भारत में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। यह दिन डॉ. वर्गीज कुरियन की जयंती है, जिन्हें भारत में श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है। उनके नेतृत्व में सहकारी डेयरी आंदोलन ने देश को दूध की कमी वाले देश से दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में बदल दिया। इंडियन डेयरी एसोसिएशन की जानकारी के अनुसार देशभर में यह दिवस पहली बार 2014 में मनाया गया था।
कौन थे वर्गीज कुरियन
डॉ. वर्गीज कुरियन का जन्म 26 नवंबर 1921 को केरल के कोझिकोड में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अमेरिका से डेयरी इंजीनियरिंग से जुड़ी उच्च शिक्षा ली। लौटकर उन्हें गुजरात के आणंद में सरकारी क्रीमरी में काम मिला। वहीं उनकी मुलाकात सहकारी आंदोलन के नेता त्रिभुवनदास पटेल से हुई, जो खेड़ा जिले के दूध उत्पादकों का सहकारी संघ चला रहे थे। कुरियन इस आंदोलन से जुड़ गए और यहीं से अमूल की कहानी शुरू हुई।

आणंद मॉडल क्या है
आणंद मॉडल में तीन स्तर की सहकारी व्यवस्था होती है:
- गांव स्तर पर दूध उत्पादक सहकारी समिति, जहां किसान रोज दूध देते हैं
- जिला स्तर पर दूध संघ, जो दूध की प्रोसेसिंग और बिक्री करता है
- राज्य स्तर पर फेडरेशन, जो मार्केटिंग संभालता है
इस मॉडल में दूध का मालिकाना हक किसानों के पास रहता है और मुनाफा भी उन्हीं तक पहुंचता है। बिचौलियों की भूमिका कम होती है और दूध की गुणवत्ता के आधार पर भुगतान होता है।
अमूल की कहानी
खेड़ा जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ ने आगे चलकर अमूल ब्रांड के नाम से दूध और दूध से बने उत्पाद बेचने शुरू किए। उस समय बड़े शहरों में दूध की आपूर्ति पर निजी कारोबारियों का दबदबा था और किसानों को उचित दाम नहीं मिलता था। सहकारी संघ ने सीधे किसानों से दूध खरीदकर उसकी प्रोसेसिंग की और शहरों तक पहुंचाया। कुरियन की टीम ने भैंस के दूध से पाउडर बनाने की तकनीक विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाई, जो उस समय दुनिया में आम तौर पर गाय के दूध से बनाया जाता था। इससे भारत की डेयरी को आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिली। आज अमूल देश के सबसे पहचाने जाने वाले ब्रांड में है और इसका मॉडल कई राज्यों की सहकारी डेयरियों ने अपनाया।
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ऑपरेशन फ्लड
आणंद मॉडल की सफलता देखकर केंद्र सरकार ने 1965 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड यानी NDDB बनाया और कुरियन इसके अध्यक्ष बने। NDDB ने 1970 में ऑपरेशन फ्लड शुरू किया, जिसे दुनिया के सबसे बड़े डेयरी विकास कार्यक्रमों में गिना जाता है। इसके तहत देशभर में दूध उत्पादक सहकारी समितियां बनाई गईं, गांवों को शहरों के बाजार से जोड़ा गया और दूध के भंडारण व परिवहन का नेटवर्क तैयार हुआ। इसी को श्वेत क्रांति कहा जाता है।
कुरियन को मिले सम्मान
कुरियन को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। उन्हें 1963 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, 1989 में विश्व खाद्य पुरस्कार और 1999 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका निधन 9 सितंबर 2012 को हुआ। उनकी आत्मकथा आई टू हैड अ ड्रीम उनके सफर की कहानी कहती है।
भारत का दूध उत्पादन
PIB की ओर से जारी बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी के अनुसार 2024-25 में देश में दूध उत्पादन 247.87 मिलियन टन अनुमानित है, जबकि 2023-24 में यह 239.30 मिलियन टन था। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना हुआ है। देश में करोड़ों छोटे और सीमांत किसान, भूमिहीन परिवार और महिलाएं डेयरी से आजीविका कमाते हैं।
डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
- डेयरी खेती के साथ सबसे बड़ा सहायक व्यवसाय है
- इससे किसानों को रोज या हर हफ्ते नकद आय मिलती है
- दूध उत्पादन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है
- गोबर से खाद और बायोगैस भी मिलती है
- सहकारी समितियां गांव में पशु चिकित्सा और चारे की सुविधा भी देती हैं
सरकारी योजनाएं
केंद्र सरकार पशुपालन और डेयरी के लिए कई योजनाएं चलाती है, जैसे राष्ट्रीय गोकुल मिशन, जिसका मकसद देसी नस्लों का संरक्षण और विकास है, और राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम। पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये भी कर्ज की सुविधा दी गई है। योजनाओं की ताजा जानकारी पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वेबसाइट पर मिलती है।
चुनौतियां
भारत में दूध का कुल उत्पादन तो बहुत ज्यादा है, पर प्रति पशु उत्पादकता कई देशों से कम है। चारे की कमी, पशुओं की बीमारियां, मिलावट और गर्मी का असर बड़ी चुनौतियां हैं। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे भरोसेमंद स्रोत से दूध लें और मिलावट की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।
राष्ट्रीय दुग्ध दिवस और विश्व दुग्ध दिवस में क्या अंतर है
राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर को भारत में मनाया जाता है, जबकि विश्व दुग्ध दिवस 1 जून को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की पहल पर दुनियाभर में मनाया जाता है।
श्वेत क्रांति किसे कहते हैं
ऑपरेशन फ्लड के जरिये देश में दूध उत्पादन में आई तेज बढ़ोतरी को श्वेत क्रांति कहा जाता है।
स्रोत: PIB: National Milk Day, NDDB: Dr. Verghese Kurien, PIB: Basic Animal Husbandry Statistics





