें। पालतू जानवर तार चबा सकते हैं, इसलिए तार ऊंचाई पर रखें।
करंट लगे तो क्या करें?
सबसे पहले मेन स्विच बंद करें। व्यक्ति को सीधे हाथ से न छुएं, सूखी लकड़ी जैसी चीज से अलग करें और तुरंत 112 या नजदीकी अस्पताल से मदद लें।
बिल का भी ध्यान
झालर कई दिन तक हर शाम कई घंटे जलती है। LED लाइट और टाइमर से बिजली का बिल भी कम रहता है और सुरक्षा भी बढ़ती है।
स्रोत: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), दिल्ली अग्निशमन सेवा। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





