भारत के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट जगत में अपनी बादशाहत साबित की है। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए इस मैच में कोहली ने 74 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसकी मदद से उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के एक बड़े विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इस उपलब्धि के साथ ही कोहली अब वनडे क्रिकेट के इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

रन चेज के नए बादशाह बने विराट कोहली
एकदिवसीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन विराट कोहली ने इस क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 नवंबर को खेले गए मुकाबले में अपनी 74 रनों की पारी के दौरान कोहली ने रन चेज में अपने कुल रनों की संख्या 8741 तक पहुंचा दी। इससे पहले यह विश्व कीर्तिमान सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने अपने करियर के दौरान लक्ष्य का पीछा करते हुए 8720 रन बनाए थे। कोहली ने अब सचिन को 21 रनों से पीछे छोड़ दिया है।
सांख्यिकीय दृष्टि से देखा जाए तो कोहली ने यह मुकाम सचिन तेंदुलकर की तुलना में काफी कम पारियों में हासिल किया है। विराट कोहली ने 180 मैचों की 169 पारियों में 8741 रन बनाए हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर को 8720 रनों तक पहुंचने के लिए 242 मैचों की 232 पारियों का सहारा लेना पड़ा था। औसत के मामले में भी कोहली का प्रदर्शन अद्वितीय रहा है: रन चेज के दौरान उनका औसत 66.21 का है, जो सचिन तेंदुलकर के 42.33 के औसत से काफी अधिक है।
स्ट्राइक रेट और शतकों के मामले में भी कोहली ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली का स्ट्राइक रेट 95.03 रहा है, जबकि सचिन का स्ट्राइक रेट 88.44 था। कोहली ने रन चेज के दौरान अब तक 30 शतक और 46 अर्धशतक जड़े हैं। इसके विपरीत, सचिन तेंदुलकर ने इस स्थिति में 17 शतक और 52 अर्धशतक अपने नाम किए थे। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कोहली ने दबाव की स्थितियों में भारतीय टीम के लिए कितनी निरंतरता के साथ रन बनाए हैं।
नंबर तीन पर बल्लेबाजी का ऐतिहासिक कीर्तिमान
विराट कोहली ने इस मैच में केवल रन चेज का ही रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि वह नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 13,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं। मैच शुरू होने से पहले उन्हें इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल 12 रनों की आवश्यकता थी। जैसे ही उन्होंने अपनी पारी का 12वां रन लिया, उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। वर्तमान में कोहली के नाम नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 251 पारियों में 13,062 रन दर्ज हैं।
कोहली के समग्र वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 318 मैचों की 306 पारियों में कुल 15,183 रन बना लिए हैं। ऑकलैंड में खेली गई 74 रनों की पारी उनके करियर का 80वां वनडे अर्धशतक था। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की भी बराबरी कर ली है। अब पोंटिंग और कोहली दोनों के नाम न्यूजीलैंड के विरुद्ध वनडे में 1,971 रन दर्ज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर 1,750 रनों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
विदेशी जमीन पर 50वीं बार पचास से अधिक का स्कोर
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस पारी के माध्यम से कोहली ने एक और विशिष्ट उपलब्धि हासिल की। यह विदेशी जमीन पर उनका 50वां अवसर था जब उन्होंने 50 या उससे अधिक रनों की पारी खेली। अपने 128वें विदेशी वनडे मैच में उन्होंने यह मुकाम पाया। विदेशी पिचों पर उनके नाम अब 21 शतक और 29 अर्धशतक हो गए हैं। यह प्रदर्शन उनकी तकनीक और विभिन्न परिस्थितियों में ढलने की क्षमता को उजागर करता है।
यह मुकाबला कोहली के लिए व्यक्तिगत रूप से भी खास था क्योंकि यह उनके 38वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले खेला गया था। 5 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाले कोहली ने इस रिकॉर्ड तोड़ पारी के साथ अपने प्रशंसकों को समय से पहले ही जश्न मनाने का बड़ा अवसर प्रदान किया। ईडन पार्क में उनकी इस पारी ने भारतीय टीम की जीत की नींव रखी और श्रृंखला की सकारात्मक शुरुआत सुनिश्चित की।
भारतीय गेंदबाजों का दबदबा और मैच का परिणाम
मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई। अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार और अंशुल कंबोज की तिकड़ी ने कीवी बल्लेबाजों पर कड़ा शिकंजा कसा। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 185 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 70 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट लिए। गुरनूर बरार ने 44 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जबकि अंशुल कंबोज ने 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
न्यूजीलैंड की ओर से टिम सीफर्ट ने 38 रन और ग्लेन फिलिप्स ने 30 रनों का योगदान दिया। अंत में ब्लेयर टिकनर ने 23 गेंदों पर 34 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल थे, लेकिन वह अपनी टीम को 200 के पार नहीं ले जा सके। बारिश के कारण मैच बाधित हुआ और भारत को डकवर्थ लुईस स्टर्न (DLS) नियम के तहत 32 ओवर में 143 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही, लेकिन शुभमन गिल और विराट कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की मजबूत साझेदारी की। गिल ने 37 रनों का योगदान दिया। हालांकि अंत में कुछ विकेट जल्दी गिरे, लेकिन भारत ने 22.4 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अंशुल कंबोज को उनकी किफायती और प्रभावी गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अगला मुकाबला शनिवार, 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा।
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